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3 अक्टूबर राशिफल: गुरुवार को एक साथ बन रहे है कई दुर्लभ योग, इन राशियों को मिलेगा विशेष लाभ
रिलीज़ की तारीख:2022-10-08 03:07:09
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अक्टूबरराशिफलगुरुवारकोएकसाथबनरहेहैकईदुर्लभयोगइनराशियोंकोमिलेगाविशेषलाभGST में कंपोजिशन स्कीम के तहत सिर्फ 1% टैक्स का नोटिफिकेशन जारी, छोटे कारोबारियों को राहत******सरकार ने माल एवं सेवा कर (GST) के तहत एकीकृत (कम्पोजिशन) योजना का विकल्प चुनने वाले विनिर्माताओं के लिए एक प्रतिशत की निचली GST दर अधिसूचित की है। इसके अलावा इस विकल्प को अपनाने वाले व्यापारियों के लिए भी नियमों को सुगम किया गया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली की अगुवाई वाली जीएसटी परिषद ने नवंबर, 2017 में हुई बैठक में इन बदलावों का फैसला किया था। वित्त मंत्रालय ने अब इन बदलावों को अधिसूचित कर दिया है। अधिसूचना के तहत कम्पोजिशन योजना का विकल्प चुनने वाले विनिर्माताओं को अब एक प्रतिशत जीएसटी देना होगा। पहले यह दर दो प्रतिशत थी। इसके अलावा इस योजना को चुनने वाले व्यापारियों को अपनी करयोग्य आपूर्ति के कारोबार पर एक प्रतिशत की दर से कर देना होगा। अभी तक उन्हें कुल कारोबार पर यह कर देना होता था। इसमें छूट वाली आपूर्ति मसलन फलों, सब्जियों का कारोबार भी शामिल था। करीब 15 लाख कंपनियों या इकाइयों ने कम्पोजिशन योजना के विकल्प को चुना है। इसमें उन्हें कर का भुगतान रियायती दर पर करने की अनुमति होती है और साथ ही जीएसटी के तहत अनुपालन भी आसान होता है।कुल 90 लाख कंपनियां या इकाइयां जीएसटी के तहत पंजीकृत हैं। नियमित करदाता को जहां मासिक आधार पर कर देना होता है वहीं कम्पोजिशन योजना को चुनने वाले आपूर्तिकर्ता को सिर्फएक रिटर्न दाखिल करना होता है। उन्हें कर का भुगतान तिमाही आधार पर करना होता है। इसके अलावा कम्पोजिशन करदाता को सामान्य करदाता की तरह विस्तृत रिकार्ड रखने की भी जरूरत नहीं होती। कम्पोजिशन योजना का विकल्प ऐसे विनिर्माताओं, रेस्तरां और व्यापारियों के लिए जिनका कारोबार 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं है।

अक्टूबरराशिफलगुरुवारकोएकसाथबनरहेहैकईदुर्लभयोगइनराशियोंकोमिलेगाविशेषलाभएशियन गेम्स 2018: नौकायन में भारत को मिला पहला गोल्ड मेडल****** भारत को 18वें एशियाई खेलों में छठे दिन शुक्रवार को नौकायन स्पर्धा से पहला स्वर्ण पदक हासिल हुआ। स्वर्ण सिंह, भोनाकल दत्तू, ओम प्रकाश और सुखमीत सिह की टीम ने नौकायन मेंपुरुषों की क्वाड्रपल स्कल्स टीम स्पर्धा का स्वर्ण अपने नाम किया।भारतीय टीम ने फाइनल में 6 मिनट और 17.13 सेकेंड का समय लेकर पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने भारत की झोली में गिरा छठा स्वर्ण पदक है। इस स्पर्धा का रजत पदक इंडोनेशिया और कांस्य पदकथाईलैंड ने जीता। इसी स्पर्धा में भारत को शुक्रवार को दो कांस्य पदक भी हासिल हुए हैं।अक्टूबरराशिफलगुरुवारकोएकसाथबनरहेहैकईदुर्लभयोगइनराशियोंकोमिलेगाविशेषलाभरोहित शेखर तिवारी मर्डर केस: कोर्ट ने अपूर्व तिवारी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा******दिल्ली की साकेत कोर्ट द्वारा अपूर्व तिवारी ( की पत्नी) को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।रोहित शेखर तिवारी की हत्या मामले में गिरफ्तार की गई उनकी पत्नी एवं वकील अपूर्वा अजीब व्यवहार कर रही हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि कभी वह अपनी हरकत पर पछतावा जताती हैं और कभीघटना के बारे में एकदम उदासीन प्रतीत होती हैं। अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि चार दिन तक चली गहन पूछताछ के दौरान वह एक बार भी नहीं टूटी लेकिन ऐसा लगता है कि वह 15-16 अप्रैल की रातको तिवारी का गला घोंटने को लेकर अब पछतावे में हैं। अपूर्वा ने यह भी दावा किया कि तिवारी की मां उज्ज्वला अक्सर उनके बीच दखल देती थी और इससे दंपति के रिश्ते पर असर पड़ा। तिवारी की जिस रातहत्या हुई, उस दिन वह और अपूर्वा डिफेंस कॉलोनी स्थित अपने घर के कमरे में थे। उस दौरान तिवारी की उसकी भाभी से निकटता को लेकर उनके बीच झगड़ा हुआ।