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अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अनुमति के फैसले पर फिलहाल रोक, Omicron को देखते हुए सरकार का फैसला
रिलीज़ की तारीख:2022-10-08 03:38:44
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अंतरराष्ट्रीयउड़ानोंकोअनुमतिकेफैसलेपरफिलहालरोकOmicronकोदेखतेहुएसरकारकाफैसलाहोंडा के ग्राजिया ने भारतीय बाजार में कर दिया कमाल, 21 दिनों में बिक गए 15000 स्‍कूटर्स****** देश की सबसे बड़ी स्‍कूटर निर्माता कंपनी होंडा ने इसी महीने 8 नवंबर को अपना नया स्‍कूटर ग्राजिया भारतीय बाजार में उतारा था। कंपनी के दूसरे स्‍कूटर्स की तरह यह भी भारतीयों के दिलों पर छा चुका है। स्‍कूटर को बाजार में आए सिर्फ 21 दिन हुए हैं, लेकिन मात्र तीन हफ्तों में ही कंपनी ने 15000 यूनिट बेच डाली हैं। कंपनी की एक्टिवा रेंज पहले से ही बाजार में बेहतर प्रदर्शन कर रही है। वहीं अब ग्राजिया भी इसी ट्रैक पर चल रहा है। कंपनी ने इस स्‍कूटर को कई एडवांस फीचर्स से लैस किया है। कंपनी के अनुसार यह इस सैगमेंट की सबसे ज्यादा फीचर्स से लैस स्कूटर है।सिर्फ 2000 रुपए में बुक कर सकते हैं देश का सबसे तेज ई-स्‍कूटर, दिसंबर में होगा लॉन्‍चहोंडा मोटरसाइकल और स्कूटर इंडिया की सेल्स और मार्केटिंग विंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट यदविंदर सिंह गुलेरिया ने बताया कि कई सैगमेंट में यह स्कूटर सबसे ज्यादा फीचर्स से लैस है और इसका स्टाइल भी बिल्कुल नया है, यही वजह है कि स्टाइल और परफॉर्मेंस पसंद करने वाले लोगों ने इसे इतना अच्छा रिस्पॉन्स दिया है। हमें उम्‍मीद है कि यह स्‍कूटर होंडा के वर्चस्व को नए मुकाम पर लेकर जाएगा। फिलहाल होंडा की ऐक्टिवा लगातार भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली स्कूटर बनी हुई है.कावासाकी ने भारतीय बाजार में उतारी नई बाइक वर्सिस-X 300, कीमत 4.6 लाख रुपएइस स्‍कूटर के स्‍पेसिफिकेशंस की बात करें तो होंडा ग्राज़िया में 124.9cc का एयर-कूल्ड, 4-स्ट्रोक इंजन लगाया है जो फिलहाल होंडा ऐक्टिवा के साथ दिया जा रहा है। इस इंजन का पावर भी ऐक्टिवा के इंजन जितना ही है जो 6500 rpm पर 8.52 bhp पावर और 5000 rpm पर 10.54 Nm टॉर्क जनरेट करता है। होंडा ने इस इंजन को CVT ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन से लैस किया है जो होंडा की बाकी स्कूटर्स के साथ दिया जाता है। ग्राज़िया को होंडा ने ईको टैक्नोलॉजी के तहत बनाया है जिससे स्कूटर का फ्रिक्शन कम होता है और माइलेज बढ़ता है। कंपनी ने इस स्कूटी में 12-इंच के अलॉय व्हील्स दिए हैं।

अंतरराष्ट्रीयउड़ानोंकोअनुमतिकेफैसलेपरफिलहालरोकOmicronकोदेखतेहुएसरकारकाफैसलाL&T का Q3 मुनाफा 39 प्रतिशत बढ़कर 972 करोड़ रुपए, कंपनी ने कहा नोटबंदी से आईं रुकावटें****** इंजीनियरिंग और निर्माण कंपनी लार्सन एंड टूब्रो (L&T) का सितंबर में समाप्त तीसरी तिमाही का शुद्ध लाभ 38.85 प्रतिशत उछल कर 972 करोड़ रुपए रहा। कंपनी ने कहा है कि अर्थव्यवस्था में नकदी के प्रयोग को घटाने के सरकार के कदमों से आलोच्य तिमाही में उसके सामने रुकावटें आईं पर अभी उसके कारोबार पर इसके असर का आकलन नहीं किया गया है।अंतरराष्ट्रीयउड़ानोंकोअनुमतिकेफैसलेपरफिलहालरोकOmicronकोदेखतेहुएसरकारकाफैसलाBirbhum Violence: TMC नेता की हत्या की भी जांच करेगी CBI, कोलकाता हाई कोर्ट ने दिया आदेश******Highlightsकोलकाता हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता भादू शेख की हत्या की CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) जांच के शुक्रवार को आदेश दिए। ऐसा आरोप है कि इस हत्या के प्रतिशोध में बीरभूम जिले में कुछ घरों में आग लगा दी गई थी, जिसमें जलकर नौ लोगों की मौत हो गई थी। उच्च न्यायालय ने इससे पहले बोगतुई गांव में आग लगने से नौ लोगों की मौत की घटना की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे।मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली खंडपीठ से भादू शेख की हत्या की भी सीबीआई जांच कराने का आदेश देने का अनुरोध किया गया था। याचिका में दावा किया गया था कि दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी हुई हैं। पीठ में न्यायमूर्ति आर.भारद्वाज भी शामिल थे। पीठ ने कहा, ‘‘सीबीआई को बोगतुई में घरों में आग लगाने और हत्या मामले में जांच के साथ ही भादू शेख की हत्या के मामले की भी जांच करने का निर्देश दिया जाता है।’’ कोलकाता हाई कोर्ट ने बोगतुई गांव में 21 मार्च को हुई हिंसा की जांच पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल से सीबीआई को सौंपने का 25 मार्च को आदेश दिया था।राज्य के डीजीपी ने 22 मार्च को कहा था कि बोगतुई में हुई हिंसा स्थानीय पंचायत के उप प्रमुख शेख की हत्या के एक घंटे के भीतर हुई थी। जिस स्थान पर शेख की हत्या हुई थी, वह बोगतुई से एक किलोमीटर दूर है। पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि शेख की हत्या के परिणामस्वरूप दूसरी घटना हुई। उसने कहा कि आवश्यक निर्देश जारी करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो। उसने कहा, ‘‘हमारे समक्ष उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर हमारी राय है कि अगर सीबीआई बोगतुई के ग्रामीणों के घरों में आग लगाने और उनकी हत्या की घटना के साथ ही भादू शेख की हत्या की घटना की जांच करती है तो उक्त उद्देश्य को उचित तरीके से हासिल किया जा सकता है।’’