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Monthly Vrishabh Rashifal August 2022: वृषभ राशि वालों को हो सकती है सांस लेने में तकलीफ
रिलीज़ की तारीख:2022-10-08 03:11:07
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वृषभराशिवालोंकोहोसकतीहैसांसलेनेमेंतकलीफDelhi Assembly Monsoon Session: दिल्ली विधानसभा का मॉनसून सत्र कल से शुरू, विधायकों का वेतन बढ़ाने का विधेयक पेश करेगी AAP******Highlights दिल्ली विधानसभा का दो दिवसीय मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू होगा। इस मॉनसून सत्र में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार विधायकों का वेतन बढ़ाने के लिए एक विधेयक पेश करेगी। विधानसभा (Delhi Assembly) द्वारा जारी एक बुलेटिन में यह जानकारी दी गयी है। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली की आप सरकार तीनों सशस्त्र बलों में जवानों की भर्ती के लिए केंद्र की अग्निपथ योजना (Agneepath Scheme) के खिलाफ भी प्रस्ताव ला सकती है।दिल्ली विधानसभा के मॉनसून सत्र (Monsoon Session) के कामकाज की सूची के अनुसार आप सरकार के कानून, न्याय और कानूनी मामलों के मंत्री कैलाश गहलोत मंत्रियों, विधायकों, विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और मुख्य सचेतक के वेतन में बढ़ोतरी का विधेयक पेश करेंगे। दिल्ली में एक विधायक को वर्तमान में वेतन और भत्ते के रूप में प्रति माह 54,000 रुपये मिलते हैं, जिसे बढ़ा कर 90,000 रुपये किये जाने की संभावना है।दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly) के बुलेटिन के मुताबिक, विधानसभा का सत्र (Monsoon Session) चार जुलाई को सुबह 11 बजे से शुरू होगा। दिल्ली में कोविड-19 की मौजूदा स्थिति के कारण विधानसभा सत्र के दौरान सभी विधायकों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। बुलेटिन के अनुसार सभी विधायकों को सत्र में शामिल होने से पहले कोविड टीके की दोनों खुराक लगवाने का प्रमाणपत्र दिखाना होगा या कोविड-19 की नेगेटिव जांच रिपोर्ट दिखानी होगी, जो 48 घंटे से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए।दिल्ली सरकार आगामी विधानसभा सत्र के दौरान केंद्र की अग्निपथ रक्षा भर्ती योजना के खिलाफ एक प्रस्ताव पेश कर सकती है। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने गुरुवार को विवादास्पद योजना के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया था। केंद्र सरकार द्वारा 14 जून को घोषित की गई इस योजना को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। सूत्रों ने कहा, ''दिल्ली विधानसभा में ऐसा प्रस्ताव लाए जाने और उसपर चर्चा होने की संभावना है।''

वृषभराशिवालोंकोहोसकतीहैसांसलेनेमेंतकलीफKerala: केरल में नाबालिग से यौन शोषण के जुर्म में 90 वर्षीय व्यक्ति को जेल, कोर्ट ने सुनाई सजा******Highlightsकेरल की एक कोर्ट ने पालाक्काड जिले के करीम्बा गांव में एक नाबालिग लड़की के यौन शोषण के जुर्म में 90 वर्षीय व्यक्ति को तीन साल की जेल की सजा सुनाई है। त्वरित अदालत के स्पेशल जज सतीश कुमार ने 2020 में पड़ोस में रहने वाली 15 वर्षीय लड़की का यौन शोषण करने के जुर्म में दोषी पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर निशा विजयकुमार ने बताया कि बुजुर्ग को बाल यौन अपराध संरक्षण (POCSO) कानून की धारा 7 के तहत यौन शोषण का दोषी ठहराया गया। पॉक्सो कानून की धारा 7 के तहत न्यूनतम 3 साल और अधिकतम 5 साल की सजा का प्रावधान है। विजयकुमार ने बताया कि अदालत ने 9 गवाहों के बयान दर्ज करने और अभियोजन द्वारा दाखिल कई दस्तावेजों पर गौर करने के बाद आरोपी को दोषी ठहराया।कुछ दिनों पहले एक कान्वेंट में चार नाबालिग लड़कियों का यौन उत्पीड़न हुआ था। दरअसल दक्षिण केरल में एक कान्वेंट में घुसकर 4 नाबालिग लड़कियों का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में 4 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने को इसकी जानकारी दी। ग्रामीण इलाके में स्थित ‘ननरी’ (ननों के रहने की जगह) के पास पुलिस के रात्रि गश्ती दल ने एक दिन पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों के धार्मिक संस्थान में घुसने के मकसद का खुलासा हुआ।आरोपियों से मिली जानकारी के मुताबिक, एक महिला पुलिस अधिकारी ने कान्वेंट में जाकर नाबालिग लड़कियों का बयान दर्ज किया जिसमें पता चला कि उनका पिछले कुछ दिनों से यौन शोषण किया जा रहा था। पीड़िताओं के बयान के आधार पर दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों पर यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) और भारतीय दंड संहिता की धारा-460 के तहत मामला दर्ज किया गया है।