अधिकारी ने कहा, ‘‘उसने अपने पति से कहा कि उसे उसकी भाभी के साथ उसकी नजदीकी और उनका साथ शराब पीना पसंद नहीं है। तिवारी ने यह कहते हुए उसे चिढ़ाया कि जब वह उत्तराखंड से लौट रहा थातो उसने और उसकी भाभी ने एक ही गिलास में शराब पी। इससे अपूर्वा को गुस्सा आ गया। उसने उसकी गर्दन पकड़ ली और जब उसने चिल्लाने की कोशिश की तो उसने तकिये से उसका गला दबा दिया।’’ इसबीच, पुलिस सूत्रों ने दावा किया कि अपराध शाखा को इंदौर जिला बार एसोसिएशन का 22 अप्रैल को लिखा एक पत्र मिला है। इसमें पुलिस विभाग से अनुरोध किया गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएऔर अपूर्वा को फंसाया ना जाए। पत्र में यह भी कहा गया है कि अपूर्वा को इसलिए फंसाया गया होगा क्योंकि तिवारी परिवार उसे अपनी जायदाद में कोई हिस्सा नहीं देना चाहता।सूत्रों ने बताया कि हालांकि परिवार ने दावा किया कि यह पत्र अपूर्वा के पिता की ओर से लिखा गया है जो इंदौर में जाने-माने वकील हैं और बार एसोसिएशन में ऊंचे पद पर हैं। पुलिस ने तिवारी के डिफेंस कॉलोनीआवास के लैंडलाइन नंबर की जानकारियां मांगी है। उन्होंने अपूर्वा के नाखून के नमूने भी लिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या लड़ाई के दौरान तिवारी की त्वचा नाखूनों में फंसी थी या वहां कोई अन्यडीएनए मौजूद था। हालांकि सूत्रों ने बताया कि कोई सुराग मिलने की संभावना कम है क्योंकि नमूने हत्या के कुछ दिनों बाद लिए गए। इस मामले की पहले छानबीन करने वाली दक्षिण जिला पुलिस ने तिवारी कोमृत घोषित किए जाने के बाद 16 अप्रैल को कमरा सील कर दिया था। शुरुआत में ऐसा संदेह था कि उनकी मौत स्वाभाविक कारणों से हुई, लेकिन पोस्टमार्टम में यह साफ हो गया कि उनकी तकिये से ‘‘गलाघोंटकर’’ हत्या की गई।पुलिस ने बताया कि अपूर्वा देर रात करीब एक बजे तिवारी की हत्या करने के बाद कई बार कमरे में गई तो घटनास्थल के साथ छेड़छाड़ करने की संभावना बहुत अधिक है। पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘उसनेबेडशीट और तकियों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की होगी और सबूत नष्ट करने के लिए कमरा साफ करने की कोशिश की होगी।’’ उनके अनुसार, अपूर्वा ने अपने हाथों से तिवारी का गला घोंटा और फिर तकियेका इस्तेमाल किया ताकि वह मदद के लिए ना चिल्ला सके। उसने करीब 14 घंटे तक तिवारी की मौत की बात छिपाए रखी। अपूर्वा को बुधवार को डिफेंस कॉलोनी स्थित आवास ले जाया गया जहां पुलिस ने घटनाका नाटकीय रूपांतरण किया।तिवारी के परिवार के सदस्यों को संदेह है कि हत्या से पहले अपूर्वा ने कथित तौर पर उसे नशा दिया। विसरा रिपोर्ट से ही यह पुष्टि हो पाएगी कि क्या उन्हें नशा दिया गया था या नहीं । बेडशीट, तकिये और तिवारीके कपड़ों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि तिवारी को जल्दी गुस्सा आ जाता था और शादी के एक साल में ही उनके बीच मामूली मुद्दों को लेकर अक्सर झगड़ा होता था। पुलिसअधिकारी ने अपूर्वा की मनोचिकित्सा जांच की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया।

3 अक्टूबर राशिफल: गुरुवार को एक साथ बन रहे है कई दुर्लभ योग, इन राशियों को मिलेगा विशेष लाभ

अक्टूबरराशिफलगुरुवारकोएकसाथबनरहेहैकईदुर्लभयोगइनराशियोंकोमिलेगाविशेषलाभUP News: ओमप्रकाश राजभर की मुसीबतें नहीं हो रहीं कम, कई अहम साथियों ने छोड़ा साथ, लगाया यह आरोप******Highlights समाजवादी पार्टी के गठबंधन से अलग होने के बाद सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और उनके अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर को लगातार झटके मिल रहे हैं। उनके पदाधिकारी उनका साथ छोड़ रहे हैं। इसके साथ ही पार्टी छोड़ते समय नेता जो राजभर पर आरोप लगा रहे हैं वह उन्हें काफी चिंता में डाल सकते हैं।अभी कुछ दिनों पहले सुभासपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्‍द्र राजभर ने इस्तीफा दिया था और अब सोमवार को एक बार फिर कई पदाधिकारियों ने एक साथ सामूहिक इस्‍तीफा दे दिया। इस दौरान उन्‍होंने राजभर पर पार्टी की मूल नीति‍यों से भटक जाने का आरोप भी लगाया। इस्‍तीफा देने वालों में सुभासपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्‍यक्ष मास्‍टर राधेश्‍याम सिंह, कुशीनगर के जिलाध्‍यक्ष ओमप्रकाश राजभर, जिला प्रभारी बृजेश सिंह, जिला सचिव संजय राजभर सहित कई वरिष्‍ठ पार्टी नेता शामिल हैं।