अदालत ने कहा कि सीबीआई द्वारा उसे सौंपी गयी जांच की प्रोग्रेस रिपोर्ट से प्रथम दृष्टया यह लगता है कि बोगतुई गांव में आग लगाए जाने और हत्या की बर्बर घटना उसी रात साढ़े आठ बजे हुई भादू शेख की हुई हत्या का सीधा नतीजा है। पीठ ने कहा कि रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि यह घटना गांव में दो समूहों के सदस्यों के बीच दुश्मनी का नतीजा है और बदले की भावना में घरों को जलाया गया, जिसमें कम से कम नौ लोगों की मौत हो गयी। अदालत ने राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी को भादू शेख की हत्या के मामले की जांच सीबीआई को तत्काल सौंपने के निर्देश दिए। साथ ही गिरफ्तार किए गए आरोपियों के साथ ही अब तक की जांच के सभी रिकॉर्ड भी सीबीआई को सौंपने के निर्देश दिए गए।पीठ ने सीबीआई को दोनों मामले में जांच की रिपोर्ट 2 मई को सुनवाई की अगली तारीख पर दाखिल करने के निर्देश दिए। मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पीठ ने कहा, ‘‘यह ठीक है कि अगर एक एजेंसी दोनों घटनाओं की जांच करती है, तो इससे न केवल सच का पता लगाना आसान हो जाएगा बल्कि एक ही सक्षम अदालत के समक्ष मुकदमा चलाने में भी सुविधा होगी।’’ मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने 21 मार्च की घटना पर 23 मार्च को स्वत: संज्ञान लिया था।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अनुमति के फैसले पर फिलहाल रोक, Omicron को देखते हुए सरकार का फैसला

अंतरराष्ट्रीयउड़ानोंकोअनुमतिकेफैसलेपरफिलहालरोकOmicronकोदेखतेहुएसरकारकाफैसलातख्तापलट के बाद 'हिंसा' की आग में जल रहा जो म्यांमार, वहां भी चीन को दिखा 'लालच', जानिए कैसे तंगी झेल रहे देश में मचा रहा लूट******Highlightsम्यांमार... वही देश जो बीते साल सैन्य तख्तापलट के बाद दुनियाभर में खूब सुर्खियों में रहा। यहां 1 फरवरी के दिन सैन्य अधिकारियों ने आम जनता द्वारा चुने गए नेताओं को संसद का सत्र शुरू होने से ठीक पहले नजरबंद कर दिया था। साथ ही देश में एक साल के लिए इमरजेंसी लगा दी। लोकतंत्र की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे लोगों को सीधा सिर में गोली मारकर हजारों की हत्या कर दी, जबकि हजारों की लोगों को जेलों में ठूंस दिया। इसी बीच देश में गृह युद्ध शुरू हो गया।विद्रोही संगठनों ने सेना के खिलाफ लोहा मोल लेना शुरू कर दिया। कोरोना काल में देश के हालात और बिगड़े। इन सब बातों से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस देश की आर्थिक हालत कैसी होगी। बावजूद इसके चीन के लिए म्यांमार ही सबसे बड़ा खजाना बना हुआ है। वो यहां से भारी मात्रा दुर्लभ संसाधन लूट रहा है। म्यांमार घरेलू उपयोग के साथ-साथ दुनिया को निर्यात हो सके, इसके लिए चीन को दुर्लभ अर्थ मेटल के प्रमुख स्रोत के रूप में उभर रहा है।म्यांमार के काचिन राज्य में बीते साल हुए तख्तापलट के बाद से गैरकानूनी खनन गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। खासतौर से उन इलाको में जिनकी सीमा चीन से मिलती है। ये वही इलाके हैं, जिसे नियंत्रण म्यांमार सेना के समर्थन वाले लड़ाके नियंत्रित करते हैं। ये बात इस मामले से जुड़ी जानकारी रखने वाले लोगों ने दी है। इन लोगों का कहना है कि पृथ्वी से जो दुर्लभ खनिज खनन के माध्यम से निकाले जा रहे हैं, उसका निर्यात चीन को हो रहा है। इससे स्थानीय पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है।म्यांमार अब दुर्लभ खनिजों के मामले में चीन का सबसे बड़ा स्रोत बन गया है। इन खनिजों की चीन को आधी से अधिक आबादी म्यांमार से ही हो रही है। जो दुर्लभ खनिज म्यांमार से चीन को निर्यात होते हैं, उनका इस्तेमाल स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक कार और अन्य हाई-टेक प्रोडक्ट बनाने के लिए होता है। इनका निर्यात काफी तेजी से बढ़ा है। चीन की तरफ से आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मई 2017 और अक्टूबर 2021 तक 140,000 टन से अधिक दुर्लभ खनिज म्यांमार से चीन को निर्यात हुए हैं। जिनकी कीमत 1 बिलियन डॉलर से अधिक है।साल 2020 में वैश्विक स्तर पर लगभग 240,000 टन दुर्लभ खनिजों का खनन किया गया, जिसमें चीन को 140,000 टन दिया गया है, इसके बाद अमेरिका को 38,000 टन मिला है। वहीं म्यांमार ने खुद के लिए 30,000 टन रखा है। चीन म्यांमार के मीडियम और हेवी दुर्लभ खनिजों पर बहुत अधिक निर्भर है। साल 2018 से म्यांमार चीन को खनिजों का सबसे बड़ा निर्यातक रहा है।दिसंबर 2021 में चीनी सरकार को मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि साल 2020 में म्यांमार से चीन को दुर्लभ खनिजों का आयात हर साल 23 प्रतिशत बढ़कर लगभग 35,500 टन हो गया है, जो सभी आयातों का 74 प्रतिशत है। म्यांमार-चीन सीमा के पास लगभग दस दुर्लभ अर्थ खनिज खदानें खोली गई हैं। काचिन राज्य खनन विभाग के अनुसार, कई निरीक्षणों को करने के बाद चिपवी में 2019 और 2020 में चीनी श्रमिकों के साथ खोज करने पर कई अवैध खदानें मिली हैं।इस विभाग का कहना है कि सशस्त्र समूहों की इस काम में भागीदारी ने उद्योग को रेगुलेट करना चुनौतीपूर्ण बना दिया है। काचिन स्टेट कनजर्वेशन ग्रुप के ब्रैंग अवंग ने म्यांमार के स्थानीय मीडिया से बातचीत में कहा कि कि खदानें जलमार्गों और जमीन के नीचे के पानी को प्रदूषित कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही हैं। दुर्लभ अर्थ खनिजों के खनन के कारण क्षेत्र के दर्जनों गांव अब प्रदूषित मिट्टी और पानी से परेशान हैं।