वृषभराशिवालोंकोहोसकतीहैसांसलेनेमेंतकलीफAIIMS MBBS result 2018: जल्द जारी होगा रिजल्ट, www.aiimsexams.org पर करें चेक****** जल्दी ही MBBS Entrance Exam का रिजल्ट घोषित करेगा। MBBS कोर्स के लिए यह परीक्षा 26 और 27 मई 2018 को हुई थी। यह परीक्षा जो दिन तक दोनों ही शिफ्ट में करवाई गई थी। रिजल्ट घोषित होने के बाद एम्स काउंसलिंग शेड़युल भी जारी करेगा। सबी परीक्षार्थी पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं इसके साथ ही परीक्षार्थी एम्स की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। रिजल्ट फोन, एसएमएस और ईमेल पर नहीं दिखाया जाएगा। में छात्रों के साढ़े तीन घंटे का समय दिया गया था। इस परीक्षा के लिए छात्रों को 20 मई को ही एडमिट कार्ड भेज दिया गया था। छात्रों की रैंक इस पर निर्भर करेगी की उन्होंने परीक्षा में कितने अंक प्राप्त किए हैं।जिस भी छात्र के बायोलॉजी में सबसे ज्यादा अंक होंगे उसे सबसे पहली रैंक दी जाएगी। यदि किन्हीं दो छात्रों की बायोलॉजी में समान अंक होंगे तो ऐसी स्थिति में उनके केमेस्ट्री के अंक देखें जाएंगे, जिसके बाद उन्हें रैंक दी जाएगी।

Monthly Vrishabh Rashifal August 2022: वृषभ राशि वालों को हो सकती है सांस लेने में तकलीफ

वृषभराशिवालोंकोहोसकतीहैसांसलेनेमेंतकलीफबाटा इंडिया भारत को 2018 में अपनी पैतृक कंपनी के लिए बना देगी सबसे बड़ा बाजार, अभी इटली है नंबर वन******2018 के अंत तक बाटा शू ऑर्गेनाइजेशन (बीएसओ) के लिए सबसे महत्‍वपूर्ण बाजार बन जाएगा। स्‍वीट्जरलैंड की बाटा शू ऑर्गेनाइजेशन, जो बाटा इंडिया की पैतृक कंपनी है, ने उम्‍मीद जताई है कि इस साल 31 दिसंबर तक भारत टर्नओवर के मामले में इटली को पीछे छोड़ते हुए उसके लिए नंबर वन बाजार बन जाएगा। अभी टर्नओवर के मामले में इटली सबसे आगे है।बीएसओ की डायरेक्‍टर क्रिस्‍टाइन बाटा श्मिट ने कहा कि भारत दूसरा सबसे महत्‍वपूर्ण बाजार है। लेकिन यह तेजी से बढ़ रहा है इसलिए ऐसी उम्‍मीद है कि इस साल के अंत तक यह हमारे लिए टर्नओवर के मामले में सबसे महत्‍वपूर्ण बाजार बन जाएगा। बाटा शू ऑर्गेनाइजेशन की 70 देशों में उपस्थिति के बावजूद भारत उसके लिए महत्‍वपूर्ण है। दिसंबर 2017 तिमाही में बाटा इंडिया की शुद्ध बिक्री 6.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 674 करोड़ रुपए रही है, जो कि इससे पहले के वित्‍त वर्ष की समान तिमाही में 634.6 करोड़ रुपए थी।जूतों की जोड़ी की बिक्री के मामले में भारत पहले ही बीएसओ के लिए नंबन वन मार्केट बन चुका है। बाटा इंडिया के पूरे देश में लगभग 1200 स्‍टोर हैं। श्मिट ने कहा कि वह देश में बाटा के सबसे पुराने संयंत्र का भ्रमण करने भी जाएंगी, जो पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले के बाटानगर में स्थित है।वृषभराशिवालोंकोहोसकतीहैसांसलेनेमेंतकलीफPitru Paksha 2022: इन तारीखों पर होगा पुरखों के लिए पिंड दान, जानिए कब शुरू हो रहे हैं पितृ पक्ष******Highlights हिंदू धर्म शास्त्रों और मान्यताओं के अनुसार माता-पिता और घर के बड़ों का सम्मान और उनकी सेवा करना किसी यज्ञ और पूजा से कम नहीं है। माता-पिता जब तक संसार में हैं तब ही नहीं बल्कि संसार से जाने के बाद यानी उनकी मृत्यु के बाद भी वह पुरखों के रूप में देव तुल्य माने जाते हैं। उनकी आत्मा को पूर्ण रूप से मुक्ति प्रदान करने के लिए लोग श्राद्ध करते हैं। हर वर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि से आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि तक पितृ पक्ष मनाया जाता है। यह कुल 16 दिनों की अवधि होती है। इस साल पितृ पक्ष 10 सितंबर से प्रारंभ हो रहा है जो 25 सितंबर को समाप्त होगा।पूरे साल अपने कामों में उलझे लोग इस पितृ पक्ष के दौरान सारे मांगलिक कार्य छोड़कर पुरखों के लिए तर्पण करते हैं। क्योंकि वाकई इन दिनों का हमारे पुराणों में काफी महत्व है। आपको बता दें कि पितृ पक्ष में कई काम करने पर रोक है। जैसे किसी भी तरह के शुभ संस्कार- विवाह, मुंडन, उपनयन, नामकरण आदि इस दौरान वर्जित हैं। इसके साथ ही नए मकान या वाहन खरीदने से भी मना किया जाता है। अगर किसी की कुंडली में पितृ दोष हो तो उससे मुक्ति पाने के लिए यह समय सबसे अच्छा होता है। इसलिए इन दिनों में सभी की यह कोशिश होती है कि वह अपने पितरों को खुश करने और उनका आर्शीवाद पाने के लिए कोई कमी ना छोड़ें।पितृपक्ष में हमारे पुरखों के नाम पर पिंडदान और श्राद्ध करने का महत्व है। खासकर बिहार स्थित 'गया जी' में पिंडदान करना सबसे अच्छा माना जाता है। सभी की कोशिश होती है कि जीवन में वह एक बार 'गया जी' जाकर अपने पितरों के लिए पिंडदान कर सके। इसके साथ ही जिस तिथि में पुरखों की मृत्यु हुई हो उस तारीख में ब्राह्मणों और अपने कुल के लोगों को भोज कराया जाता है।