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IPL 2021 ने ​बदल दी इस खिलाड़ी की किस्मत, अब लगेगा बड़ा दांव
रिलीज़ की तारीख:2022-10-08 02:29:14
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ने​बदलदीइसखिलाड़ीकीकिस्मतअबलगेगाबड़ादांवकोरोना से बड़े स्‍तर पर छंटनी की आशंका, H1B कर्मचारियों ने नौकरी जाने पर अमेरिका में 180 दिन रुकने की मांगी इजाजत******H1B workers seek 180 instead of 60-day stay in US after job loss amidst layoffs विदेशी आईटी पेशेवरों ने ट्रंप प्रशासन से आग्रह किया है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण अमेरिका में बड़े पैमाने पर छंटनी की स्थिति में नौकरी जाने पर उन्हें 60 दिन के बजाए 180 दिनों तक अमेरिका में रुकने की इजाजत दी जाए। इन पेशेवरों में ज्यादातर भारतीय एच-1बी वीजाधारक हैं। एच-1बी एक गैर प्रवासी वीजा है, जो अमेरिकी कंपनियों को विदेशी पेशेवरों को कुछ खास व्यवसायों में नियोजित करने की अनुमति देता है। भारतीय आईटी पेशेवरों के बीच इसकी सबसे अधिक मांग है। वर्तमान संघीय नियमों के मुताबिक नौकरी छोड़ने के 60 दिनों के भीतर इन वीजाधारकों को अपने परिवार के साथ अमेरिका छोड़ना जरूरी है। कोरोना वायरस महामारी के चलते अमेरिकी अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर छंटनी की आशंका है और आने वाले महीनों में हालात बिगड़ सकते हैं। अमेरिका में 21 मार्च को समाप्त सप्ताह के दौरान रिकॉर्ड 33 लाख अमेरिकियों ने प्रारंभिक बेरोजगारी के दावे किए हैं। देश में लाखों लोग अपनी नौकरी खो चुके हैं। एक अनुमान के अनुसार लगभग 4.7 करोड़ लोग बेरोजगार हो सकते हैं। दूसरी ओर एच-1बी वीजाधारक न तो बेरोजगारी लाभ पाने के पात्र हैं और न ही सामाजिक सुरक्षा लाभ के हकदार हैं, भले ही इसके लिए उनके वेतन से कटौती की गई हो।प्रारंभिक रिपोर्ट से पता चलता है कि बड़ी संख्या में को नौकरी से निकाला जा रहा है। कुछ मामलों में कंपनियों ने अपने एच-1बी कर्मचारियों को पहले ही आगाह कर दिया है कि उन्हें नौकरी से निकाला जा सकता है। इससे एच-1बी वीजाधारकों ने नौकरी छोड़ने के बाद अमेरिका में अपने प्रवास के समय को बढ़ाने के लिए व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर एक याचिका अभियान शुरू किया है। याचिका में सरकार से अस्थायी प्रवास की अवधि को 60 दिनों से बढ़ाकर 180 दिन करने और इस कठिन समय में एच-1बी कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है। व्हाइट हाउस से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए कम से कम एक लाख याचिकाओं की जरूरत होती है।

ने​बदलदीइसखिलाड़ीकीकिस्मतअबलगेगाबड़ादांवप्रियंका चोपड़ा ने 1.8 करोड़ रुपये की ड्रेस व ज्वेलरी से बिखेरी चमक******बिलबोर्ड म्यूजिक अवार्डस 2019 समारोह में ने 1.8 करोड़ रुपये के ड्रेस एवं ज्वेलरी से अपनी चमक बिखेरी। पेजसिक्स डॉट कॉम के मुताबिक, प्रियंका ने बुधवार रात बिलबोर्ड म्यूजिक अवार्डस 2019 में अपनी स्टाइल स्टेटमेंट से सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने इस दौरान जुहैर मुराद हॉट कोट्यूर गाउन पहना था, जो उन पर खूब फब रहा था।प्रियंका ने इस दौरान टिफनी एंड कंपनी के 5,600 डॉलर के डायमंड के ईयरिंग और इसकी मैचिंग के 12,000 डॉलर के ब्रेसलेट का चुनाव किया था। दोनों टी कलेक्शन ब्रांड के थे, लेकिन इन सब में सबसे निराली चीज उनकी नेकलेस और पेडेंट थी।36 वर्षीय अभिनेत्री ने गले में 11,000 डॉलर के टिफनी के हार्डवियर बॉल पेंडेंट, 55,000 डॉलर का विक्टोरिया ग्रेजुएटेड लाइन नेकलेस और 165,000 डॉलर का सर्किट डायमंड नेकलेस पहन रखा था, जो सभी के लिए आकर्षण का केंद्र था।अभिनेत्री ने इसके साथ ही टिफनी के 2300 डॉलर के टी वायर रिंग, टी टू चेन रिंग और दूसरी वाइट गोल्ड टी वायर रिंग पहन रखी थी, जिनकी कीमत क्रमश: 850 और 825 डॉलर थी।(इनपुट-आईएएनएस)ने​बदलदीइसखिलाड़ीकीकिस्मतअबलगेगाबड़ादांवआपको सस्ते स्मार्टफोन क्यों खऱीदने चाहिए, जानिए 5 खास बातें******हर रोज़ निर्माता कंपनियां नए-नए फोन लॉन्च कर रही हैं। चमचमाती स्क्रीन, हवा से बातें करती प्रोसेसिंग स्पीड औऱ रंगबिरंगे बैक व फ्लिप कवर सारे देश में चर्चा का विषय बने हुए हैं, मानो नेशनल इंपोर्टेंस की कोई बात हो। ऐसा लगता है कि भारत में स्मार्टफोन का युग आ गया है। लेकिन इन सबके बीच एक तबका ऐसा भी है, जो आई-फोन औऱ सैंमसंग गैलेक्सी एस 6 जैसे महंगे स्मार्टफोन खरीद नहीं सकता, तो उन्हें क्या करना चाहिए।हम आपको बताते हैं कि आपको सस्ते स्मार्टफोन क्यों खरीदने चाहिए?