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुर्लभ अर्थ खनिजों की बढ़ती मांग के कारण ही म्यांमार में इनका गैर कानूनी खनन बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि ये मांग इसलिए बढ़ रही है क्योंकि विकसित देश इलेक्ट्रिक कार और विंड टर्बाइन्स का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं।अंतरराष्ट्रीयउड़ानोंकोअनुमतिकेफैसलेपरफिलहालरोकOmicronकोदेखतेहुएसरकारकाफैसलामोटोरोला और लेनोवो के 4जी स्‍मार्टफोन मिल रहे हैं 2000 रुपए सस्‍ते, एयरटेल ने की कैशबैक देने की घोषणा****** डाटा वॉर के बाद अब टेलीकॉम कंपनियों के बीच कैशबैक ऑफर को लेकर जंग छिड़ गई है। मेरा पहला स्मार्टफोन पहल के तहत दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी ने मोटोरोला और लेनोवो के चुनिंदा 4जी स्मार्टफोन्स पर 2,000 रुपए के कैशबैक ऑफर की घोषणा की है। मोटोरोला के दो प्रसिद्ध स्मार्टफोंस मोटो सी, मोटो ई4 और लेनोलो का के8 नोट इस ऑफर के साथ उपलब्ध है। इससे पहले रिलायंस जियो ने 22 ब्रांडों के 4जी स्‍मार्टफोन पर 2200 रुपए के कैशबैक की घोषणा की थी। इसके बाद आइडिया सेल्‍यूलर ने सभी ब्रांड के 4जी मोबाइल फोन पर 2000 रुपए कैशबैक की घोषणा की और आज एयरटेल भी इस जंग में शामिल हो गया है।इस ऑफर के तहत, मोटो सी 3,999 रुपए में, मोटो ई4 6,499 रुपए में तथा लेनोवो के8 नोट 10,999 रुपए में उपलब्ध है। भारती एयरटेल के मुख्य विपणन अधिकारी ने एक बयान में कहा कि अधिक से अधिक ग्राहकों की पहुंच के भीतर स्मार्टफोन लाने के लिए मोटोरोला के साथ मिलकर कंपनी यह काम कर रही है।मोटोरोला मोबिलिटी इंडिया और लेनोवो एमबीजी इंडिया के प्रबंध निदेशक सुधीन माथुर ने कहा कि यह एयरटेल के ग्राहकों के लिए 4जी में अपग्रेड करने तथा मोटोरोला और लेनोवो स्मार्टफोन के सार्थक अनुभवों का आनंद उठाने का एक बढ़िया अवसर है।अंतरराष्ट्रीयउड़ानोंकोअनुमतिकेफैसलेपरफिलहालरोकOmicronकोदेखतेहुएसरकारकाफैसलाअरुणाचल प्रदेश के लापता युवक को चीनी सैनिकों ने भारतीय सेना को सौंपा, रिजिजू ने दी जानकारी******Highlightsकानून मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को बताया कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने अरुणाचल प्रदेश के लापता युवक को भारतीय सेना को सौंप दिया है। अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले से 19 वर्षीय मिराम तारोन 18 जनवरी को लापता हो गया था। मंत्री ने एक ट्वीट में बताया कि लड़के की चिकित्सकीय जांच सहित अन्य प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। कानून मंत्री किरेन रिजिजू नेट्वीट किया, ‘‘चीन के पीएलए ने अरुणाचल प्रदेश के मिराम तारोन को भारतीय सेना को सौंप दिया। चिकित्सकीय जांच सहित अन्य प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।’’लोकसभा सांसद ने मंगलवार को बताया था कि चीन ने 20 जनवरी को भारतीय सेना को सूचित किया था कि उन्हें अपनी ओर एक लड़का मिला है और उसकी पहचान की पुष्टि के लिए और जानकारी मांगी थी। रिजिजू ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा था, ‘‘पहचान की पुष्टि करने में चीन की मदद के लिए, भारतीय सेना ने उनके साथ उसका व्यक्तिगत विवरण और तस्वीर साझा की है। चीन के जवाब का इंतजार है।’’बयान में कहा गया था, ‘‘ कुछ लोगों ने बताया है कि के पीएलए ने उसे हिरासत में लिया है।’’ रिजिजू ने कहा था कि युवक के वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के करीब एक क्षेत्र से लापता होने के बाद भारतीय सेना ने तुरंत 19 जनवरी को चीन से सम्पर्क किया। उसके गलती से चीन के क्षेत्र में दाखिल होने या पीएलए के उसको हिरासत में लेने पर उसका पता लगाने तथा उसकी वापसी के लिए सहयोग मांगा। मंत्री ने कहा कि चीन ने आश्वासन दिया था कि वे उसकी तलाश करेंगे और स्थापित नियमों के तहत उसे वापस सौंप देंगे।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अनुमति के फैसले पर फिलहाल रोक, Omicron को देखते हुए सरकार का फैसला

अंतरराष्ट्रीयउड़ानोंकोअनुमतिकेफैसलेपरफिलहालरोकOmicronकोदेखतेहुएसरकारकाफैसलाIPL 2019: इस बार भी आईपीएल नहीं खेल पाएंगे नागरकोटी, चोटिल शिवम मावी भी हुए बाहर******नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 12वें संस्करण के शुरू होने से पहले दो बार की विजेता कोलकाता नाइट राइडर्स को करारा झटका लगा है। बीते सीजन टीम के साथ शानदार प्रदर्शन करने वाले युवा तेज गेंदबाज शिवम मावी और कमलेश नागरकोटी चोट के कारण टीम से बाहर हो गए हैं। वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक कोलकाता ने केरल के संदीप वॉरियर को अपने साथ जोड़ा है।नागरकोटी बीते सीजन में नहीं खेल पाए थे, तब कोलकाता ने कर्नाटक के प्रसिद्ध कृष्णा को अपने साथ जोड़ा था। अब वह टीम के नियमित सदस्य बन गए हैं। नागरकोटी पीठ की चोट से अभी तक सही तरह से उबरे नहीं हैं। उन्हें टीम ने 3.2 करोड़ रुपये में अपने साथ जोड़ा था।वह इस समय राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में हैं जहां वह चोट से उबरने की कोशिश में लगे हुए हैं। उन्हें ठीक होने में दो से तीन महीने लग सकते हैं।मावी को भी पीठ में समस्या है और इसी कारण वह भी इस सीजन से बाहर हो गए हैं। घरेलू क्रिकेट में उत्तर प्रदेश के लिए खेलने वाले मावी को ठीक होने में छह महीने लग सकते हैं।वॉरियर 2013-15 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के लिए खेल चुके हैं। 