10 सितंबर 2022- पूर्णिमा श्राद्ध भाद्रपद, शुक्ल पूर्णिमा11 सितंबर 2022- प्रतिपदा श्राद्ध, आश्विन, कृष्ण प्रतिपदा12 सितंबर 2022- आश्विन, कृष्णा द्वितीया13 सितंबर 2022 - आश्विन, कृष्ण तृतीया14 सितंबर 2022 - आश्विन, कृष्ण चतुर्थी15 सितंबर 2022 - आश्विन, कृष्ण पंचमी16 सितंबर 2022 - आश्विन, कृष्ण षष्ठी17 सितंबर 2022 - आश्विन, कृष्ण सप्तमी18 सितंबर 2022 - आश्विन, कृष्ण अष्टमी19 सितंबर 2022 - आश्विन, कृष्ण नवमी20 सितंबर 2022 - आश्विन, कृष्ण दशमी21 सितंबर 2022 - आश्विन, कृष्ण एकादशी22 सितंबर 2022 - आश्विन, कृष्ण द्वादशी23 सितंबर 2022 - आश्विन, कृष्ण त्रयोदशी24 सितंबर 2022 - आश्विन, कृष्ण चतुर्दशी25 सितंबर 2022 - आश्विन, कृष्ण अमावस्यावृषभराशिवालोंकोहोसकतीहैसांसलेनेमेंतकलीफसिंधिया ने कहा, तेलंगाना के 16 ग्रीन जोन में ड्रोन से होगी दवाओं की सप्लाई******केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को कहा कि ‘मेडिसिन फ्रॉम द स्काई’ (हवाई मार्ग से दवाएं) परियोजना के तहत ड्रोन की मदद से दवाओं और टीके की आपूर्ति की शुरुआत पायलट परियोजना के तहत तेलंगाना के 16 ग्रीन जोन से की जाएगी। उन्होंने कहा कि पायलट परियोजना के आंकड़ों के आधार पर इसका विस्तार राष्ट्रीय स्तर पर किया जाएगा। विकराबाद में ‘मेडिसिन फ्रॉम द स्काई’ परियोजना की शुरुआत करते हुए सिंधिया ने कहा कि केन्द्र की राजग नीत सरकार की नयी ड्रोन नीति ने नियमों में कुछ ढील देते हुए देश में ड्रोन के उपयोग को आसान बना दिया है।नई नीति के तहत के संचालन के लिए पहले के 25 फॉर्म के मुकाबले अब महज 5 फॉर्म भरने पड़ेंगे वहीं पहले जहां 72 प्रकार का शुल्क लिया जाता था, अब संचालक को महज चार प्रकार का शुल्क देना होगा। ग्रीन जोन के तहत ड्रोन के संचालन/उड़ान के लिए किसी पूर्वानुमति की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं, येलो जोन में ड्रोन उड़ाने के लिए पूर्वानुमति लेनी होगी जबकि रेड जोन ‘नो फ्लाई जोन’ होगा और वहां ड्रोन नहीं उड़ाए जा सकेंगे। मंत्री ने कहा, ‘(तेलंगाना के) 16 ग्रीन जोन में ‘मेडिसिन फ्रॉम द स्काई’ परियोजना शुरू की जाएगी। इसके आंकड़ों का विश्लेषण तीन महीने तक किया जाएगा।’

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वृषभराशिवालोंकोहोसकतीहैसांसलेनेमेंतकलीफMonkeypox Vaccine: जापान ने मंकीपॉक्स को रोकने के लिए चेचक की वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी दी******Highlightsकोरोना वायरस से दुनिया पर आई आफत अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि मंकीपॉक्स कई देशों में कहर मचाने लगा है। भारत में भी पिछले कुछ दिनों में एक के बाद एक कई मामले सामने आ चुके हैं, और एक शख्स की इस बीमारी से मौत भी हो गई है। दुनिया के कई देश मंकीपॉक्स से जूझ रहे हैं और वहां मरीजों की संख्या हजारों में पहुंच चुकी है। इस बीच जापान से इस बीमारी को लेकर एक राहत भरी खबर सामने आई है।जापान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंकीपॉक्स को रोकने के लिए चेचक के टीके के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि मंत्रालय द्वारा अनुमोदित चेचक के टीके को मंकीपॉक्स के खिलाफ 85 प्रतिशत प्रभावी माना जाता है। जापान में जुलाई के अंत में 30 साल के ऊपर के 2 पुरुष मंकीपॉक्स से पीड़ित पाए गए हैं। इन दोनों ने ही विदेश यात्रा की थी जिसके बाद सरकार बीमारी के प्रसार को रोकने को लेकर सतर्क हो गई है। के विदेश मंत्रालय ने जिस को मंजूरी दी है उसका नाम LC16 KMB (एलसी16 केएमबी) है। यह एक फ्रीज ड्राइड, सेल कल्चर डिराइव्ड वैक्सीन है जो कि चेचक की रोकथाम में काम आती है। साथ ही के इलाज के लिए टेकोविरिमैट (Tecovirimat) का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। ये दवाएं मंकीपॉक्स के इलाज में प्रभावी मानी जा रही हैं। बता दें कि दुनिया में मंकीपॉक्स के प्रसार को देखते हुए WHO ने हाल ही में इसे वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था।रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार तक दिया में मंकीपॉक्स के पुष्ट मामलों की संख्या 25 हजार के आंकड़े को पार कर चुकी थी। यह बीमारी इस साल यूरोप में सबसे पहले सामने आई थी और उसके बाद कई देशों में यह तेजी से फैली है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूरोप से शुरू होकर यह बीमारी अब तक दुनिया के 83 देशों में फैल चुकी है। राहत की बात सिर्फ इतनी सी है कि यह कोरोना वायरस की तरह संक्रामक नहीं है और सही इलाज से 2-4 हफ्ते के अंदर ठीक हो जाती है। हालांकि इसके कई गंभीर मामले भी देखने को मिले हैं जिनमें मरीजों की मौत तक हुई है।