IPL 2021 ने ​बदल दी इस खिलाड़ी की किस्मत, अब लगेगा बड़ा दांव

ने​बदलदीइसखिलाड़ीकीकिस्मतअबलगेगाबड़ादांवआज और कल नहीं लागू होगा ऑड-ईवन, गुरु नानक जयंती की वजह से दी गई छूट******Odd-Even Scheme गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव के मौके पर आज (11 नवंबर) औरकल (12 नवंबर)को ऑड-ईवन प्रतिबंध लागू नहीं होगा। सीएम केजरीवाल ने सिख समुदाय के लोगों के आग्रह पर दो दिन के लिए नियमों में ढील दी है। हालांकि, इसके बाद 13, 14 और 15 नवम्बर को फिर से ऑड-ईवन नियम लागू होगा। गौरतलब है कि बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्लीसरकार ने दिल्ली में 4 नवंबर से लेकर 15 नवंबर तक को लागू किया है। तिलक नगर से आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह के नेतृत्व में एक सिख डेलीगेशन ने राज्य के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत से मुलाकात की थी। मुलाकात में अनुरोध किया गया था कि 11 और 12 नवंबर को ऑड-ईवन योजना से छूट दी जाए, जिसके बाद सीएम केजरीवाल ने दो दिन (11 और 12 नवंबर) के लिए ऑड-ईवन योजना से लोगों को राहत दी है।राजधानी दिल्ली में ऑड-ईवन योजना सुबह आठ बजे से रात के आठ बजे तक लागू है। सप्ताह में सोमवार से शनिवार तक इस योजना को लागू किया गया है। रविवार को इस योजना से छूट दी गई है। बाहर के राज्यों से दिल्ली आने वाली गाड़ियों पर भी ये योजना लागू है। जो लोग इस नियम का पालन नहीं करेंगे उन्हें चार हजार रुपये तक का जुर्माना देना होगा। 14 नवम्बर को आखिर के ईवन (2,4,6,8,0) नंबर वाले और13 और 15 नवंबर को ऑड नंबर (1,3,5,7,9) वाले वाहन ही चलेंगे।ने​बदलदीइसखिलाड़ीकीकिस्मतअबलगेगाबड़ादांवऐसे करें तुलसी के पत्ते का सेवन, नहीं आएगी थायराइड से जुड़ी परेशानियां******Highlightsथायराइड की समस्या आजकल आम हो गई है। यह परेशानी शरीर में आयोडीन कीकमी से होता है। अमूमन यह परेशानी महिलाओं में ज्यादा पाई जाती है। ऐसी परिस्थिति में महिलाओं को वजन बढ़ने लगता है, साथ ही शरीर कमजोर हो जाता है। शरीर के अंदर मोटापा घर कर जाता है जिससे कई बीमारियों का रास्ता खुल जाता है। इस परेशानी को कंट्रोल में रखने के लिए तुलसी का पत्ता काफी फायदेमंद हैं।आइए जानते हैं कि तुलसी का पत्ताखाने से थायराइड की समस्या को कैसे दूर किया जा सकता है।रोजाना यदितुलसी के पत्ते का सेवन किया जाए तो कई परेशानियों के साथ-साथथायराइड के कई लक्षणों से आराम मिल जाएगा। तुलसी के पत्तेमेंएंटी बैक्टीरियल, एंटी वायरल और एंटी इंफ्लेमेटरी औरएंटी फंगलगुण होते हैं जो थायराइड की समस्या को दूर करने में काफी कारगर साबित होते हैं।ने​बदलदीइसखिलाड़ीकीकिस्मतअबलगेगाबड़ादांवMP News : उज्जैन के महाकाल कॉरिडोर का नाम बदला, जानिए सीएम शिवराज ने क्या ऐलान किया******Highlightsकाशी कॉरिडोर की तर्ज पर बन रहे उज्जैन के महाकाल कॉरिडोर का नया नाम श्री महाकाल लोक होगा। उज्जैन में बुलाई कैबिनेट बैठक में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने यह ऐलान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे।पीएम मोदी 11 अक्टूबर को करेंगे उद्घाटन793 करोड़ की लागत से बन रहे महाकाल कॉरिडोर के निर्माण के पहले चरण के उद्घाटन में पीएम मोदी 11 अक्टूबर को आ रहे हैं।तैयारी लगभग पूरी हो चुकी हैं पीएम के आगमन और कॉरिडोर की व्यवस्थाओं समीक्षा के लिए एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट की बैठक उज्जैन में बुलाई।इसी दौरान मंत्रिमंडल के सदस्य मंत्रियों को जानकारी देते हुए सीएम ने बताया कि अब महाकाल कॉरिडोर को श्री महाकाल लोक के नाम से जाना जाएगा। इस दौरान मंत्रिमंडल की बैठक में महाकाल की तस्वीर सामने रखी गई थी शिवराज सिंह चौहान बगल में और तमाम मंत्री सामने बैठे हुए थे।उज्जैन में महाकाल की तस्वीर के सामने हुई कैबिनेट बैठकउज्जैन में महाकाल की तस्वीर के सामने हुई कैबिनेट की बैठक से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रियों को संबोधित करते हुए कहा-' महाकाल महाराज से प्रार्थना है कि वो सभी प्रदेशवासियों पर कृपा बरसाएं, आशीर्वाद दें और भौतिकता की अग्नि में दग्ध विश्व मानवता को हमारा देश शाश्वत शांति के पथ का दिग्दर्शन कराएं, यही मंगल कामना है। महाकाल महाराज ही सरकार हैं, यहां के राजा हैं, इसलिए आज महाकाल महाराज की धरती पर हम सभी सेवक बैठक कर रहे हैं।'