2015 के बाद वह अब आईपीएल में खेलते दिखेंगे।अंतरराष्ट्रीयउड़ानोंकोअनुमतिकेफैसलेपरफिलहालरोकOmicronकोदेखतेहुएसरकारकाफैसलाRajat Sharma's Blog | ज्ञानवापी मस्जिद : वजूखाने के अंदर कैसे मिला शिवलिंग******काशी में बाबा विश्वनाथ का सैकड़ों साला पुराना शिवलिंग मिल गया। मुगल बादशाह औरंगजेब द्वारा बनाई गई ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाना से सदियों पुराना शिवलिंग जैसा विशाल पत्थर मिलने से शिवभक्तों में जबरदस्त उत्साह है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन सोमवार को वाराणसी में 'हर-हर महादेव' के नारे लगाने वाले भक्तों के साथ हिंदू समुदाय में खुशी का माहौल है। ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग की मौजूदगी से इस सर्वे में एक बड़ा ट्विस्ट आ गया है।हिंदू पक्ष के वकीलों का दावा है कि के वजूखाने में शिवलिंग पानी में डूबा हुआ था। उसके चारों तरफ एक नौ इंच की दीवार बनाई गई थी। दीवार दिखने में ऐसी थी जैसे वजू के लिए बने तालाब में फव्वारा लगा हो। लेकिन ये फव्वारा नहीं था । यह शिवलिंग को कवर करने के लिए या छुपाने के लिए दीवार बनाई गई थी और फिर इसमें पानी भर दिया गया। वर्षों से कोई तालाब के बीच में कभी गया नहीं इसलिए शिवलिंग के अस्तित्व का पता नहीं चला। लेकिन अदालत के आदेश पर कोर्ट कमिश्नर्स की मौजूदगी में शिवलिंग एक बार फिर दुनिया के सामने आ गया। इस पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग हुई।जिस वक्त यह शिवलिंग मिला उस वक्त अदालत में याचिका दाखिल करने वाली पांचों महिलाएं, उनके वकील, अंजुमन इंतजामिया मस्जिद के नुमाइंदें, मुस्लिम पक्ष के वकील और वाराणसी के बड़े अफसर वहां मौजूद थे। हालांकि मुस्लिम पक्ष के लोग इस दावे को गलत बता रहे हैं। लेकिन जब सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर को इस बात की जानकारी दी गई तब उन्होंने तुरंत ज्ञानवापी परिसर के उस क्षेत्र को सील करने का आदेश दिया और कहा कि वहां किसी को जाने की इजाजत न दी जाए ।मंगलवार को भारी पुलिस बल के बीच स्थानीय मुस्लिमों ने इस मस्जिद के अंदर शांतिपूर्वकनमाज अदा की। वहीं कोर्ट के द्वारा नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर ने सर्वे रिपोर्ट दाखिल करने के लिए दो दिनों का समय मांगा है। इस मामले के प्रतिवादियों में से एक अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद (एआईएम) के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने याचिकाकर्ता राखी सिंह के वकील हरिशंकर जैन पर तालाब के अंदर एक फव्वारे के एक हिस्से को 'शिवलिंग' के रूप में पारित कराने का आरोप लगाया। मस्जिद कमिटी के वकील अभयनाथ यादव ने कहा- 'मैं यह देखकर हैरान हूं कि याचिकाकर्ताओं के वकील दावा कर रहे हैं कि ज्ञानवापी परिसर के अंदर एक शिवलिंग पाया गया जबकि सच्चाई यह है कि कोर्ट द्वारा नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर ने अभी तक अपनी रिपोर्ट जमा भी नहीं की है।'सोमवार को हिंदू भक्तों में खुशी का माहौल रहा। याचिकाकर्ता राखी सिंह के वकील हरिशंकर जैन ने 'शिवलिंग' मिलने को एक बहुत अहम सबूत बताया और कोर्ट से इसकी सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र को सील करने का अनुरोध किया। उन्होंने उस परिसर में मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने और नमाजियों की संख्या को एक बार में 20 तक सीमित करने की भी मांग की। हिंदू पक्ष के वकीलों में से एक डॉ. सोहन लाल आर्य ने कहा, ‘बाबा मिल गए। जिन खोजा तिन पाइयां, गहरे पानी पैठ..इशारों में पूरी बात समझ लीजिए'।वाराणसी के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट कौशल राज शर्मा ने कहा कि चूंकि वजूखाना में पहले से ही स्टील एंगल और जाली की बाड़ लगी है और तीन जगहों से एंट्री प्वाइंट बने हुए हैं, इसलिए स्थानीय प्रशासन को इस एरिया को सील करने के लिए किसी तरह के अतिरिक्त प्रयास में कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि पास ही में सीआरपीएफ का वॉच टावर लगाया गया है।ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वे का आदेश स्थानीय अदालत ने तब दिया था जब पांच हिंदू महिला याचिकाकर्ताओं ने ज्ञानवापी परिसर की बाहरी दीवार के साथ देवी श्रृंगार गौरी और अन्य देवताओं की रोजाना पूजा करने का अधिकार मांगा था। हिंदू पक्ष के वकील डॉ. सोहन लाल आर्य ने कहा, 'हमें हमारे बाबा मिल गए. जिनका इंतजार नंदी महाराज सैकड़ों साल से कर रहे थे'।यह कहे जाने पर कि मुस्लिम पक्ष इस दावे को काल्पनिक बता रहा है, उन्होंने कहा, 'अब सब कुछ पता चल गया है। जितनी उम्मीद की थी, उससे कहीं ज्यादा सबूत हमारे पास हैं...आज का दिन हमारे लिए बड़ा है। शिवलिंग मिलते ही पूरा परिसर 'हर-हर महादेव' से गूंज उठा। लोग नाचने लगे... अब हम 75 फीट लंबी और 30 फीट चौड़ी जो पश्चिमी दीवार है और श्रृंगार गौरी के सामने 15 फीट ऊंचे मलबे की जांच के लिए एक आयोग की मांग करेंगे। उस मलबे में निश्चित तौर पर हमें शिलाखंड, देवी-देवताओं की प्रतिमा का जो है ध्वंस है..वो सब का सब मिलेगा।'जैसे ही वकीलों का यह दावा सामने आया तो देश भर में करीब 450 साल पहले औरंगजेब के शासन के दौरान जो हुआ था, उसे लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। साढ़े चार सौ साल पहले का इतिहास एक बार फिर सामने आ गया। दावा किया गया कि चार फीट व्यास का शिवलिंग खोज लिया गया है, लेकिन जमीन के अंदर यह कितना दब गया है, इसका फिलहाल कोई अंदाजा नहीं है।