वृषभराशिवालोंकोहोसकतीहैसांसलेनेमेंतकलीफRakesh Jhunjhunwala के हमेशा सफेद कपड़े पहने का राज क्या आप जानते हैं? गुरु से मिली थी सीख!******Highlightsभारतीय शेयर बाजार के बिग बुल कहे जाने वाले का निधन हो गया है। उन्होंने 62 साल की उम्र में आज सुबह 6 बजकर 45 मिनट पर आखिरी सांस ली। वह मुंबई के ब्रीच में एडमिट थे, जब उनके निधन की जानकारी सामने आई। वह 2-3 हफ्ते पहले ही हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किए गए थे। इन्हें भारत का भी कहा जाता था। वॉरेन बफेट दुनिया के सबसे प्रसिद्ध शेयर इंवेस्टर में गिने जाते हैं। राकेश झुनझुनवाला का सफेद कपड़ा को लेकर एक खास कनेक्शन था। पीएम मोदी से मिलते वक्त भी उन्होनें सफेद कपड़ा ही पहना हुआ था। राकेश झुनझुनवाला के गुरु का नाम राधाकिशन दमानी है। वह अक्सर सफेद कपड़े पहनते है। राधाकिशन को 'मिस्टर व्‍हाइट एंड व्‍हाइट' भी कहा जाता है। वह भारत के सफल बिजनेस मैन में गिने जाते हैं। वह रीटेल चेन डीमार्ट (D Mart) को चलाने वाली एवेन्यू सुपरमार्ट्स के फाउंडर हैं। यह फरवरी 2020 में देश के दूसरे सबसे अमीर आदमी भी रह चुके हैं। कहा जाता है कि राकेश झुनझुनवाला शेयर बाजार का ज्ञान इनसे ही लिया करते थे।राकेश झुनझुनवाला को अक्सर सफेद कपड़ों में देखा जाता था। वह किसी भी आयोजन में शिरकत करते थे तो सफेद कपड़ा पहनना पसंद करते थे। उनके गुरु भी सफेद कपड़ों के शौकिन थे। झुनझुनवाला एक सामान्य जीवन व्यतीत करते थे। उन्होनें सीआईआई के एक कार्यक्रम में कहा था कि मार्केट, मौत, महिला और मौसम के बारे में भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है। ये कभी भी बदल सकते हैं।पीएम मोदी से जब राकेश झुनझुनवाला मिलने गए थे तब भी उन्होनें सफेद कपड़ा ही पहना था। उनकी वो तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी, जिसमें उनकी शर्ट मुड़ी-तुड़ी दिख रही थी। इसे लेकर उन्होनें बाद में कहा था कि यह सिर्फ इकलौती सफेद शर्ट थी, जिसे पीएम से मिलने के लिए 600 रुपये खर्च कर इस्तरी करवाया था। उन्होनें कहा था कि सरकारी और समाचार एजेंसियों ने पीएम और वित्त मंत्री के साथ की बैठक को हाई प्रोफाइल बना दिया था। जबकि वह एक सामान्य बैठक थी। हालांकि पीएम मोदी ने झुनझुनवाला की जमकर तारीफ की थी।राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) के निधन पर पीएम मोदी ने दुख जताया है और एक तस्वीर भी शेयर की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'राकेश झुनझुनवाला अदम्य थे। जीवन से भरपूर, मजाकिया और व्यावहारिक, वह अपने पीछे वित्तीय दुनिया में एक अमिट योगदान छोड़ गए। वह भारत की प्रगति के प्रति भी बहुत भावुक थे। उनका जाना दुखद है। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।'

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वृषभराशिवालोंकोहोसकतीहैसांसलेनेमेंतकलीफRajya Sabha Election: जेल में बंद NCP नेता देशमुख और मलिक ने मांगी एक दिन की जमानत, ED ने किया विरोध******Highlights प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज मंगलवार को महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख और मंत्री नवाब मलिक की एक दिन के लिए जमानत की मांग वाली याचिकाओं का विरोध किया है। ईडी ने विरोध दर्ज करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कैदियों को मतदान का अधिकार नहीं है। दोनों नेताओं ने 10 जून के राज्यसभा चुनाव में मतदान के लिए एक दिन की जमानत की मांग की थी।अनिल देशमुख और नवाब मलिक, दोनों एनसीपी नेता वर्तमान में विभिन्न धन शोधन मामलों के सिलसिले में जेल में बंद हैं। दोनों नेताओं ने राज्यसभा चुनावों में मतदान करने के लिए पिछले सप्ताह एक विशेष अदालत से अस्थायी जमानत मांगी थी। ईडी ने अपने जवाब में विशेष अदालत को बताया कि देशमुख उनके खिलाफ दर्ज धनशोधन मामले में मुख्य आरोपी हैं और पिछले साल नवंबर में गिरफ्तार होने के बाद फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।जांच एजेंसी ने आगे कहा, "यह उल्लेख करना उचित है कि कैदियों के पास जन प्रतिनिधित्व (आरपी) अधिनियम के तहत मतदान का अधिकार नहीं है।" इसलिए उक्त आवेदन को खारिज किया जाना चाहिए। ईडी ने इसी आधार पर मलिक की याचिका का भी विरोध किया।अपनी जमानत अर्जी में देशमुख ने कहा है, "विधायक होने के नाते आवेदक (देशमुख) राज्यसभा के सदस्यों के चुनाव के लिए इलेक्टोरल कॉलेज का सदस्य है। आवेदक अपने मताधिकार का प्रयोग करने और अपना मत डालने का इच्छुक है।" इस मामले में बुधवार को आगे सुनवाई होगी।