यह ऐतिहासिक पल है-शिवराज सिंह चौहानसीएम शिवराज ने कहा-'यह ऐतिहासिक पल है हम सभी के लिए। हमने कल्पना की थी कि महाकाल महाराज के परिसर का विस्तार किया जाएगा। हमने प्रारम्भिक चरण में नागरिकों से चर्चा की, मंदिर समिति के सदस्यों से चर्चा की और उनके सुझावों को लेकर ही हमने योजना बनाई। एक साल में डीपीआर प्रस्तुत हुई, प्रथम चरण के टेंडर हमने चुनाव पूर्व 2018 में बुलाए। सरकार बदलने के कारण काम सुप्तावस्था में चला गया लेकिन हमने अपनी सरकार बनते ही इसकी समीक्षा की।'दो चरणों में काम पूराशिवराज सिंह चौहान ने कहा-'हमने इसके दो चरण तय किए, प्रथम चरण 351 करोड़ रुपये का था, फिर हमने द्वितीय चरण के लिए 310 करोड़ रुपए स्वीकृत किए। हमने कई मकान विस्थापित किये, लोगों को कष्ट न देते हुए 150 करोड़ रुपये की लागत से उन्हें विस्थापित किया। कई विकास के काम हमने किये हैं। रुद्रसागर को हमने पुनर्जीवित किया है। इसमें क्षिप्रा नदी का पानी रहेगा। मंदिर में लाइटिंग और साउंड सहित महाकाल पथ का निर्माण किया। दूसरे चरण में भी कई यहां काम पूर्ण होने हैं। ये सभी कार्य महाकाल महाराज ही करवा रहे हैं।'महाकाल परिसर 'महाकाल लोक' के नाम से जाना जाएगाशिवराज सिंह चौहान ने कहा- हमारे लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 11 अक्टूबर को प्रथम चरण का उद्घाटन करेंगे। मध्यप्रदेश की प्रगति और विकास सहित जनता के कल्याण के लिए हमें विचार आया कि महाकाल महाराज की नगरी में बैठक की जाए। लगभग 200 वर्षो बाद ऐसा पहली बार मौका आया है कि सरकार सेवक के रूप में उज्जैन में बैठक कर रही है। आज हमारा पहला निर्णय यही है कि महाकाल परिसर 'महाकाल लोक' के नाम से जाना जाएगा। आज हम एक सैद्धांतिक फैसला करते हैं कि नर्मदा जी का जल सदैव क्षिप्रा जी में आएगा।फ़ैक्टरीज़ का जो दूषित जल है, उसको डायवर्ट करने का काम चल रहा है। क्षिप्रा नदी किनारे रिवर फ्रंट भी विकसित किया जाएगा जिससे उज्जैन का अलग रूप निखरेगा। यहां दादा की सवारी निकलती है तो पुलिस बैंड भी निकलता है। हम महाकाल पुलिस बैंड प्रारंभ करेंगे जिनका उपयोग अनेक त्योहारों और पर्व पर किया जाएगा। इसमें 36 नये पदों का सृजन किया जाएगा।

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ने​बदलदीइसखिलाड़ीकीकिस्मतअबलगेगाबड़ादांवBhuvneshwar Kumar IND vs AUS: रोहित-राहुल के 'जाल' में फंसा भुवनेश्वर का 19वां ओवर******Highlights भुवनेश्वर कुमार को टी20 फॉर्मेट का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज माना जाता रहा है। चाहे पावरप्ले हो या फिर डेथ ओवर्स वे लगातार कई वर्षों से अपनी सटीक गेंदबाजी से टीम इंडिया को बेहतर स्थिति में पहुंचाते रहे। अब हालात पूरी तरह से सिर के बल खड़े हो गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के पहले मैच में भारत को शिकस्त मिली। ऑस्ट्रेलिया ने आखिरी चार ओवर में जीत के लिए जरूरी 55 रन को सिर्फ 20 गेंदों में हासिल कर लिया। इस हार में भुवनेश्वर की गेंदबाजी भी बराबर की हिस्सेदार रही। वे लगातार नाकाम हो रहे हैं और भारतीय टीम को हार का दीदार करना पड़ रहा है। एशिया कप से अब तक, खासकर 19वें ओवर में भुवी की गेंदबाजी पर ग्रहण लग रहा है।ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली टी20 के 19वें ओवर में भुवनेश्वर ने 16 रन लुटाए। इसके बाद इस मैच में जीत दर्ज करना ऑस्ट्रेलिया के लिए महज एक औपचारिकता भर बनकर रह गया। भुवनेश्वर ने इस ओवर की पहली गेंद को वाइड डाला तो दूसरी, तीसरी और चौथी लीगल डिलीवरी को ऑफ स्टंप से काफी बाहर रखा। उन्होंने ऑफ स्टंप से बाहर यॉर्कर लेंथ को हिट करने के चक्कर में लगातार 2 फुलटॉस गेंदें डाली। इसके बाद पांचवीं और छठी बॉल को शॉर्ट लेंथ पर डाला और बाद की अपनी तीनों डिलीवरी पर बाउंड्री लगवा बैठे।