लेकिन इतना तो तय है कि वजूखाने के बीचों-बीच पानी के अंदर कीचड़ में धंसा शिवलिंग मिला है। सर्वे टीम के एक अन्य सदस्य सदस्य विष्णु जैन ने बताया कि नमाज से पहले वजू के लिए आने वाले नमाजियों ने शिवलिंग को पानी में डूबा हुआ जरूर देखा होगा क्योंकि पानी का लेवल कभी-कभार नीचे चला जाता है। कोर्ट की तरफ से नियुक्त कमिश्नरों ने करीब 250 जीबी की वीडियोग्राफी पूरी कर ली है।जब आप सर्वे टीम के सदस्य आरपी सिंह की बात सुनेंगे तो सारी तस्वीर बिल्कुल साफ हो जाएगी। हिन्दू पक्ष का दावा है कि ज्ञानवापी परिसर के बाहर जो नंदी की मूर्ति है उसके ठीक सामने काशी विश्वनाथ का प्राचीन शिवलिंग था। कल जो शिवलिंग मिला है वह बिल्कुल नंदी के ठीक सामने 83 फीट की दूरी पर मिला है और इस जगह पर फिलहाल मस्जिद का वजूखाना है। आमतौर पर शिव मंदिरों में शिवलिंग से इतनी ही दूरी पर नंदी की मूर्ति होती है। जहां तक फव्वारे की बात कही जा रही है तो आरपी सिंह ने बताया कि वह शिवलिंग ही है। उन्होंने कहा कि पहले सर्वे टीम को भी यही लगा था कि ये फव्वारा है लेकिन फव्वारे का कहीं कोई पानी से कनेक्शन नहीं था। शिवलिंग छिपाने के लिए फव्वारे जैसी दीवार को बनाया गया था।दो दिनों के बाद अदालत में पेश की जानेवाली सर्वे रिपोर्ट से उन सबूतों का भी पता चलेगा जो तहखाने में पाए गए। एक अन्य वकील सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा कि जब वजूखाने से पानी को निकाला गया तब वहां दरवाजे जैसी चीज नजर आ रहा थी..लेकिन सर्वे कमीशन को तोड़फोड़ करने की इजाजत नहीं होती इसलिए फिलहाल उस जगह को छोड़ दिया गया है।एतिहासिक तथ्य तो ये है कि को तोड़कर ज्ञानवापी मजिस्द बनवाई गई। काशी विश्वनाथ की पौराणिकता इतिहास की किताबों से भी पुरानी है। स्कन्द पुराण और शिवपुराण में इसका वर्णन है। आधुनिक इतिहासकारों के पास भी एक हजार साल पुराना अभिलेख है जिसके आधार पर दावा किया जाता है कि काशी विश्वनाथ मंदिर के मूल स्वरूप को 1194 में मोहम्मद गौरी के सेनापति कुतुबुद्दीन ऐबक ने तुड़वा दिया था। इसके बाद 1230 में गुजरात के एक व्यापारी ने मंदिर का पुनर्निर्माण कराया था। इसके बाद कई बार इस मंदिर को तोड़ा गया और कई बार इसे फिर से बनवाया गया।हालांकि ज्ञानवापी मस्जिद किसने बनवाई इसको लेकर इतिहासकारों के मत अलग-अलग हैं।लेकिन इस बात को सब मानते हैं कि काशी विश्वनाथ मंदिर के मौजूदा स्वरूप का निर्माण 1780 में इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने कराया था। मंदिर में सोने के जो 3 गुंबद हैं, वो 1839 में पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह ने लगवाए थे। आज भी ज्ञानवापी मस्जिद को देखने के बाद कोई भी यही कहेगा कि मंदिर तोड़कर इसे बनाया गया है।यही वजह है कि कोई भी मुस्लिम नेता या पैरोकार यह नहीं कह रहा है कि वहां मदिर नहीं था। सब यह कह रहे हैं कि वहां क्या था इससे मतलब नहीं है, मतलब इस बात से है कि आज वहां क्या है। ज्यादातर मुस्लिम नेता 1991 के धार्मिक पूजा स्थल अधिनियम (Religious Worship Act) का हवाला दे रहे हैं। इसमें कहा गया है कि अयोध्या को छोड़कर आजादी के वक्त जहां जो धार्मिक स्थल जैसा था, वो वैसा रहेगा। अब उसमें किसी तरह का बदलाव नहीं होगा और उसे कोर्ट में चैलेंज नहीं किया जाएगा।ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग मिलने के तुरंद बाद एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट किया: 'दिसंबर1949 में बाबरी मस्जिद में जो हुआ था, यह उस अध्याय की पुनरावृति है। यह आदेश अपने आप में मस्जिद के धार्मिक स्वरूप को बदल देता है। यह 1991 के एक्ट का उल्लंघन है। ऐसी मेरी आशंका थी और यह सच हो गया।' उन्होंने कहा-'ज्ञानवापी मस्जिद थी...है.. और कयामत तक रहेगी'। ओवैसी ने अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद के इस दावे को दोहराया कि परिसर से शिवलिंग नहीं मिला है बल्कि यह फव्वारे का हिस्सा है। जम्मू-कश्मीर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, 'वे अब मस्जिदों में भगवान ढूंढ रहे हैं, इसलिए वे हमारी मस्जिदों के पीछे पड़े हुए हैं। पहले उन्होंने अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराई और अब ज्ञानवापी। वे हमें उन सभी मस्जिदों की सूची दें, जिन्हें वे ध्वस्त करना चाहते हैं।'केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने औवैसी और महबूबा मुफ्ती को जवाब दिया। हालांकि गिरिराज ने कहा कि मैं ज्यादा ना बोलूं तभी ठीक रहेगा। अगर बोला तो ओबैसी और महबूबा की जुबान बंद हो जाएगी। गिरिराज सिंह ने कहा कि जब मंदिरों को तोड़कर मस्जिदें बनाई गईं तो भगवान मस्जिदों में ही मिलेंगे। लेकिन अब एक बार फिर कानून का राज है और हिन्दुओं को न्याय मिल रहा है।असदुद्दीन ओवैसी और महबूबा मुफ्ती ने जो कहा वो उनकी पॉलिटिकल लाइन है लेकिन वो जो कह रहे हैं वो एक जनरल बात है। उनका आरोप है कि बीजेपी के लोग जानबूझ कर मस्जिदों को लेकर विवाद खड़े कर रहे हैं, वो मस्जिदों के पीछे पड़ गए हैं। लेकिन अगर खासतौर पर ज्ञानवापी केस की बात करें तो ये सियासी तर्क कमजोर दिखाई देते हैं। ज्ञानवापी मस्जिद के परिसर में सर्वे कराने का फैसला कोर्ट का है। अदालत के आदेश पर सर्वे हुआ, किसी सरकार या बीजेपी के कहने पर नहीं।