उन्‍होंने आरोप लगाया कि पार्टी अपने मूल कर्तव्यों को भूल कर दोहरी नीतियों पर कार्य कर रही है। मास्टर राधेश्याम सिंह की अगुवाई में सभी पदाधिकारियों ने सुभासपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष ओम प्रकाश राजभर को पार्टी के सभी पदों और सदस्‍यता से अपना इस्‍तीफा भेजा है। उन्‍होंने आरोप लगाया कि पार्टी का गठन गरीबों, दबे कुचले और समाज के उत्थान के लिये किया गया था लेकिन पार्टी की दोहरी नीतियों से कार्यकर्ता आहत हो गए हैं। उन्‍होंने कहा कि मिशन से भटक चुके नेताओं के चलते पार्टी कार्यकर्ताओं का विश्वास डगमगाने लगा है। कार्यकर्ताओं के डगमगा रहे विश्वास को संभालने की बजाय नेता अपने हिसाब से निर्णय लेते रहते हैं। नतीजा यह हुआ की पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं का विश्वास पूरी तरह से डिग गया है। वे खुद को ठगा महसूस करने लगे हैं।वहीं इससे पहले 5 सितंबर को सुभासपा के राष्‍ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्‍द्र राजभर ने भी दर्जनों पदाधिकारियों के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। पार्टी छोड़ते हुए महेंद्र राजभर ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि, "ओमप्रकाश राजभर पार्टी के मिशन से भटक गए हैं। वे किसी भी तरह से सिर्फ पैसे कमाने में लगे रहते हैं। पार्टी की स्थापना समाज के उत्थान के लिए हुई थी, लेकिन अब वह अपने लक्ष्य से भटक गई है।"अक्टूबरराशिफलगुरुवारकोएकसाथबनरहेहैकईदुर्लभयोगइनराशियोंकोमिलेगाविशेषलाभचेहरे पर बढ़ रहा है फैट? कहीं इन चीजों का तो नहीं कर रहे हैं सेवन******कई लोग अपने शरीर से ज्यादा चेहरे के मोटापे से परेशान रहते हैं, जिसके लिए वो कई तरह के उपाय करते हैं साथ ही कई तरह की चीजों का सेवन करते हैं। डबल चिन, गोल-मटोल गाल और आपकी गर्दन के आस-पास की चर्बी काफी निराश करती है। यंग लोगों की गर्दन पर फैट की समस्या कम होती है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ डबल चिन, फेशियल फैट और गर्दन के आसपास चर्बी जमा होने लगती है। वैसे तो फैट शरीर के किसी भी हिस्से में जमा हो सकता है, लेकिन चेहरे पर इसका असर बहुत जल्दी दिखाई देता है। लोग ये अक्सर भूल जाते है कि चेहरे के फैट को कम करने के लिए डाइट भी सही होनी चाहिए। डाइट का फर्क सिर्फ आपके चेहरे पर नहीं ब्लकि ये पूरे शरीर पर असर डाल सकता है। कुछ फूड्स आपके चेहरे के मोटापे को बढ़ा सकते हैं तो चलिए आपको इनके बारे में बताते हैं-लोग अक्सर सुबह के समय ब्रेड और चाय खाना पसंद करते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि ये कितना हानिकारक हो सकता है। ब्रेड को आटे और पानी के लोई से तैयार किया जाता है। अगर आप चेहरे के मोटापे को कम करना चाहते है। तो ब्रेड से जरूर दूर रहें। किसी भी तरह की ब्रेड कार्ब्स का दूसरा रूप होती है।सोया सॉस सोया से बनता है। सोया सॉस में अधिक मात्रा में नमक शामिल होता है। इसका सीधा कारण सोडियम के कंजम्पशन है, जो हमारे चेहरे के मोटापे को बढ़ाने का कार्य करता है, बढ़े हुए साल्ट इंटेक से हमारा शरीर ब्लोटेड फील करता है। इसमें कैलोंर कम होने के बाद भी बहुत अधिक सोडियम शामिल होता है। इसी वजह से सोया सॉस का सेवन करने से बचना चाहिए।आज के समय छोटे से लेकर बड़े तक हर किसी को जंक फूड भाता है। जंक फूड अधिकतर लोगों की पहली पसंद होता है, लेकिन ये हमारे लिए काफी हानिकारक होता है। जंक फूड में सोडियम की अधिक मात्रा में मौजूद होता है। अगर आप जंक फूड का असीमित मात्रा में सेवन करते हैं तो इससे आपके चेहरे पर मोटापा बढ़ सकता है।आपने रेड मीट के बारे जरूर सुना होगा। ये नॉन वेज खाने वाले लोगों को खूब पसंद आता है, लेकिन रेड मीट में फैट्स और एक्स्ट्रा कैलोरीज चेहरे के मोटापे को बढ़ाने का कार्य कर सकता है। अगर आप चेहरे के फैट को कम करना चाहते है तो रेड मीट का सेवन न करें।अक्टूबरराशिफलगुरुवारकोएकसाथबनरहेहैकईदुर्लभयोगइनराशियोंकोमिलेगाविशेषलाभGood News: बाप बनने पर ये कंपनी दे रही 6 महीने की छुट्टी, साथ में इतने हजार नकद******मां बनना एक महिला के लिए सबसे खुशी और गर्व का समय होता है। ऐसे में उसे 26 सप्ताह यानी छह माहकी मैटर्निटी लीव मिलती हैताकि वह खुद के साथ-साथ अपने बच्चे का ख्याल रख सके। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल आता है कि आखिर पिता के साथ ऐसा क्यों नहीं? इसी के चलते फूड एग्रीगेटर ने एक नई पहलकी है। जिसमें बनने पर भी इतनी ही छुट्टी मिलेगी। इतना ही नहीं आपको आर्थिक मदद भी दी जाएगी।दरअसल, सरकारी नियमों के मुताबिक कामकाजीमहिलाओं मां बनने के बाद बच्‍चे की देखभाल के लिए 26 हफ्ते की छुट्टी मिलती है। जिसे मैटर्निटी लीव का नाम दिया गया है। वहीं दूसरी ओर पुरुषों को कोई सुविधा नहीं दी गई है। हालांकि कुछ जगहों पर उन्हें छह दिन या 15 दिन की छुट्टी मिलती है।मां की तरह मिलेगी छह माह की छुट्टीजोमैटो कीछुट्टी की यह नई पॉलिसी सेरोगेसी, एडॉप्शन और समलैंगिक पार्टनरों पर भी लागू होगी। अहम बात यह है कि पैरेंट्स को कंपनी की तरफ से प्रति संतान 1,000 डॉलर यानी करीब 70 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। पॉलिसी में यह बदलाव उन कर्मचारियों पर भी लागू होगा, जो पिछले छह महीने के दौरान पैरेंटबने हैं।इस बारेमें जोमैटो के फाउंडर दीपिन्दर गोयल ने सोमवार को एक ब्लॉग में कहा, 'नए बच्चे का इस दुनिया में स्वागत करने को लेकर महिला और पुरुषों के लिए छुट्टियों की अलग-अलग व्यवस्था बहुत असंतुलित है। हमें लगता है कि आने वाले समय में पुरुषों और महिलाओं के लिए पैरेंटल लीव पॉलिसी में लेश मात्र का भी अंतर नहीं होगा।'

3 अक्टूबर राशिफल: गुरुवार को एक साथ बन रहे है कई दुर्लभ योग, इन राशियों को मिलेगा विशेष लाभ

अक्टूबरराशिफलगुरुवारकोएकसाथबनरहेहैकईदुर्लभयोगइनराशियोंकोमिलेगाविशेषलाभCongress On BJP: BJP की सोनिया गांधी के खिलाफ 'अपमानजनक' टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस ने की आलोचना, मानहानि दावे की दी चेतावनी******Highlights कांग्रेस ने BJP के प्रवक्ता प्रेम शुक्ला द्वारा सोनिया गांधी के लिए ‘‘आपत्तिजनक भाषा’’ का इस्तेमाल करने पर आपत्ति जताई। इस पर उन्होंने पीएम मोदी और BJP अध्यक्ष जे.पी.नड्डा से रविवार को माफी मांगने के लिए कहा। ऐसा दोबारा होने पर कांग्रेस ने मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी भी दी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने BJP अध्यक्ष को पत्र लिखकर कांग्रेस की तरफ से इसपर कड़ी आपत्ति जताई थी। नड्डा को लिखे पत्र में रमेश ने कहा कि कांग्रेस 23 जुलाई को एक राष्ट्रीय समाचार चैनल पर चर्चा के दौरान शुक्ला द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के लिए ‘‘अभद्र और अपमानजनक’’ भाषा के इस्तेमाल पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराती है।रमेश ने कहा कि संस्कृति के बारे में बात करने वाले BJP के शीर्ष नेताओं और प्रवक्ताओं ने देश की महिलाओं के खिलाफ लगातार अभद्र भाषा का प्रयोग किया है। उन्होंने कहा कि खासतौर से एक राष्ट्रीय पार्टी की 75 वर्षीय अध्यक्ष के खिलाफ बार-बार आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष के नेताओं के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करना BJP की महिला विरोधी सोच को दिखाता है। ऐसी आपत्तिजनक टिप्पणियों के कारण देश की राजनीति का लेवल नीचे गिर रहा है।’’रमेश ने नड्डा को लिखे अपने पत्र में कहा कि महिलाओं का सम्मान करना वैदिक काल से ही भारत की महान परंपरा रही है। इसलिए सत्तारूढ़ भाजपा से राजनीति में शालीनता और महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार की उम्मीद की जाती है, लेकिन पार्टी ने अपनी भाषा और व्यवहार से बार-बार निराश किया है। उन्होंने कहा, ‘‘पीएम मोदी जी और आपसे (नड्डा) हमारी अपील है कि आप अपनी पार्टी नेताओं की शर्मनाक और अभद्र टिप्पणियों के लिए देश की महिलाओं से माफी मांगें। इसके साथ ही अपने प्रवक्ताओं तथा नेताओं को राजनीति की प्रतिष्ठा को नुकसान न पहुंचाने और आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल से दूर रहने के लिए भी कहें।’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमारी अध्यक्ष या किसी अन्य नेता के लिए अनुचित भाषा का बार-बार इस्तेमाल करने से हम मानहानि का मुकदमा जैसे कानूनी कदम उठाने के लिए विवश हो जाएंगे।’’