इस तरह के प्रयोग कभी से भुवनेश्वर की नहीं रहे हैं। वे पारंपरिक गेंदबाज रहे हैं, जिनकी ताकत स्विंग और सही लाइन लेंथ पर विकेट टू विकेट डिलीवरी रही है। उन्होंने इसी हुनर से अपनी खास पहचान बनाई है। भुवनेश्वर अपनी इन्हीं विशेषताओं के साथ खेल के सबसे छोटे फॉर्मेट के सबसे प्रभावी गेंदबाजों में से एक बने हैं। ऐसे में, इतने सारे मुकाम हासिल करने के बाद वे प्रयोगों के भंवरजाल में क्यों फंस रहे हैं, समझना मुश्किल है।भुवी की ये दिक्कत एशिया कप से ही चल रही है। भारत ग्रुप स्टेज के दोनों मुकाबले जीतकर एशिया कप के सुपर फोर राउंड में पहुंचा था जहां पहले मैच में उसका सामना आर्चराइवल्स पाकिस्तान से हुआ। पाकिस्तान को आखिरी दो ओवर्स में जीत के लिए 26 रनों की दरकार थी। भुवनेश्वर ने 19वें ओवर में 19 रन देकर एक ओवर पहले ही मैच को लगभग खत्म कर दिया। दूसरे करो या मरो के मुकाबले में भारत को आखिरी दो ओवर्स में श्रीलंका को 21 रन बनाने से रोकना था। 19वां ओवर डालने की जिम्मेदारी भुवनेश्वर को दी गई। भुवी ने अपनी 6 गेंदों पर 14 रन दे डाले जिसके बाद मैच महज एक औपचारिकता भर बनकर रह गया। भारत मैच हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गया।एशिया कप के इन दोनों ही मैचों में भुवनेश्वर ने 19वें ओवर में अपनी ज्यादातर गेंदें ऑफ स्टंप के बाहर यॉर्कर लेंथ पर डालने की कोशिश की, जिस चक्कर में उन्होंने फुलटॉस गेंदें फेंकी और बाउंड्री खा बैठे।ऐसी स्थिति में ही कोच का रोल अहम हो जाता है। हेड कोच राहुल द्रविड़ की लंबी चौड़ी टीम है। पारस महाम्ब्रे बॉलिंग कोच हैं। टीम में मेंटल कंडिशनिंग के लिए पैडी अप्टॉन जैसे विशेषज्ञ हैं। इसके बावजूद भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाज की एक ही गलती को बार बार दोहराने की बात को समझना थोड़ा मुश्किल है।ने​बदलदीइसखिलाड़ीकीकिस्मतअबलगेगाबड़ादांवIND vs ENG: ऋषभ पंत पर पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर का बयान, कहा- अपनी काबिलियत नहीं इंग्लैंड की गलती से शतक बनाया******Highlightsऋषभ पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेले जा रहे पांचवें टेस्ट मैच की पहली पारी में शानदार शतक जड़ा। उन्होंने 98 पर 5 विकेट गिरने के बाद रवींद्र जडेजा के साथ पारी को संभाला और 111 गेंदों पर 146 रनों की जबरदस्त पारी खेली। उनकी इस पारी के बाद दुनियाभर से कई क्रिकेट दिग्गज उनकी तारीफ करते नजर आए। लेकिन पाकिस्तान के एक पूर्व क्रिकेटर को शायद उनकी बल्लेबाजी रास नहीं आई तभी वह उनके शतक की तारीफ करने की बजाय इसे इंग्लैंड के गेंदबाजों की गलती बताते दिखे।स्पॉट फिक्सिंग मामले में दोषी पाए जाने के बाद बैन किए गए मोहम्मद आसिफ ने सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में पंत की तकनीक पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि, इंग्लैंड के गेंदबाजों ने रन लुटाए और उनकी गलती से पंत ने शतक जड़ा। ना कि पंत ने अपनी काबिलियत से सेंचुरी बनाई। आसिफ ने इसके अलावा विराट कोहली की बल्लेबाजी पर भी बयान दिया और कह दिया कि उनकी तकनीक अच्छी हो सकती है और वह मुझसे बड़े प्लेयर हो सकते हैं लेकिन उन्हें रन बनाने होंगे, करीब तीन साल से उन्होंने शतक नहीं लगाया है।मोहम्मद आसिफ ने इस वीडियो में ऋषभ पंत की बल्लेबाजी पर बयान दिया और साफतौर पर उनकी काबिलियत पर सवाल उठा दिए। आसिफ ने कहा कि, 'पंत ने इंग्लैंड की कमजोर रणनीति और खराब गेंदबाजी का फायदा उठाते हुए शतक बनाया ना कि अपनी काबिलियत की बदौलत उनकी यह पारी आई।' पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर ने पंत की तकनीक पर सवाल उठाते हुए कहा कि, 'वह शॉट खेलते समय ऊपर वाला हाथ ही यूज करते हैं, नीचे वाले हाथ का खास इस्तेमाल नहीं करते।'इंग्लैंड की रणनीति पर सवाल उठाते हुए आसिफ बोले कि, 'जब पंत और जडेजा दोनों लेफ्ट हैंड के बल्लेबाज थे तो उस वक्त जैक लीच को गेंदबाजी पर लाना सबसे बड़ी गलती थी। लीच दबाव में दिख रहे थे और उसका फायदा बल्लेबाजों ने उठाया। इसके अलावा इंग्लैंड के गेंदबाजों ने उन्हें ज्यादा बॉल आगे नहीं फेंकी। शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंदें ज्यादा डाली गईं।' यानी आसिफ ने साफतौर पर भारत के निचले क्रम के बल्लेबाजों को अच्छे खेल का श्रेय नहीं दिया बल्कि इंग्लैंड की खामियां निकाल लीं।भारतीय टीम का स्कोर मैच के शुरुआती सत्र में 98 रन पर पांच विकेट था। इंग्लैंड के गेंदबाज उम्मीद के मुताबिक कहर बरपा रहे थे और भारतीय टॉप ऑर्डर धराशायी हो गया था। इसके बाद ऋषभ पंत और रवींद्र जडेजा ने छठे विकेट के लिए 222 रनों की साझेदारी की और भारतीय पारी को संभाल लिया। पंत 146 रन बनाकर आउट हुए और जडेजा ने भी 104 रनों की पारी खेली। आखिरी में शमी के 16 और कप्तान बुमराह के नाबाद 31 रनों की बदौलत भारत ने 416 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड ने दूसरे दिन के अंत तक 84 रन पर 5 विकेट गंवा दिए हैं। बुमराह ने 3 और शमी व सिराज ने 1-1 विकेट झटका।