वृषभराशिवालोंकोहोसकतीहैसांसलेनेमेंतकलीफRajat Sharma’s Blog: कहने को अस्पताल, न दवा, न डॉक्टर, ये है PMCH का हाल******बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने, जो कि स्वास्थ्य मंत्री भी हैं, राज्य के सबसे बड़े अस्पताल, पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का मंगलवार की रात को अचानक मुआयना किया। अस्पताल में मरीज़ों की बदहाली को देखकर वह दंग रह गए।अस्पताल के कॉरिडोर में लाशें पड़ी थी, मरीज जमीन पर पड़े कराह रहे थे, कुछ को सलाइन वॉटर चढ़ रहा था जिसकी बोतलों को रस्सी के जरिए वहां जल रहे बल्ब से बांधा गया था। अस्पताल में दवाओं के नाम पर सिर्फ बुखार की गोली और पेनकिलर टैबलेट मिल रहा था। सबसे बड़ी बात, रात के वक्त अस्पताल से डॉक्टर ही गायब थे। फॉर्मेसी का इंचार्ज भी ड्यूटी पर नहीं था। सब कुछ राम भरोसे था।जिन मरीजों को ICU में ऐडमिट करने की जरूरत थी, वे स्ट्रेचर पर पड़े कराह रहे थे। डॉक्टर तो दूर, नर्स ने भी उन्हें नहीं देखा। मरीजों के परिवार वाले जान बचाने की गुहार लगा रहे थे, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं था।यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 17 साल लंबे ‘सुशासन’ का जीता-जागता नमूना है। अपने मुआयने के बाद बुधवार को तेजस्वी यादव ने सिविल सर्जनों के साथ बैठक कर अस्पतालों की दशा सुधारने का वादा किया। उन्होंने कहा, 'हालात जरूर सुधरेंगे।' लेकिन हमारे संवाददाता नीतीश चंद्र, जो बुधवार की सुबह PMCH पहुंचे थे, को अस्पताल की मौजूदा हालत में कोई बदलाव नजर नहीं आया।बुधवार की रात अपने प्राइम टाइम शो 'आज की बात' में हमने दिखाया कि कैसे सूबे के सबसे बड़े अस्पताल को नर्सों और ट्रेनी डॉक्टरों के भरोसे छोड़ दिया गया था, और सभी सीनियर डॉक्टर ड्यूटी से गायब थे। तेजस्वी यादव ने गार्डिनर रोड हॉस्पिटल और गर्दनीबाग के सरकारी अस्पताल का भी दौरा किया, लेकिन तब तक औचक निरीक्षण की बात फैल चुकी थी इसलिए बाकी के दोनों अस्पतालों में डॉक्टर ड्यूटी पर मौजूद मिले।तेजस्वी यादव सबसे पहले PMCH के जनरल वॉर्ड में पहुंचे। वहां मरीज को देखने के लिए कोई डॉक्टर ही नहीं था। परिवार वाले ही अपने मरीज की देखभाल कर रहे थे। मरीजों के तीमारदारों ने जैसे ही तेजस्वी को देखा तो शिकायतों का अंबार लग गया। बेड टूटे-फूटे थे, बेडशीट और तकिया गायब थे, मरीज गद्दों पर लेटे हुए थे और उनकी सैलाइन वॉटर की बोतल को परिजन लेकर खड़े हुए थे क्योंकि स्टैंड नहीं था। वॉर्ड में जबरदस्त भीड और उससे भी ज्याद गंदगी थी। तेजस्वी के लिए भी सांस लेना मुश्किल हो गया, पेशाब की और दवाओं की बदबू आ रही थी। परिजनों ने मंत्री को गंदे वॉशरूम दिखाए जो इस्तेमाल के लायक ही नहीं थे। तेजस्वी वॉशरूम देखने गए, लेकिन अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।ज़्यादातर मरीजों के परिजनों ने बताया कि वे इतने गरीब हैं कि बाहर से दवाएं नहीं खरीद सकते लेकिन अस्पताल की फॉर्मेसी में डॉक्टरों की लिखी कोई दवा नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, नर्स और मरीज उनकी बात ही नहीं सुनते। तेजस्वी फिर फार्मेसी गए, लेकिन वहां का मैनेजर गायब था। पता लगा कि रात में मैनेजर नहीं होता, कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे दो लोगों के भरोसे फॉर्मेसी चलती है। जब तेजस्वी ने दवाओं की लिस्ट के बारे में पूछा तो पता चला कि लिस्ट ही नहीं है। तेजस्वी के बहुत जोर डालने पर एक कर्मचारी ने बताया कि फॉर्मेसी में सिर्फ 46 तरह की दवाएं हैं। उसने बताया कि दवाओं की लिस्ट सुबह इंचार्ज साहब के आने के बाद मिलेगी।आमतौर पर अस्पताल की फार्मेसी में मरीजों को मुफ्त में देने के लिए लगभग 600 तरह की दवाएं उपलब्ध होनी चाहिए थीं।पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में 1,675 बेड हैं, और राज्य सरकार ने इनकी संख्या बढ़ाकर 5,462 बेड तक करने का लक्ष्य रखा है। PMCH के लिए पिछले साल 5,500 करोड़ रुपये का बजट रखा था। इस हॉस्पिटल में औसतन 4 हजार मरीज रोज आते हैं।तेजस्वी डॉक्टरों के चैंबर में गए। उन्हें एक भी सीनियर डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। वहां केवल दो जूनियर डॉक्टर थे, जो पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल के छात्र थे। जूनियर डॉक्टरों ने बताया कि उनके सीनियर रात 11 बजे खाना खाने गए थे। तेजस्वी को दूसरे वॉर्ड में भी ऐसे ही हालात मिले, जहां सिर्फ नर्सें ही मौजूद थीं।PMCH में कुल मिलाकर 36 वॉर्ड हैं। डॉक्टरों और प्रोफेसरों की कुल 586 पोस्ट हैं, लेकिन फिलहाल यहां 331 डॉक्टर हैं, और 255 पद खाली हैं।