एक बयान में रमेश ने कहा कि शुक्ला की टिप्पणियों से भाजपा का ‘महिला विरोधी’ चेहरा दिखाई दिया है। रमेश ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता की आपत्तिजनक भाषा दिखाती है कि भाजपा न तो महिलाओं का सम्मान करती है और न ही वह राजनीति में शालीनता में यकीन रखती है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब भाजपा के किसी नेता ने महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश जानता है कि पीएम मोदी समेत मोदी के कई नेताओं ने देश की सम्मानित महिलाओं और खासतौर से विपक्षी नेताओं के खिलाफ ‘‘आपत्तिजनक’’ टिप्पणियां की हैं।रमेश ने कहा, ‘‘पीएम जैसे उच्च पद पर आसीन व्यक्ति पद की गरिमा कम करता है तो उनकी पार्टी के प्रवक्ता स्वाभाविक तौर पर विपक्षी नेताओं के खिलाफ अभद्र शब्दों का इस्तेमाल करेंगे।’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘पीएम मोदी ने अभी तक अपने अनुचित शब्दों के लिए माफी नहीं मांगी है। इस तरह की अपमानजनक और शर्मनाक टिप्पणियों के कारण देश की राजनीति का स्तर लगातार गिर रहा है।’’अक्टूबरराशिफलगुरुवारकोएकसाथबनरहेहैकईदुर्लभयोगइनराशियोंकोमिलेगाविशेषलाभइंग्लिश क्रिकेटर को फैन के साथ फोटो खिंचवाना पड़ा भारी, अगले मैच से हुआ बाहर******केंट की ओर से खेलने वाले इंग्लिश काउंटी क्रिकेटर जॉर्डन कॉक्स को COVID-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन करना भारी पड़ गया है। जॉर्डन कॉक्स को युवा फैंस के साथ फोटो खिंचवाने के बाद अगले प्रथम श्रेणी मैच से हटा दिया गया है।19 वर्षीय कॉक्स ने सोमवार को बॉब विलिस ट्रॉफी में ससेक्स के खिलाफ चार दिवसीय मैच में जैक लीनिंग के साथ 423 रन की अटूट साझेदारी में 237 रनों की नाबाद पारी खेली थी।ससेक्स के खिलाफ जीत के बाद कॉक्स एक युवा फैन के साथ फोटो खिंचवाते नजर आए थे। इस तरह कॉक्स ने बॉयो सिक्योर और सोशल डिस्टेसिंग प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया। कॉक्स ने अपनी इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत के लिए माफी मांगी है।कॉक्स ने कहा, "मुझे बहुत खेद है कि ऐसा हुआ। मैं इस चीज को पूरी तरह से समझता हूं और मैं सभी से माफी मांगना चाहता हूं। मैं अगला मैच मिस कर रहा हूं और मुझे लग रहा है कि मैंने टीम को निराश किया है।"कॉक्स को अब सेल्फ आइसोलेशन में रहना होगा और फिर से टीम से जुड़ने के लिए COVID-19 टेस्ट पास करना होगा। केंट के निदेशक पॉल डाउटन ने कहा कि कॉक्स का उल्लंघन दुर्भाग्यपूर्ण था।उन्होंने कहा, "यह जॉर्डन के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने एक उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद हमारी टीम के मेडिकल प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया।"

3 अक्टूबर राशिफल: गुरुवार को एक साथ बन रहे है कई दुर्लभ योग, इन राशियों को मिलेगा विशेष लाभ

अक्टूबरराशिफलगुरुवारकोएकसाथबनरहेहैकईदुर्लभयोगइनराशियोंकोमिलेगाविशेषलाभइमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद आज सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई******पाकिस्तान में आज सियासी ड्रामा चरम पर है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का सामना करें, उससे पहले ही इमरान के मंत्री फवाद हुसैन की संक्षिप्त स्पीच के बाद असेंबली भंग कर दी गई। डिप्टी स्पीकर ने असेंबली भंग की। 342 सदस्यीय नेशनल असेंबली में, इमरान खान सरकार को अविश्वास मत को परास्त करने के लिए कम से कम 172 सदस्यों की आवश्यकता थी।गौरतलब है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी-पीटीआई ने शनिवार सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर सदन की विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करने की मांग की थी। याचिका में कहा गया था कि संसद सदस्य पाकिस्तान की राजसत्ता और अखंडता के खिलाफ काम करने वाले देशों के उकसावे पर काम कर रहे हैं। याचिका के अनुसार उन्होंने विधिवत रूप से चुनी गई संघीय सरकार को हटाने के लिए पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव के रूप में षड्यंत्र किया है।वहीं इमरान खान ने इससे पहले अपने संबोधनों में दावा किया था कि उन्हें 3 विकल्प दिए गए थे। इस दौरान उन्हें कहा गया था कि या तो वे पीएम पद से इस्तीफा दे दें, या फिर सदन को भंग कर चुनाव में उतरें या फिर अविश्वास प्रस्ताव का सामना करें। हालांकि पाकिस्तान की सेना का दावा है कि वो राजनीतिक गतिविधियों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहता है।