औवेसी ने 1991 में बने कानून का भी जिक्र किया जिसके मुताबिक 1947 से पहले जो धार्मिक स्ट्रक्चर जैसा था वैसा ही रहेगा। उसके नेचर में कोई बदलाव नहीं होगा। इसमें दो बातें हैं। पहली बात ये है कि 1991 से पहले यानि 1947 से लेकर 1991 तक ज्ञानवापी परिसर में श्रृंगार गौरी की रोज पूजा होती थी। 1991 में इस पर पाबंदी लगी। फिर बाद में एक दिन पूजा की इजाजत मिली। अगर इसे कानून के लिहाज से देखा जाए तो 1947 के बाद की स्थिति बहाल रहनी चाहिए, यानि वहां रोज श्रृंगार गौरी की पूजा होनी चाहिए।दूसरी बात ये है कि ओवैसी कानून को लेकर भी आधी बात बता रहे हैं। उनकी बात आधी सही है। बीजेपी के नेताओं ने कहा कि औवैसी ये बताना भूल गए कि इसी कानून में कुछ छूट भी (Exemptions) है। वो छूट ये है कि अगर कोई स्ट्रक्चर 100 साल से भी ज्यादा पुराना है तो वो इस कानून के दायरे से बाहर होगा। ज्ञानवापी मस्जिद में जो शिवलिंग मिला है उसके बारे में दावा है कि साढ़े चार सौ साल पुराना है। अगर ये बात साबित हो जाती है तो फिर यह स्ट्रक्चर 1991 के कानून के दायरे से बाहर होगा। लेकिन मुझे लगता है कि इस मामले में सियासत तो होगी। उसे कोई नहीं रोक सकता।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अनुमति के फैसले पर फिलहाल रोक, Omicron को देखते हुए सरकार का फैसला

अंतरराष्ट्रीयउड़ानोंकोअनुमतिकेफैसलेपरफिलहालरोकOmicronकोदेखतेहुएसरकारकाफैसला2020 में बैंकों की छुट्टियों की देखें पूरी लिस्ट, जानिए कब-कब बंद रहेंगे बैंक******2020 में बैंकों की छुट्टियों की पूरी लिस्ट 2020 में कई छुट्टियां वीकेंड (शनिवार और रविवार) पर पड़ रही है। जैसे साल के पहले महीने में ही 26 जनवरी रविवार को पड़ रहा है। 2020 में दिवाली 14 नवंबर (रविवार) को पड़ेगी। (आरबीआई) ने साल 2020 के लिए बैंक हॉलीडे 2020 कैलेंडर (Bank Holidays 2020) जारी कर दिया है। इन दिनों बैंकों का कामकाज जहां बंद रहेगा, इसमें सरकारी और निजी बैंक दोनों की छुट्टियां शामिल हैं। आप भी जानिए 2020 में से जुड़ी पूरी जानकारी। 1 जनवरी 2020 (बुधवार)- नव वर्ष दिवस15 जनवरी 2020 (बुधवार)- पोंगल (दक्षिण राज्यों में)26 जनवरी 2020 (रविवार)- गणतंत्र दिवस30 जनवरी 2020 (गुरुवार)- वसंत पंचमी21 फरवरी 2020 (शुक्रवार)- महाशिवरात्रि10 मार्च 2020 (मंगलवार)- होली25 मार्च 2020 (बुधवार)- गुड़ीपड़वा2 अप्रैल 2020 (गुरुवार)- राम नवमी6 अप्रैल 2020 (सोमवार)- महावीर जयंती10 अप्रैल 2020 (शुक्रवार)- गुड फ्राइडे14 अप्रैल 2020 (मंगलवार)- अंबेडकर जयंती1 मई 2020 (शुक्रवार)- मई दिवस7 मई 2020 (गुरुवार)- बुद्ध पूर्णिमा25 मई 2020 (सोमवार)- ईद अल-फितर31 जुलाई (शुक्रवार) या 1 अगस्त 2020 (शनिवार)- ईद-उल-अजहा, बकरीद3 अगस्त 2020 (सोमवार)- रक्षाबंधन11 अगस्त 2020 (मंगलवार)- कृष्ण जन्माष्टमी15 अगस्त 2020 (शनिवार)- स्वतंत्रता दिवस30 अगस्त 2020 (रविवार)- मुहर्रम2 अक्टूबर 2020 (शुक्रवार)- गांधी जयंती26 अक्टूबर 2020 (सोमवार)- दशहरा30 अक्टूबर 2020 (शुक्रवार)- ईद मिलाद-उन-नबी14 नवंबर 2020 (शनिवार)- दिवाली16 नवंबर 2020 (सोमवार)- भाईदूज30 नवंबर 2020 (सोमवार)- गुरु नानक जयंती25 दिसंबर 2020 (शनिवार)- क्रिसमस डे अपने-अपने शहर में बैंक की छुट्टियों की पूरी लिस्ट आप भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की वेबसाइट पर देख सकते हैं। बता दें कि हर राज्य के हिसाब से बैंक में छुट्टियां अलग-अलग होती हैं। यहां कर आप अपने-अपने राज्यों मेंछुट्टियों की लिस्ट देख सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीयउड़ानोंकोअनुमतिकेफैसलेपरफिलहालरोकOmicronकोदेखतेहुएसरकारकाफैसलाकोरोना संकट: अप्रैल से जुलाई के बीच पीएफ से 80 लाख कर्मचारियों ने निकाले 30 हजार करोड़ रुपये******नई दिल्ली। कोरोना संकट की वजह से आम लोगों पर कितना बड़ा आर्थिक संकट पड़ा है इसके संकेत पीएफ फंड से जुड़े आंकड़ों से मिल रहे हैं। ईपीएफओ के मुताबिक अप्रैल से जुलाई के बीच 80 लाख खाताधारकों ने अपने रिटायरमेंट फंड से 30 हजार करोड़ रुपये की निकासी की है। इसमें से 30 लाख सब्सक्राइबर्स ने कोविड महामारी से निपटने के लिए दी गई विशेष छूट के तहत 8 हजार करोड़ रुपये निकाले हैं। वहीं 50 लाख अन्य सब्सक्राइबर ने आम नियमों के तहत 22 हजार करोड़ रुपये की निकासी की है।ईपीएफओ के मुताबिक अधिकांश रकम मेडिकल एडवांस के रूप में निकाली गई है। इपीएफओ का मानना है कि कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही कर्मचारियों के द्वारा रकम निकालने की रफ्तार भी आने वाले समय में बढ़ सकती है और पैसा निकालने वालों की संख्या बढ़कर 1 करोड़ को भी पार कर सकती है। अधिकारियों के मुताबिक एक झटके में इस रकम के बाहर जाने से फंड की 2000-21 की आय पर भी असर देखने को मिल सकता है। हालांकि इसका असर कितना होगा इसका पता करने में कुछ वक्त लगेगा।सरकार ने लॉकडाउन शुरू होने के साथ एक विशेष कोविड विंडो का ऐलान किया था, जिसके तहत कर्मचारी अपने रोजमर्रा के खर्चों के लिए भी पीएफ से एक निश्चित सीमा तक रकम निकाल सकते हैं। विडों के मुताबिक कर्मचारी अपने खाते से अपने 3 महीने के वेतन के बराबर रकम की निकासी कर सकते हैं और इसे बाद में वापस करने की जरूरत नहीं होगी। ईपीएफओ 10 लाख करोड़ रुपये के पीएफ फंड का प्रबंधन करता है इसमें देश के करीब 6 करोड़ कर्मचारी और उनके नियोक्ता अनिवार्य योगदान करते हैं।अंतरराष्ट्रीयउड़ानोंकोअनुमतिकेफैसलेपरफिलहालरोकOmicronकोदेखतेहुएसरकारकाफैसलाRBI ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 10.5 प्रतिशत GDP वृद्धि के अनुमान को बरकरार रखा******RBI ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 10.5 प्रतिशत GDP वृद्धि के अनुमान को बरकरार रखामुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि के अनुमान को 10.