तेजस्वी यादव ने जब अस्पताल अधीक्षक से मिलना चाहा, तो पता चला कि वह है नहीं। तेजस्वी ने उनसे फोन पर बात की और तुरंत अस्पताल आने को कहा। इसके बाद वह PMCH के कंट्रोल रूम में पहुंच गए, जहां मरीजों का रजिस्ट्रेशन होता है। उन्होंने वहां डॉक्टरों के रोस्टर और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों के नाम की लिस्ट के बारे में पूछा, लेकिन वहां कुछ नहीं था। न मरीजों की लिस्ट थी, न ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों की और न ही कोई रोस्टर था। उन्होंने बताया गया कि कंट्रोल रूम संभालने के लिए कोई डॉक्टर ही मौजूद नहीं है। वहां जो शख्स बैठा था वह मेल नर्स था। जब तेजस्वी ने उससे पूछा कि कंट्रोल रूम में मेल नर्स का क्या काम, तो जवाब मिला, ‘हमारी यहीं ड्यूटी लगी है।’ जब हॉस्पिटल से निकल रहे थे, उसी वक्त उनकी नजर एक बंद कमरे पर पड़ी। जब उन्होंने पूछा कि यह किसका कमरा है तो बहुत पूछने पर बताया गया कि डॉक्टरों का रूम है। तेजस्वी ने कमरे को खुलवाया तो जो दिखा वह हैरान करने वाला था। कमरे में डॉक्टर साहब बाकायदा मच्छरदानी लगाकर बैड पर सोए हुए थे। हंगामा सुनकर मच्छरदानी में सो रहा शख्स उठा और उसने तेजस्वी से कहा, ‘मैं डॉक्टर अनीस हूं।’PMCH से निकलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने के लिए अधिकारियों और डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। PMCH के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉक्टर इंद्रशेखर ठाकुर ने भी कहा कि लापरवाही करने वालों पर ऐक्शन लिया जाएगा।ये महज आश्वासन साबित हुए। मैंने बुधवार सुबह इंडिया टीवी के रिपोर्टर नीतीश चंद्रा को PMCH भेजा। उन्हें सुरक्षा गार्डों ने कैमरे के साथ अस्पताल में जाने से रोक दिया। नीतीश ने उन लोगों से बात की जो अस्पताल से डॉक्टर को दिखाकर बाहर निकल रहे थे। उन लोगों ने बताया कि कुछ नहीं सुधरा है, कोई फर्क नहीं पड़ा है, न तो दवा मिल रही है और न डॉक्टर मिल रहे हैं।बुधवार को PMCH से फिर बुरी खबर आई। अस्पताल के चाइल्ड वॉर्ड में एक बच्चे की मौत के बाद डॉक्टरों और मरीजों के रिश्तेदारों के बीच मारपीट हो गई। बच्चे के परिवार वालों का आरोप था कि डॉक्टरों ने लापरवाही की और वक्त पर बच्चे को इलाज नहीं मिला। जब बच्चे के परिवार के लोग रोने चिल्लाने लगे तो दूसरे मरीज भी इकट्ठा हो गए। पहले तो डॉक्टरों के साथ उनकी नोकझोंक हुई, लेकिन फिर मारपीट की नौबत आ गई। शाम तक जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए।अच्छा हुआ कि तेजस्वी यादव ने अचानक ही अस्पताल पहुंचकर सुशासन बाबू के काम का नजारा अपनी आंखों से देख लिया, उसे महसूस किया। क्या बिहार में कोई गरीब बीमार हो जाए तो उसे इलाज का अधिकार नहीं है? और बात सिर्फ इलाज की नहीं है, बिहार में तो आम आदमी को अपनी सुरक्षा का अधिकार भी नहीं है।पटना में बुधवार को बीच सड़क पर दो लोगों की हत्या हो गई, सीवान में एक पुलिसवाले को मार डाला गया, और एक खनन इंस्पेक्टर ने धमकी मिलने के बाद अपने लिए सुरक्षा की मांग की। हत्या और रंगदारी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। लोग पूछ रहे हैं कि क्या अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उन्होंने पुलिस और प्रशासन से डरना छोड़ दिया है। ज्यादातर लोग कहते हैं कि बिहार में न हॉस्पिटल की बेहाली कोई नई बात है और न हत्या और रंगदारी कोई नई चीज है।लेकिन सवाल यह है कि नीतीश कुमार पिछले 17 साल से बिहार के मुख्यमंत्री हैं, उन्हें सुशासन बाबू का खिताब किसने दिया? सवाल तो यह है कि अगर बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं का, कानून व्यवस्था का इतना बुरा हाल है तो उसके जिम्मेदार नीतीश कुमार नहीं तो और कौन है?अगर को लगता है कि बिहार की हालत तभी सुधरेगी जब शरद पवार, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, डी. राजा और सीताराम येचुरी एक साथ आ जाएंगे, तो उन्हें सबको एक मंच पर जरूर लाना चाहिए। शायद नीतीश कुमार बिहार की बेबस जनता के कल्याण के लिए ऐसे ही किसी चमत्कार के उम्मीद में पिछले 3 दिन से दिल्ली में हैं।वृषभराशिवालोंकोहोसकतीहैसांसलेनेमेंतकलीफपूर्वी अफगानिस्तान में खुफिया विभाग के दफ्तर के पास आत्मघाती हमला, 5 की मौत 40 घायल******पूर्वी अफगानिस्तान में सोमवार सुबह एक आत्मघाती हमलावर ने खुफिया विभाग के दफ्तर के पास चोरी किए हुए सैन्य वाहन ‘हमवी’ में विस्फोट कर दिया। प्रांतीय अधिकारी ने सोमवार को बताया कि इस धमाके में कम से कम पांच कर्मियों की मौत हो गई। पूर्वी गजनी प्रांत के प्रांतीय गवर्नर के प्रवक्ता आरिफ नूरी ने कहा कि गजनी शहर के पास हुए इस हमले में खुफिया विभाग के कम से कम 40 कर्मचारी घायल हो गए। साथ ही बताया कि घायल कर्मियों में से कई की हालत गंभीर है।