अक्टूबरराशिफलगुरुवारकोएकसाथबनरहेहैकईदुर्लभयोगइनराशियोंकोमिलेगाविशेषलाभघोड़े को यात्रियों से भरी ट्रेन की सवारी कराने वाला गिरफ्तार, VIDEO देख दंग रह गए लोग******एक खचाखच भरी ट्रेन में एक घोड़े के सफर की तस्वीरें पर आने के बाद उसका मालिक मुश्किल में फंस गया है, आरपीएफ ने रेलवे अधिनियम के तहत उसे गिरफ्तार कर लिया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। गफूर अली मुल्ला (40) के घोड़े ने एक थकानभरी दौड़ में हिस्सा लिया था। उसके बाद मुल्ला ने दक्षिण दुर्गापुर से 23 किलोमीटर नेत्रा तक अपने घोड़े को ट्रेन से ले जाने का निर्णय लिया था।बृहस्पतिवार को एक ईएमयू लोकल ट्रेन के सामान ढुलाई संबंधी डिब्बे (वेंडर कंपार्टमेंट) में यात्रियों के बीच घोड़े के खड़े होने की तस्वीर सोशल मीडिया पर फैल गई। उसके बाद आरपीएफ अधिकारियों ने नेत्रा इलाके में घोड़े के मालिक का पता लगाया एवं स्थानीय पुलिस की मदद से शुक्रवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।पूर्व रेलवे के प्रवक्ता एकलव्य चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘उसपर रेलवे संपदा में बेहूदा हरकत करने एवं ट्रेन में अनधिकृत रूप से जगह पर कब्जा करने को लेकर रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।’’चक्रवर्ती ने कहा कि पशु यात्री डिब्बे में सफर नहीं कर सकते और उसके लिए एक अलग डिब्बा बुक कराना होता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह 40 वर्षीय व्यक्ति एवं उसका घोड़ा शाम को ट्रेन में सवार हुए थे जब डिब्बों में महिलाओं की सुरक्षा पर अधिक ध्यान दिया जाता है।(इनपुट- एजेंसी)अक्टूबरराशिफलगुरुवारकोएकसाथबनरहेहैकईदुर्लभयोगइनराशियोंकोमिलेगाविशेषलाभईपीएस-95 पेंशनभोगियों ने की न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपए करने की मांग, अभी लगभग 40 लाख को मिल रहे हैं मासिक 1500 रुपए****** ऑल इंडिया ईपीएस-95 पेंशनर्स संघर्ष समिति ने कहा है कि विभिन्न राज्यों में उनके सदस्यों ने ईपीएफ-95 योजना के तहत न्यूनतम मासिक 7,500 रुपए देने के लिए सरकार पर दबाव डाला है। संघर्ष समिति ने अपने बयान में कहा कि कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (ईपीएस -95) के सदस्यों ने अपनी मांगों (न्यूनतम 7,500 रुपए मासिक पेंशन और अंतरिम पेंशन 5000) को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए भिक्षा आंदोलन (भीख मांगना आंदोलन) शुरू किया है। बयान के मुताबिक, वर्तमान में ईपीएस-95 के तहत पेंशनभोगियों को न्यूनतम 1,000 रुपए की मासिक पेंशन दी जाती है। करीब 60 लाख पेंशनभोगी हैं, जिनमें से लगभग 40 लाख पेंशनभोगियों को प्रति माह 1500 रुपए से भी कम मिल रहा है।इसमें कहा गया है कि इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य अपनी मांगों को प्रधानमंत्री तक पहुंचाना है और अगर हमारी मांगें 10 जनवरी 2018 तक नहीं पूरी हुई तो हम आंदोलन को अगले स्तर ला जाएंगे और संसद सदस्यों और विधानसभा सदस्यों के घर का घेराव करेंगे और उन पर अपनी मांगें प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के लिए दबाव डालेंगे।

अक्टूबरराशिफलगुरुवारकोएकसाथबनरहेहैकईदुर्लभयोगइनराशियोंकोमिलेगाविशेषलाभआत्मनिर्भरता के लिए प्रधानमंत्री का 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान, MSME और सुधारों पर जोर******Package for economyनई दिल्ली। देश के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्थव्यवस्था में तेजी के लिए बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री के मुताबिक पिछले पैकेज औऱ इस नए पैकेज के साथ पूरा आर्थिक पैकेज कुल 20 लाख करोड़ रुपये का होगा। इसमें मार्च में ऐलान किए गए राहत पैकेज की भी रकम शामिल की गई है। प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक ये पैकेज देश को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।