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ने​बदलदीइसखिलाड़ीकीकिस्मतअबलगेगाबड़ादांवAsia Cup 2022 : पाकिस्तान पर एक और संकट, ये खिलाड़ी हो सकता है बाहर******Highlightsपाकिस्तानी क्रिकेट टीम के लिए एशिया कप 2022 की शुरुआत अच्छी नहीं रही है। एशिया कप शुरू होने से पहले ही टीम के दो प्रमुख गेंदबाज टीम से बाहर हो गए और जब टीम भारत के खिलाफ मैच खेलने के लिए उतरी तो उसे हार का भी सामना करना पड़ा। पाकिस्तान के लिए मुश्किलें यहीं पर खत्म नहीं हो रही हैं। हो सकता है कि पाकिस्तान को एक और झटका अपने दूसरे मैच से पहले ही लग जाए। हालांकि अभी इसके बारे में पक्के तौर पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन फिर भी दिक्कतें तो पेश आ रही रही हैं।पाकिस्तान टीम को पहला झटका उस वक्त लगा, जब टीम के स्टार तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी एशिया कप से बाहर हो गए। इसके बाद दूसरे झटका उस वक्त लगा, जब टीम के दूसरे गेंदबाज मोहम्मद वसीम भी एशिया कप से बाहर हो गए। अब जब पाकिस्तानी टीम मैच खेलने के लिए उतरी तो तेज गेंदबाज नसीम शाह को टी20 में डेब्यू करने का मौका मिला। उन्होंने अपने पहले ही मैच में बेहतरीन गेंदबाजी की और भारतीय बल्लेबाजों को परेशान भी किया। लेकिन में जब वे आखिर के कुछ ओवर लेकर आए तो कुछ दिक्कत में नजर आ रहे थे। हर बार गेंद फेंकने के बाद वे लड़खड़ा रहे थे। ऐसा लग रहा था कि उन्हें कहीं क्रैम्प आया है, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने अपने कोटे के पूरे ओवर किए और विकेट भी निकाले, इसको लेकर सोशल मीडिया पर उनकी खूब चर्चा भी की गई। सोशल मीडिया पर चाहे भारत के लोग हों या फिर पाकिस्तान के, सभी ने उनकी तारीफ की।इस बीच अब आशंका ये जताई जाने लगी है कि पाकिस्तानी टीम को एक और झटका लग सकता है। हालांकि राहत की बात ये है कि पाकिस्तान को जल्द अब अपना मैच नहंी खेलना है। दो सितंबर को उनका मुकाबला हांगकांग से होना है। यानी उसके लिए उनके पास करीब चार से पांच दिन का वक्त बचा हुआ है। अगर चोट गंभीर नहीं है तो वे ठीक भी हो सकते हैं, लेकिन आखिरकार क्या होगा, इसके लिए कुछ दिन का इंतजार किया जाना चाहिए। अगर नसीम शाह बाहर होते हैं तो ये पाकिस्तान के अगले मैचों के लिए काफी मुश्किल होगा और टीम के लिए जीतना भी दिक्कततलब हो सकता है।

ने​बदलदीइसखिलाड़ीकीकिस्मतअबलगेगाबड़ादांवदशहरा के दिन अपराजिता और शमी की पूजा का है विशेष लाभ, जानें पूजा विधि******आज के दिन जीत का प्रतीक ‘’ का त्योहार मनाया जायेगा। पुराणों के अनुसार रावण पर भगवान श्री राम की जीत के उपलक्ष्य में विजयदशमी का ये त्योहार मनाया जाता है। आज के दिन अपना कोई खास काम करने से आपकी जीत सुनिश्चित होती है । आपको बता दूं कि आज के दिन दोपहर 01 बजकर 42 मिनट से लेकर 02 बजकर 29 मिनट तक विजय मुहूर्त रहेगा । इस बीच आप कोई भी कार्य करके अपनी जीत सुनिश्चित कर सकते हैं। जानें आचार्य इंदु प्रकाश से पूजा विधि।