नूरी ने कहा कि हमलवार ने चोरी किए हुए सैन्य वाहन हमवी (हाई मोबिलिटी मल्टीपर्पज व्हील्ड व्हीकल) का इस्तेमाल किया और खुफिया विभाग के कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार को निशाना बनाया और वहां से गुजरते हुए विस्फोटकों से भरे वाहन को उड़ा दिया। हमले की किसी ने तत्काल जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन गजनी में तालिबान सक्रिय है और पूर्व में किए गए हमलों की कई बार जिम्मदारी ले चुका है। इस हमले से एक दिन पहले देश के राष्ट्रपति अशरफ गनी और उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने सत्ता साझा करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किया। इससे दो माह पूर्व दोनों ने सितंबर में हुए राष्ट्रपति चुनावों में खुद को विजेता बताया था। इस राजनीतिक समझौते के तहत गनी ही युद्धग्रस्त देश के राष्ट्रपति बने रहेंगे और अब्दुल्ला देश की राष्ट्रीय सुलह समझौता उच्च परिषद की कमान संभालेंगे।

वृषभराशिवालोंकोहोसकतीहैसांसलेनेमेंतकलीफVastu Tips: भूलकर भी किसी को गिफ्ट में न दें गणपति की मूर्ति और घड़ी समेत ये उपहार, आप पर ही पड़ेगा भारी******Highlights: रक्षाबंधन एक ऐसा पर्व है जिसमें भाई अपनी बहनों को गिफ्ट देते हैं, गिफ्ट या तोहफे देने की परंपरा बहुत पुरानी है, लोगों को बस मौका चाहिए और वो एक-दूसरे को खुश करने के लिए उन्हें तोहफे देते हैं। चाहे शादी हो, बर्थडे हो, राखी हो या फिर मुंडन या कोई अन्य उत्सव। कई बार तो समझ ही नहीं आता है कि क्या गिफ्ट दें, और आजकल तो फादर्स डे, मदर्स डे, ब्रदर्स डे, वैलेंटाइन्स डे भी हम सेलिब्रेट करते हैं। गिफ्ट आइडिया तो आपने बहुत जगह से लिए होंगे आज हम आपको बताने वाले हैं कि ऐसे क्या आइटम है जो कभी भी किसी को गिफ्ट में नहीं देने चाहिए।कभी भी किसी को भी गणेश जी की मूर्ति नहीं गिफ्ट करनी चाहिए। गणेश जी विद्या और बुद्धि के देवता होते हैं और ऐसा करके आप अपनी विद्या और बुद्धि दूसरों को सौंप सकते हैं। सिर्फ गणेश जी ही नहीं किसी भी भगवान की मूर्ति गिफ्ट में नहीं देनी चाहिए, क्योंकि भगवान गिफ्ट करने के लिए नहीं होते हैं।शनि देव से संबंधित सामान कभी किसी को तोहफे में नहीं देना चाहिए। कैंची, चाकू, सुई धागा या फिर लोहे का कोई भी सामान किसी को गिफ्ट नहीं करना चाहिए। इससे दोष होता है और आपसी रिश्ते खराब हो सकते हैं।कभी भी किसी को चमड़े का सामान नहीं गिफ्ट करना चाहिए। वास्तु के अनुसार ये भी सही नहीं है। जूते, चप्पल, बेल्ट, पर्स इत्यादि गिफ्ट करना गलत है।कभी भी किसी को गिफ्ट में तेल नहीं देना चाहिए। परफ्यूम भी गिफ्ट में देना अशुभ होता है।गिफ्ट में मनी प्लांट भी नहीं देना चाहिए। इससे आप अपने घर की दौलत सामने वाले को दे देते हैं। सामने वाला तो अमीर हो सकता है लेकिन आप गरीब हो सकते हैं। आप बदले में 5-10 रुपये लेकर जरूर मनी प्लांट दे सकते हैं।कहते हैं कभी भी किसी को घड़ी नहीं गिफ्ट करनी चाहिए। इससे आप अपना समय सामने वाले को देते हैं, अगर समय अच्छा चल रहा है तो आपका अच्छा समय सामने वाले को मिल जाएगा और अगर आपका समय खराब चल रहा है तो सामने वाले पर भी विपत्ति आ सकती है।आइए अब आपको बताते हैं कि आप तोहफे में कौन से सामान दे सकते हैं, जिससे आपको भी फायदा होगा और तोहफा मिलने वाले को भी।गिफ्ट में आप तुलसी का पौधा या फूल इत्यादि का पौधा दे सकते हैं। ये काफी शुभ होता है।आप किसी को कैश भी गिफ्ट के तौर पर दे सकते हैं, ये भी शुभ माना जाता है।आप सोने या चांदी की जूलरी दे सकते हैं, ये तोहफा भी शुभ होता है।आप चांदी के सिक्के या चांदी का कोई भी आइटम चावल के साथ दें तो ये काफी शुभ होता है। चांदी हमेशा देने और लेने वालों का कल्याण करती है।वृषभराशिवालोंकोहोसकतीहैसांसलेनेमेंतकलीफPakistan News: पाकिस्तान में हिंदू लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन, मुस्लिम युवक से कराया निकाह - दुल्हन लापता******Highlights पाकिस्तान में आए दिन हिंदू लड़कियों का धर्म परिवर्तन करा कर उनका निकाह मुस्लिम युवकों से करा दिया जाता है। अब एक नया मामला पाकिस्तान के सिंध से आया है, खबर है कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक 16 साल की लड़की का पहले धर्म परिवर्तन कराया गया फिर जबरन उसका निकाह एक मुस्लिम युवक से करा दिया। निकाह के बाद से ही लड़की का कुछ अता पता नहीं है। घटना को लेकर वहां के स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। इस घटना के विरोध में वहां लोगों ने नवाबशाह स्थित पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के घर के बाहर प्रदर्शन किया। लोगों ने मांग की है कि हिंदू लड़की का जल्द पता लगाया जाए।