प्रधानमंत्री के मुताबिक वित्त मंत्री आने वाले दिनों में इस पैकेज के बारे में जानकारी साझा करेंगी। हालांकि अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने संकेत दिए कि इस पैकेज का जोर देश को आत्मनिर्भर बनाने में और MSME सेक्टर को राहत पहुंचाने में किया जाएगा। उन्होने कहा कि पैकेज भारत की जीडीपी का करीब 10 प्रतिशत है, इन सबके जरिए देश के विभिन्न वर्गों को आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को 20 लाख करोड़ रुपए की सपोर्ट मिलेगी। उनके मुताबिक पैकेज में जमीन मजदूर नकदी और नियम पर जोर दिया गया है। पीएम ने कहा कि यह आर्थिक पैकेज देश के कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, लघु और मझौले श्रमिक और किसान और मध्यमवर्ग के लिए है।इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने आने वाले समय में सुधार कदमों के भी संकेत दिए हैं। उनके मुताबिक देश को आत्मनिर्भर बनाए जाने के लिए बड़े सुधारों के साथ आगे बढ़ना जरूरी है। 6 सालों में जो सुधार हुए उनके कारण आज संकट के समय भारत की व्यवस्थाएं अधिक समर्थ नजर आई हैं। अब सुधार के इस दायरे को व्यापक करना है। प्रधानमंत्री ने संकेत दिए अब सुधार कदम खेती से जुड़ी पूरी सप्लाई चेन, टैक्स सिस्टम, सरल कानून, इंफ्रास्ट्रक्चर, और मजबूत वित्तीय सिस्टम के निर्माण के लिए होंगे। कारोबार को प्रोत्साहित करेंगे और मेक इन इंडिया के संकल्प को मजबूत करेंगे।इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने मेक इन इंडिया की बात करते हुए लोगों से स्वदेशी के प्रचार और प्रसार में जुड़ने के लिए भी कहाअक्टूबरराशिफलगुरुवारकोएकसाथबनरहेहैकईदुर्लभयोगइनराशियोंकोमिलेगाविशेषलाभमनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल हुए बागी, पणजी से निर्दलीय लड़ेंगे चुनाव, बीजेपी पर दिया बड़ा बयान******Highlightsगोवा के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर पणजी से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे। उत्पल ने आज शाम गोवा की पणजी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया। उत्पल को बीजेपी ने 2 विकल्प दिए थे जिसपर वह राजी नहीं हुए। वह बीजेपी के टिकट पर पणजी से ही चुनाव लड़ने की मांग कर रहे थे। बीजेपी ने पणजी से बाबूस उर्फ अनासितानो मोंसेरात को उम्मीदवार बनाया है। मोंसेरात पहले कांग्रेस में थे। वह पर्रिकर के निधन के बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस के टिकट पर जीते थे और बाद में बीजेपी जॉइन कर थी। उत्पल के बगावत से बीजेपी के लिए मुश्किलें बढ़ सकती है।उत्पल ने कहा, ‘जिस उम्मीदवार को इन्होंने टिकट दिया है उसके बारे में मुझे कुछ कहना नहीं है। पिछलीबार पार्टी ने कहा तो मैंने सुना। मेरे पिता ने 30 साल मेहनत कर पार्टी खड़ी की और 2 साल पहले पार्टी में आए व्यक्ति को टिकट दिया। जब मेरे पिता ऐक्टिव थे तब आपने देखा होगा कि मैंने कभी आकर अपना वजन दिखाने की कोशिश नहीं की लेकिन लोगों के लिए अब मुझे ये करना होगा। मेरे मन में किसी दूसरी पार्टी का विचार नहीं आ सकता है। उपचुनाव के वक्त मेरा नाम था लेकिन टिकट नहीं मिला। मेरे पास लिमिटेड ऑप्शन हैं और मुझे पणजी के लोगों को ऑप्शन देना है।’ ने कहा, ‘मैं उसूलों के लिए लड़ रहा हूं। जो भी सपोर्ट करेगा उसका स्वागत है। मै और पणजी के लोगों के लिए लड़ रहा हूं। मेरा चिंता कोई मत करे, गोवा के लोग मेरे लिए हैं। लोगों का साथ होने के बावजूद मुझे टिकट नहीं दिया गया। पर्रिकर की पार्टी नहीं लग रही है। मैं निर्दलीय ही लडूंगा। जिन लोगों ने मेरे पिता के साथ मिलकर इस पार्टी को छोटे से बड़ा किया उनके लिए लड़ रहा हूं। मैं किसी पोस्ट के लिए नहीं लड़ रहा हूं। मैं कुछ भी थाली में भेंट के रूप में नहीं चाहता हूं, इसलिए उनका ऑफर मुझे मंजूर नहीं है।’