विजयदशमी के दिन अपराजिता की पूजा करने का विधान है। आज के दिन अपराजिता की पूजा से सालभर तक कार्यों में जीत हासिल होती है और किसी भी काम में रूकावट नहीं आती। आज के दिन दोपहर बाद घर के ईशान कोण, यानी उत्तर-पूर्व दिशा को अच्छे से साफ करके, उसे गोबर से लीपकर, उसके ऊपर चंदन से आठ पत्तियों वाला कमल का फूल बनाना चाहिए और संकल्प करना चाहिए-अगर आप ये मंत्र न पढ़ पायें, तो आपको इस प्रकार कहना चाहिए कि हे देवी ! मैं अपने परिवार के साथ अपने कार्य को सिद्ध करने के लिये और विजय पाने के लिये आपकी पूजा कर रहा हूं। इस प्रकार कहकर उस कमल की आकृति के बीच में अपराजिता का पौधा रखना चाहिए। ये तो हुई साधारण मनुष्य की बात, जबकि राजाओं को इस प्रकार संकल्प लेना चाहिएअब लोकतंत्र के समय में राजा तो नहीं होते, लेकिन देश के मुखिया प्रधानमंत्री होते हैं, राज्य के मुखिया मुख्यमंत्री होते हैं, साथ ही मंत्री होते हैं और उच्चाधिकारी होते हैं, जो अपने देश की, अपने राज्य की और अपने-अपने कार्यक्षेत्र की देखरेख करते हैं। अतः आज के दिन देश के प्रधानमंत्री को, मुख्यमंत्री को, मंत्रियों को और उच्चाधिकारियों को अपनी प्रजा के लिये, हर मोर्चे पर अपने देश की विजय के लिये और देश की तरक्की के लिये अपराजिता की पूजा करनी चाहिए और ये संकल्प लेना चाहिए -इसके बाद अपराजिता की दाहिनी ओर जया और बायीं ओर विजया शक्ति का आह्वाहन करना चाहिए। इसके बाद तीनों को प्रणाम करते हुए क्रमशः ये कहना चाहिए-‘अपराजितायै नमः,‘जयायै नमः, ‘विजयायै नमः’। इस तरह मंत्र कहते हुए उनकी षोडशोपचार, यानी 16 उपचारों के साथ पूजा करनी चाहिए और प्रार्थना करनी चाहिए- ‘हेदेवी, यथाशक्ति जो पूजा मैंने अपनी रक्षा के लिये की है, उसे स्वीकार कीजिए।' इस प्रकार देवी मां से अपने स्थान पर वापस जाने का आग्रह करें। जबकि राजा के संदर्भ में धर्मशास्त्र का इतिहास चतुर्थ भाग के पृष्ठ 71 पर अलग तरह से प्रार्थना बतायी गयी है। वर्तमान समय में राजा की जगह प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य उच्चाधिकारी ये प्रार्थना कर सकते हैं -‘वह अपराजिता जिसने कण्ठहार पहन रखा है, जिसने चमकदार सोने की मेखला, यानी करधनी पहन रखी है, जो अच्छा करने की इच्छा रखती है, मुझे विजय दे।‘... इस प्रकार प्रार्थना के बाद देवी का विसर्जन करना चाहिए।निर्णयसिन्धु और धर्मसिन्धु में शमी पूजा के बारे में विस्तार से दिया गया है। इसके लिये गांव की सीमा पर जाकर उत्तर-पूर्व दिशा में शमी के पौधे की पूजा करनी चाहिए। सबसे पहले शमी की जड़ में लोटे से साफ जल चढ़ाना चाहिए और घी का दीपक जलाना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति को सालभर तक यात्राओं में लाभ मिलता है, यात्रा में किसी प्रकार की बाधा नहीं आती और काम में सफलता मिलती है। शमी की पूजा के बाद सीमा उल्लंघन करना चाहिए, यानी अपने गांव या शहर की सीमा को लांघकर बाहर जाना चाहिये। इससे जीवन में उत्साह और प्रगति बनी रहती है।ने​बदलदीइसखिलाड़ीकीकिस्मतअबलगेगाबड़ादांवKidney stone: केले और नारियल पानी को डाइट में शामिल कर पथरी की समस्या को करें गुड बाय******Highlightsअगर एक बार पथरी की बीमारी हो जाए, तो इंसान को काफी दर्द और परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में लोग फिर ऑपरेशन का सहारा लेते है। लेकिन क्या आप जानते हैं बिना ऑपरेशन के भी पथरी का इलाज किया जा सकता है। लेकिन आप इन कुछ घरेलू नुस्खों के इस्तेमाल से पथरी की समस्या को कम कर सकते हैं। जाने माने आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ अबरार मुल्तानी ने हमें 10 ऐसी घरेलू चीजें बताई हैं जिससे पथरी होने की संभावना कम हो सकती है।किडनी स्टोन होने पर ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की कोशिश करें। दिन में कम से कम 10 से 12 गिलास पानी पिएं। पानी स्टोन बनाने वाले केमिकल को गलाने में मदद करता है और जितनी ज्यादा मात्रा में मूत्र बनेगा उतनी ही कम मात्रा में पथरी बनेगी।पथरी की समस्या से निपटने के लिए केला जरूर खाना चाहिए। केले में विटामिन बी भरपूर मात्रा में पायी जाती है। ये शरीर में पत्थर बनने से रोकता है और बने हुए पत्थर को छोटे छोटे हिस्सों में तोड़ने में मदद करता है। अगर किडनी के मरीज रोज़ाना 100 से 150 ग्राम तक विटामिन बी का सेवन करेंतो उन्हें किडनी की पथरी कभी नही होती.पथरी से बचाव करने के लिए सेब बहुत फायदेमंद है। इसका रोज़ाना सेवन पथरी के दर्द में भी आराम देता है। 1 गिलास एप्पल जूस अगर रोज़ाना पीया जाये तो पथरी नहीं बनती।जौ का पानी पीने से काफी फायदा होता है। जौ के पानी में मौजूद न्यूट्रिएंट्स पथरी को हटाने में बेहद मददगार हैं। जिन लोगों को किडनी प्रॉब्लम हैं, उन्हें रोज सुबह इसे पानी में भिगोकर पीना चाहिए। इससे पथरी निकल जाती है।