पाकिस्तान में इस तरह की घटनाएं आम हैं। यहां कई ऐसी घटनाएं हो गई हैं, जिनमें हिंदू लड़कियों का धर्म परिवर्तन करा कर उनका निकाह मुस्लिमों के साथ कर दिया जाता है। पाकिस्तान के अखबार डॉन के मुताबिक इस लड़की, जिसका नाम श्रीमती करीना बताया जा रहा है उसका अपहरण एक हफ्ते पहले पाकिस्तान के सिंध प्रांत के दादू काजी अहमद कस्बे के उन्नार मुहल्ले से हुआ था।पाकिस्तानी पुलिस इस तरह के मामलों में स्थानीय मौलानाओं के दबाव में काम करती है। यही वजह है कि वह इन घटनाओं को प्रेम संबंध से जोड़ कर दिखाती है। इस घटना में भी यही हुआ, पाकिस्तान के सिंध प्रांत की पुलिस ने इस घटना को प्रेम संबंध से जोड़ते हुए कहा कि हिंदू लड़की का खलील रहमान जोनो नामक मुस्लिम युवक के साथ प्रेम संबंध था और लड़की उसके साथ भागी है। पुलिस का दावा है कि दोनों ने कराची कोर्ट में जाकर शादी कर ली है। हालांकि, लड़की इस वक्त कहां है, इस बारे में पुलिस लड़की के घर वालों को कुछ नहीं बता पाई है। वहीं, प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत कराने के लिए पुलिस ने लड़के के पिता को जरूर गिरफ्तार कर लिया है। लोग चाहते हैं कि पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी इस मामले में हस्तक्षेप करें ताकि उनकी लड़की उन्हें जल्दी मिल जाए।

वृषभराशिवालोंकोहोसकतीहैसांसलेनेमेंतकलीफRamadan 2022: रमजान पर इन मैसेज, तस्वीरों के जरिए अपनों को दें मुबारकबाद******रमजान का पाक 2 अप्रैल, 2022 से शुरू हो रहा है। इस्लामिक आस्था में रमजान को सबसे महत्वपूर्ण महीना कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस शुभ महीने में लोगों के लिए पवित्र कुरान का खुलासा किया गया था। दुनियाभर में कई मुसलमान दिनभर रोजा रखते हैं जिसमें वे एक गिलास पानी से भी परहेज करते हैं। शाम को, वे इफ्तार के लिए एक साथ इकट्ठा होते हैं और अपना रोजा खोलते हैं। आप भी अपनों को रमजान की मुबारकबादभेजिए।तू चाहे जिसे वो तेरे करीब होकुछ इस तरह हो करम अल्लाह कामक्का और मदीना की जियारत नसीब होआप सभी को माहे रमजान 2022 मुबारक हो।रमजान लेकर आया है,दुआओं की झोली में, खुदा के अल्फ़ाज़,दिल से अल्लाह को याद करो,और पढ़ते रहिए नमाज़,रमज़ान की दिली मुबारकबादआप सभी को माहे रमजान 2022 मुबारक हो।आपको रमजान की मुबारक हो।आप और आपके परिवार पर अल्लाह की रहमत हमेशा चमकती रहे!वृषभराशिवालोंकोहोसकतीहैसांसलेनेमेंतकलीफ#BoycottRakshaBandhan पर आया Akshay kumar का रिएक्शन, बोले- 'ये आजाद देश है, लेकिन...'******Highlightsबॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार की फिल्म 'रक्षा बंधन' (Raksha Bandhan) जल्द ही रिलीज होने वाली है। एक तरफ अक्षय कुमार फिल्म के प्रमोशन में बिजी हैं वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर #BoycottRakshaBandhan ट्रेंड हो रहा है। ऐसे में कोलकाता में एक प्रमोशन इवेंट के दौरान अक्षय कुमार ने इस ट्रेंड पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए रिएक्शन दिया है। अक्षय ने बड़ी ही गंभरता के साथ हेटर्स को करारा जवाब दिया है।हुआ यूं कि जब अक्षय कुमार हाल ही में कोलकाता में 'रक्षा बंधन' का प्रमोशन कर रहे थे। तो किसी ने इस दौरान 'बायकॉट रक्षा बंधन' ट्रेंड का जिक्र कर दिया। इसके जवाब में अक्षय कुमार ने कहा कि भारत एक स्वतंत्र देश है, जहां कोई भी जो चाहता है कर सकता है। अक्षय कुमार बोले, "हमारा देश एक फ्री कंट्री है और यहां हर कोई जो चाहे कर सकता है, लेकिन ये सब (फिल्में) भारत की अर्थव्यवस्था में मदद करता है। हम सब सबसे बड़ा और महानतम देश बनने की कगार पर हैं। मैं ट्रोल करने वालों और मीडिया से निवेदन करता हूं कि इसमें न पड़ें।"आपको बता दें कि अक्षय कुमार बीते कई दिनों से देश ही नहीं दुनिया भर में घूमकर इस फिल्म का प्रमोशन कर रहे हैं। हाल ही में वह अरब देशों के साथ दुबई में फिल्म का प्रमोशन करके आए। वहीं अब वह कोलकाता में प्रमोशन कर चुके हैं। जल्द ही वह प्रमोशन के सिलसिले में लखनऊ और दिल्ली में नजर आने वाले हैं।आपको बता दें कि 'रक्षा बंधन' (Raksha Bandhan) 11 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। इस फिल्म को 'रांझणा', 'तनु वेड्स मनु', 'तनु वेड्स मनु रिटर्न्स' जैसी फिल्मों के डायरेक्टर आनंद एल रॉय ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म में अक्षय कुमार और उनकी 4 बहनों की कहानी है। इसके साथ ही जिम्मेदारियों में उलझी अक्षय और भूमि पेडनेकर की लव स्टोरी भी है।

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