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा, और कहा कि कोविड-19 संक्रमण में बढ़ोतरी ने आर्थिक वृद्धि दर में सुधार को लेकर अनिश्चितता पैदा की है। अपनी ताजा नीति समीक्षा में, आरबीआई ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए जीडीपी वृद्धि दर के 10.5 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया। समीक्षा में कहा गया कि विभिन्न कारकों को ध्यान में रखते हुए ‘‘वास्तवित जीडीपी वृद्धि के 2021-22 में 10.5 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है, जो पहली तिमाही में 26.2 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 8.3 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.4 प्रतिशत और चौथी तिमाही मे 6.2 प्रतिशत रह सकती है।’’आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के फैसलों की घोषणा करते हुए कहा, ‘‘सभी की सहमति से यह भी निर्णय लिया कि टिकाऊ आधार पर वृद्धि को बनाए रखने के लिए जब तक जरूरी हो, उदार रुख को बरकरार रखा जाएगा और अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 के असर को कम करने के प्रयास जारी रहेंगे।’’ आरबीआई ने प्रमुख उधारी दर को चार प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया, लेकिन साथ ही अर्थव्यवस्था को समर्थन देने के लिए जरूरत पड़ने पर आगे कटौती की बात कहकर उदार रुख को बरकरार रखा।दास ने कहा कि केंद्रीय बैंक प्रणाली में पर्याप्त नकदी सुनिश्चित करेगा, ताकि उत्पादक क्षेत्रों को ऋण आसानी से मिले। आरबीआई ने कहा कि हालांकि विनिर्माण, सेवाओं और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों की कंपनियां मांग में बढ़ोतरी को लेकर आशावादी हैं, लेकिन दूसरी ओर कोविड-19 संक्रमण के मामले बढ़ने से उपभोक्ता विश्वास कमजोर हुआ है।

अंतरराष्ट्रीयउड़ानोंकोअनुमतिकेफैसलेपरफिलहालरोकOmicronकोदेखतेहुएसरकारकाफैसलाNaagin 6: 20 साल आगे बढ़ेगी शो की कहानी, Tejasswi Prakash के किरदार में बड़ा बदलाव******Highlights टीवी की दुनिया के फेमस टीवी शो 'नागिन 6' (Naagin 6) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। खबर है कि शो मेकर एकता कपूर ने इस सीरियल की कहानी में बड़ा बदलाव लाने का फैसला कर लिया है। कहानी को फिर से मजेदार बनाने के लिए इसमें लीप लाने की तैयारी हो चुकी है। जिसके बाद शो की कहानी सीधे 20 साल आगे चली जाएगी। इसलिए अब शो की लीड एक्ट्रेस तेजस्वी प्रकाश (Tejasswi Prakash) का किरदार भी पूरी तरह बदलने वाला है।शो जब से लॉन्च हुआ है तब से ही यह TRP लिस्ट में टॉप 10 में शामिल है। लेकिन ऐसा लग रहा है कि मेकर्स ने अब टॉप 3 पर आने के लिए कमर कस ली है। इसलएि शो की कहानी को 20 साल आगे बढ़ाया जा रहा है यानि शो में आने जा रहा है लंबा लीप वो भी 20 सालों का। बता दें कि नई कहानी में तेजस्वी प्रकाश (Tejasswi Prakash) का किरदार प्रथा अब खत्म हो जाएगा। जबकि वह अब नए अवतार में अपनी ही बेटी बनकर लोगों के सामने आएंगी।इस जानकारी को खुद तेजस्वी प्रकाश ने इंस्टाग्राम पर फैंस के साथ शेयर किया है। उन्होंने इसे खबर को देने के लिए एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें उन्होंने अपने किरदार की एक झलक भी दिखाई है। इस वीडियो में तेजस्वी ने बताया कि 20 साल के बाद वो खुद की बेटी के रोल में दिखेंगी। तो वहीं उनके लुक को भी बदल दिया गया है।आपको बता दें कि तेजस्वी अब प्रथा की बेटी नागिन प्रार्थना के किरदार में नजर आने वाली हैं। तेजस्वी के अलावा शो के मुख्य किरदारों में अभिनेता सिम्बा नागपाल, सुधा चंद्रन और महक चहल भी शामिल हैं।अंतरराष्ट्रीयउड़ानोंकोअनुमतिकेफैसलेपरफिलहालरोकOmicronकोदेखतेहुएसरकारकाफैसलाहिमाचल के लाहौल स्पीति और चंबा में बर्फबारी, बारिश से 500 लोग फंसे******। में भारी बारिश के कारण पिछले दो दिन में 22 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं मौसम विज्ञान विभाग ने अगले 24 घंटों में राज्य के कुछ हिस्सों में जारी रहने का अनुमान व्यक्त किया है। शिमला मौसम केन्द्र के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि अगले 24घंटों में राज्य के अधिकतर स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है, वहीं दूर दराज के क्षेत्रों में तेज बारिश के आसार हैं।राज्य में बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई सड़कों के बाधित हो जाने से अनेक हिस्सों में कम से कम 500 लोग फंसे हुए हैं। सड़कों को साफ करने और वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर जाने देने के लिए यातायात बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल कांगड़ा जिले के नूरपुर उप मंडल में भरे जल को निकालने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग बना रहा है।गौरतलब है कि कई स्थानों पर भूस्खलन ने पानी का बहाव झरने तक जाना रोक दिया है और इससे उप मंडल के खादेतार गांव में एक बड़ी कृत्रिम झील निर्मित हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि कांगड़ा जिले के त्रिन्दी, दानी, मिरका, लदोर, थाना, हिंदोरघाट, लेत्री और जसूर गांव के लोगों घरों को खाली करने को कहा गया है।एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पिछले दो दिन से हो रही बारिश से पानी के पाइप क्षतिग्रस्त हो गए हैं और कांगड़ा जिले में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक करने का काम चल रहा है लेकिन इसमें दो से तीन दिन का वक्त लग सकता है। कुल्लू जिले में रूपा क्षेत्र के निकट भूस्खलन से अवेरी-बजीरबॉडी मार्ग और बजौरा-कतौला मार्ग बाधित हो गया है। चंबा जिले में भी अनेक मार्ग बंद हैं। परिहार में चंबा-पठानकोट मार्ग, भतलवान गढ़ और मथुनू में चंबा-चोवारी मार्ग बाधित हैं।इस बीच, हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति और चंबा जिलों में कुछ स्थानों पर मौसम की पहली बर्फबारी हुई। मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार को यह जानकारी दी। अगस्त माह में आमतौर पर इन क्षेत्रों में बर्फबारी नहीं होती है। जिले के एक अधिकारी ने बताया कि ताजा बर्फबारी के कारण चंबा से पंगी जाने वाली सड़क साच पास के पास बाधित हो गयी है।

अंतरराष्ट्रीयउड़ानोंकोअनुमतिकेफैसलेपरफिलहालरोकOmicronकोदेखतेहुएसरकारकाफैसलाGoa: 28 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे प्रमोद सावंत, पीएम मोदी समेत कई हस्तियां होंगी शामिल******गोवा में 40 सीटों पर हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी गठबंधन को जानदेश मिला था। कई दिनों के गोवा के अगले मुख्यमंत्री को लेकर मंथन चल रहा था। गोवा में सोमवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक में प्रमोद सावंत को नेता चुन लिया गया था। प्रमोद सावंत मुख्यमंत्री पद की शपथ 28 मार्च को लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा समेत कई हस्तियां शामिल होंगी।गोवा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सदानंद तनावड़े ने इंडिया टीवी को बताया था कि हम सब चाहते हैं कि गोवा में बीजेपी की अपने दम पर बनने जा रही इस सरकार में प्रधानमंत्री जी आएं। इसलिए अब तक शपथ ग्रहण की तारीख और समय तक नहीं हो पाया था। वहीं दूसरी तरफ, गोवा बीजेपी के कई विधायक अब भी नाराज हैं। विधायकों की नराज़गी का मुख्य कारण एमजीपी पार्टी है।दरअसल एमजीपी पार्टी ने इस चुनाव में टीएमसी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और अब एमजीपी गोवा में बीजेपी के साथ आ रही है। विधायकों का कहना है कि एमजीपी के कारण ही गोवा में बीजेपी के कई विधायक हार गए हैं। अब 2 विधायकों का समर्थन देकर एमजीपी गोवा की नई सरकार का हिस्सा होगी। अब बीजेपी के विधायक इससे असंतुष्ट हैं और पार्टी आलाकमान के फैसले से बिल्कुल खुश नहीं हैं। हालांकि अभी तक मीडिया के सामने किसी भी विधायक ने कोई विरोध नहीं किया है।अंतरराष्ट्रीयउड़ानोंकोअनुमतिकेफैसलेपरफिलहालरोकOmicronकोदेखतेहुएसरकारकाफैसलाSBI ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी, होम लोन और रिटेल लोन वालों को 2 साल तक मिलेगा ईएमआई देने से छुटकारा******SBI offers up to 2 years repayment relief for home & retail loans देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्‍टेट बैंक (SBI) ने कोविड-19 से प्रभावित होम और रिटेल लोन ग्राहकों को राहत प्रदान करने की घोषणा की है। बैंक ने कहा कि उसके ग्राहक या तो 24 महीने तक मोराटोरियम का चुनाव कर सकते हैं या ईएमआई का रिश्‍यूड्यूलिंग और मोराटोरियम अवधि के बराबर अवधि को बढ़ाकर इसका फायदा उठा सकते हैं। भारतीय स्टेट बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर सीएस शेट्टी ने इस स्कीम की घोषणा करते हुए कहा कि रीस्ट्रक्चरिंग की अवधि इस बात पर निर्भर करेगी कि कोरोना से प्रभावित शख्स की आमदनी कब से शुरू हो सकती है या फिर कब तक वह दोबारा नौकरी पर लग सकते हैं। की ये सुविधा उन लोगों को मिलेगी, जिन्होंने 1 मार्च 2020 से पहले लोन लिया हुआ है और कोरोना के चलते लॉकडाउन की वजह से उनकी आमदनी प्रभावित हुई है। हालांकि, कर्जदारों को ये साबित करना होगा कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से उनकी आमदनी प्रभावित हुई है। यानी ऐसा ना समझें कि हर ग्राहक इस सुविधा का फायदा उठा सकता है।भारतीय स्टेट बैंक लोन रीस्ट्रक्चरिंग में सबसे आगे है, लेकिन आने वाले समय में अन्‍य सरकारी बैंकों सहित HDFC और ICICI जैसे बैंक भी लोन रीस्ट्रक्चरिंग की सुविधा दे सकते हैं। उम्मीद की जा सकती है कि यह बैंक इस महीने के आखिरी तक इस सुविधा की ओर जा सकते हैं। लोगों की लोन रीस्ट्रक्चरिंग की योग्यता को समझने के लिए भारतीय स्टेट बैंक ने एक ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया है।ग्राहकों के आय के स्रोत की पूरी एनालिसिस के बाद बैंक ये पता लगाएगा कि एक ग्राहक को कितने दिनों तक मोराटोरियम की सुविधा दी जाए। बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुसार कर्जदारों को 6 महीने से लेकर 2 साल तक के मोराटोरियम की सुविधा दी जाएगी। यह सुविधा किसे 6 महीने के लिए मिलेगी और किसे ज्यादा दिन के लिए, ये एनालिसिस के बाद पता चलेगा।जून के अनुसार बैंक के करीब 10 फीसदी लोन पर अभी मोराटोरियम सुविधा दी जा रही है और रजनीश कुमार का मानना है कि अधिक लोग लोन रीस्ट्रक्चर के लिए अप्लाई नहीं करेंगे। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि करीब 90 लाख लोग इस सुविधा का फायदा उठाना चाहेंगे। बता दें कि जो भी कॉरपोरेट या एमएसएमई लोन रीस्ट्रक्चर की सुविधा पाना चाहते हैं उन्हें बैंक की किसी ब्रांच में जाना होगा, वह ऑनलाइन यह सुविधा नहीं ले पाएंगे।

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