किडनी स्टोन की समस्या में कलौंजी का सेवन फायदा पहुंचाता है.कलौंजी के बीज पथरी की एक शानदार औषधि है। इसे रोज़ाना सुबह एक चम्मच खाया जाये तो पथरी बनना रुक जाती है।धनिया सिर्फ खाने में स्वाद का ही तड़का नहीं लगती, बल्कि पथरी में भी बेहद असरदार है। धनिये में डिटॉक्सिफिकेशन के गुण पाए जाते हैं, जो आपके शरीर को डिटॉक्स करने में बेहद असरदार है। धनिये के बीज और हरा धनिया दोनों ही किडनी और पथरी के रोगियों के लिए अमृत है।मूली को पानी में उबालकर पीने से पथरी निकलती है। यह गाल ब्लैडर के स्टोन में भी लाभदायक है।एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। गाजर का जूस पीने से पथरी के रोगियों को बहुत लाभ होता है।नारियल का पानी इंसुलिन को बढ़ाता है। नारियल पानी मूत्र की मात्रा बढ़ाता है और किडनी की क्रियाविधि को ठीक करता है इसलिए यह पथरी में अतिउपयोगी है। नारियल का पानी किडनी में पथरी होने की समस्या में काफी फायदेमंद होता है।

ने​बदलदीइसखिलाड़ीकीकिस्मतअबलगेगाबड़ादांवभूलकर भी ये लोग न करें अधिक मात्रा में संतरे का सेवन, सेहत के लिए है खतरनाक******Highlightsसर्दियों के मौसम में बाजार में अधिक मात्रा में संतरा नजर आने लगता है। विटामिन सी से भरपूर संतरा एक मौसमी हैं। जिसका सेवन करने से इम्यूनिटी मजबूत होने के साथ कई बीमारियों से बचाव होता है।संतरे में अधिक मात्रा में विटामिन सी, ए, बी के अलावा फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं। जो कोरोना काल में आपकी बूस्ट करने में मदद करते हैं। इसी के चलते लोग संतरे का सेवन अधिक मात्रा में करने लगते हैं। लेकिन आपको बता दें कि कुछ लोगों के लिए यह नुकसानदेय साबित हो सकता है। जानिए किन लोगों को संतरे का सेवन अधिक मात्रा में करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।जिन लोगों को एसिडिटी, गैस, पेट संबंधी कोई समस्या हैं तो संतरा का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में एसिड और फाइबरहोता हैं जो पेट में जाकर एसिड की मात्रा बढ़ा देता है, जिससे आपकी एसिडिटी की समस्या और भी अधिक बढ़ जाती है।खट्टों फलों में अधिक मात्रा में एसिड पाया जाता है। जिसके कारण जब यह शरीर में जाता है तो, अधिक मात्रा में ये एकत्र हो जाता है। जिसके कारण एसिडिटी के अलावा हार्ट बर्न की समस्या भी हो जाती है।संतरे की तासीर खट्टी होने के साथ ठंडी होती हैं। ऐसे में अगर किसी व्यक्ति को जोड़ों में दर्द, अर्थराइटिस आदि की समस्या हैं तो वह संभल कर इसका सेवन करें। क्योंकि संतरे का अधिक सेवन करने से आपकी समस्या से बढ़ सकती हैं।संतरे में कम मात्रा में पोटैशियम पाया जाता हैं। लेकिन जब ये शरीर में जाता हैं तो इसकी मात्रा अधिक हो जाती हैं। ऐसे में अगर आप इसका अधिक सेवन करेंगे तो आपके किडनी के काम बाधित हो सकते हैं।अगर आप संतरा का अधिक सेवन करते हैं तो, यह दांतों को सुरक्षा देने वाली एनेमल परत को नुकसान पहुंचा सकता है। क्योंकि संतरे में एसिड अधिक मात्रा में होता है। जिसके कारण दांतों के एनेमल में मौजूद कैल्शियम के साथ मिलकर रिएक्शन करते है। इससे दांत धीरे-धीरे खराब होने लगते हैं।एक्सपर्ट के अनुसार एक दिन में व्यक्ति 1-2 संतरे ही खाना चाहिए।ने​बदलदीइसखिलाड़ीकीकिस्मतअबलगेगाबड़ादांवMaa Lakshmi: जिन घरों में रोज होते हैं ये 3 काम, वहां सदा होता है मां लक्ष्मी का निवास****** हमारे देश में कई ऐसे महान संत-महापुरुष हुए हैं, जिन्होंने अपने-अपने समय में देश में ज्ञान के प्रकाश से लोगों के जीवन के अंधकार को दूर किया है। हिंदू धर्म शास्त्रों में भी हर समस्या का समाधान छिपा है। ऐसे में इन शास्त्रों में मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के कई उपाय बताए गए हैं। मान्यता है कि जिस घर में कुछ खास काम रोजाना होते हैं वहां हमेशा मां लक्ष्मी निवास करती हैं। आइए जानते हैं कि वे 3 काम कौन से हैं।मान्यता है कि जिस घर में पति और पत्नी एक-दूसरे पर अटूट विश्वास करते हों। बिना शक और मतभेद के सारे दायित्व निभाते हों वहां मां लक्ष्मी हमेशा स्थाई निवास करती हैं। साथ ही लगातार ऐसे दंपति को वह आशीर्वाद देती हैं।यह भी बताया जाता है कि अनाज सिर्फ एक वस्तु नहीं बल्कि वह ईश्वर तुल्य है। इसलिए अनाज के हर कण को सम्मान देना चाहिए। जिन घरों में अनाज या भोजन का अपमान नहीं किया जाता और उसे अच्छे से रखा जाता है, उस घर में मां लक्ष्मी हमेशा वास करती हैं।बताया जाता है कि जिन घरों में मूर्खों और अज्ञानियों से दूरी बनाई जाती है। उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। वह घर हमेशा खुसी रहता है। जहां समझदार और गुणी लोगों का सम्मान होता है वहां मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) खूब कृपा बरसाती हैं।