अक्टूबरराशिफलगुरुवारकोएकसाथबनरहेहैकईदुर्लभयोगइनराशियोंकोमिलेगाविशेषलाभIPL 2022, PBKS vs CSK: हेड टू हेड रिकॉर्ड में पंजाब और चेन्नई में से किसका पलड़ा भारी******IPL 2022 के 38वें मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स का सामना पंजाब किंग्स से होगा। ये मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा जहां दोनों ही टीमें जीत दर्ज करने के लिए उतरेंगी। दोनों ही टीमों की IPL में 27वीं भिड़ंत होंगी। पिछले सीजन दोनों ही टीमों ने एक-दूसरे के खिलाफ खेलते हुए एक-एक जीत हासिल करने में सफलता हासिल की थी। हालांकि IPL 2020 में चेन्नई ने दो बार पंजाब को पटखनी दी थी।चेन्नई सुपर किंग्स और पंजाब किंग्स का IPL में 26 बार आमना-सामना हुआ है जिसमें 15 बार चेन्नई ने जबकि 11 बार पंजाब ने बाजी मारी है। पिछले 5 मुकाबलों की बात की जाए तो चेन्नई 3 बार जीत दर्ज करने में सफल रही है। वानखेड़े में पंजाब का रिकॉर्ड बेहद ही खराब रहा है। पंजाब किंग्स ने यहां अपने पिछले 6 IPL मैचों में से केवल एक में जीत हासिल की है।मयंक अग्रवाल (कप्तान), शिखर धवन, जॉनी बेयरस्टो, लियाम लिविंगस्टोन, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), शाहरुख खान, ओडियन स्मिथ, कगिसो रबाडा, राहुल चाहर, अर्शदीप सिंह, वैभव अरोड़ा।रुतुराज गायकवाड़, रॉबिन उथप्पा, मिशेल सेंटनर/मोईन अली, अंबाती रायुडू, शिवम दुबे, रवींद्र जडेजा (कप्तान), एमएस धोनी (विकेटकीपर), ड्वेन प्रिटोरियस, ड्वेन ब्रावो, महेश थीक्षाना, मुकेश चौधरी।अक्टूबरराशिफलगुरुवारकोएकसाथबनरहेहैकईदुर्लभयोगइनराशियोंकोमिलेगाविशेषलाभजोड़ों में रहता है दर्द? यूरिक एसिड कम करने के ये 5 तरीके कर सकते हैं मदद******Highlightsहमारे शरीर में कई तरह के एसिड पाए जाते हैं। जो शरीर को स्वस्थ रखने में सहयोगी हैं। लेकिन इनकी मात्रा कम या ज्यादा होना शरीर के लिए नुकसानदायक हो जाता है। जैसे यूरिक एसिड के बढ़ने से आर्थराइटिस (Arthritis) या गठिया की समस्या हो सकती है। जिससे हड्डियों के जोड़ों में दर्द और किडनी में इंफेक्शन जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जानिए यूरिक एसिड को मेंटेन करने के 5 तरीके।शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने पर फाइबर का ज्यादा से ज्यादा मात्रा में सेवन करना फायदेमंद होता है। जैसे दलिया, पालक, ब्रोकली आदि के सेवन से शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा नियंत्रित की जा सकती है।जैतून का तेल भी इस समस्या से निजात पाने का एक तरीका है। ऑलिव ऑइल या जैतून के तेल में पका खाना शरीर के लिए फायदेमंद होता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन ई होता है, जो यूरिक एसिड को कम करता है।बाहर का खाना हमेशा लोगों को आकर्षित करता है। किसी भी तरह का सेलिब्रेशन बेकरी प्रोडक्ट के बिना अधूरा रहता है। लेकिन अगर आपको अपनी हड्डियों और किडनी से प्यार है तो और अगर आप यूरिक एसिड को कम करना चाहते हैं तो पेस्ट्री और केक जैसी चीजों से दूरी बनानी होगी।शरीर की कई बीमारियों में पानी जादूई रूप से काम करता है। यूरिक एसिट को कम करने में भी पानी मददगार है। क्योंकि यूरिक एसिड पेशाब के जरिए बाहर निकलता है, इसलिए दिन में कम से कम 2 से 3 लीटर पानी पीना आपको यूरिक एसिड के बढ़ने की समस्या से दूर रख सकता है।चेरी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जिनसे शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा नियंत्रित रहती है। हर दिन 10 से 40 चेरी का सेवन करने से काफी लाभ मिलता है, लेकिन ध्यान रखें कि इन चेरी को एक साथ नहीं बल्कि अलग-अलग समय पर खाएं। इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी लेना चाहिए। जो नींबू में होता है।आपको यह जानना भी जरूरी है कि अगर यह समस्या आपको आनुवंशिक रूप मिली है से है तो इसे संतुलित किया जा सकता है। लेकिन परेशानी बढ़ने पर डॉक्टर से सलाह और दवाएं लेना ही जरूरी है।आपको बता दें कि शरीर में प्यूरीन के टूटने से यूरिक एसिड बनता है, यह हमारे खून के जरिए किडनी तक जाता है। जिसके बाद यूरिक एसिड पेशाब में मिलकर शरीर से बाहर निकल जाता है। लेकिन कई बार शरीर में यूरिक एसिड बनता है लेकिन पेशाब के जरिए बारह नहीं निकलता जिसके बाद इसकी मात्रा बढ़ने लगती है। बॉडी में यूरिक एसिड बढ़ने का एक ही मतलब है कि आपकी डाइट उसमें प्‍यूरिन की मात्रा में कमी है जो शरीर में प्‍यूरिन की बॉन्डिंग को तोड़ देती है, नतीजन यूरिक एसिड बढ़ जाता है।इसे भी पढ़ें-

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