ने​बदलदीइसखिलाड़ीकीकिस्मतअबलगेगाबड़ादांवHow to Get Rid of Lizards: मोर के पंख से नहीं बल्कि ऐसे भागेंगी आपके घर से छिपकली******शायद ही कोई घर हो जहां छिपकली नहीं पाई जाती। हमारे घर के कोनों, बेड, किचन या दीवाल पर छिपकली अक्सर अपना डेरा जमाए हुए देखी जाती है. हर किसी को छिपकली के घर में होने से दिक्कत होती है और सभी को छिपकली से डर भी लगता है। अगर आप भी उन्हें भगाने के लिए आप भी कई तरह के जतन कर थक चुके है, लेकिन कोई हल नहीं निकला है। तो, अब आप इन आसान घरेलू उपायों को आज़माएं और इनकी मदद से छिपकली को भगाएं।नेफ्थलीन की गोलियों से भी छिपकली नहीं आती है। जहां छिपकलियां आती हैं आप वहां नेफ्थलीन की गोलियां रख सकते हैं। इसकी महक छिपकली को पंसद नहीं है, इसलिए आपने देखा भी होगा लोग अपने घर के कोनों में कई सारी नेफ्थीलीन की गोलिया डालकर रखते हैं। थोड़ा सा लाल और काली मिर्च लेकर उसमे ज़रा सा पानी डालक्र उसका घोल तैयार कर लें।फिर उसे किसी स्प्रे वाली बॉटल में डालकर जहांसे छिपकली आती है वहां स्प्रे करें।शायद आपको पता नहीं होगा लेकिन स्वाद से भरपूर कॉफी आपको जितनी जल्दी तरोताजा महसूस कराती है उतनी ही जल्दी ये घर से छिपकली को भगाती है। कॉफी पाउडर में तंबाकू मिलाकर, उसकी छोटी-छोटी गोली बनाएं। उन गोली को घर के उन जगहों पर रखें, जहां छिपकलियां ज्यादा आती हैं। ऐसा करने के बाद छिपकली दुबारा आपके घर की तरफ आने की हिम्मत नहीं करेगी।अंडे के छिलकों से भी आप छिपकलियां भगा सकते हैं। अंडे के छिलकों की महक से छिपकलियां दूर भागती हैं।प्याज का रस निकालकर आप एक बोटल में रख ले और जब भी आपको छिपकलियां खिड़कियों, दरवाजों या दिवार पर दिखे स्प्रे बोटल से छिपकलियों पर स्प्रे कर दें।प्याज की तरह लहसुन भी छिपकली भगाने में बहुत ज़्यादा कारगर है। लहसुन को छिलकर भी आप घर के कोनों में रख सकते हैं या लहसुन की कलियों को प्याज की तरह धागे में बांधकर बल्ब या ट्यूब लाइट के पास लटका दें। इससे छिपकली हमेशा के लिए आपके घर में आना बंद कर देगी।ने​बदलदीइसखिलाड़ीकीकिस्मतअबलगेगाबड़ादांवUttarakhand: सीबीआई, ईडी जनता की जगह बीजेपी की कर रहीं सेवा, हरीश रावत का केंद्र पर वार******Highlights उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने शनिवार को केंद्र पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए आरोप लगाया किईडी, आयकर और सीबीआई जैसी संस्थाएं जनता की सेवा के लिए बनी थीं, लेकिन वे अब सिर्फ सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टीकी सेवा कर रही हैं।शनिवार देर रात एक शादी समारोह में शामिल होने आए रावत ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान दावा किया कि ईडी का दफ्तर अब भाजपा काकार्यालय बन गया है। यदि कोई भी भाजपा के खिलाफ बोलेगा तो उसके घर ईडी और सीबीआई पहुंच जाएगी, लेकिन ये एजेंसियां राहुल गांधी का मनोबल नहीं तोड़ सकती। उन्होंने कहा कि ईडी, आयकर विभाग और सीबीआई जैसी संस्थाएं जनता की सेवा के लिए बनी थीं लेकिन वे अब भारतीय जनता पार्टी की सेवा कर रही हैं।पूर्व सीएम हरीश रावत ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अग्निपथ योजना देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। केंद्र सरकार की इस योजना ने सेना में भर्ती होने के युवाओं के सपने को चौराहे पर चकनाचूर कर दिया है। उन्‍होंने कहा, ‘‘हम हिंसा की वकालत नहीं करते लेकिनयुवाओं की भावना सरकार को समझनी चाहिए और अगर हिंसा की आड़ में नौजवानों को कुचलने का काम किया गया तो यह घातक होगा।’’

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