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रिद्धिमान साहा मामले ने पकड़ा तूल, अब ICA ने कह दी ये​ बड़ी बात
रिलीज़ की तारीख:2022-10-08 02:23:32
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रिद्धिमानसाहामामलेनेपकड़ातूलअबICAनेकहदीये​बड़ीबातजेल में बंद अपराधी का जन्मदिन मनाने का VIDEO वायरल, 7 जेलकर्मी निलंबित****** बिहार के सीतामढ़ी मंडल कारा में बंद एक कुख्यात अपराधी द्वारा अपने पर गत गुरुवार को कथित रूप से केक काटने संबंधी एक वीडियो वायरल होने पर सात जेलकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। जिले में 26 दिसंबर 2015 को दो अभियंताओं की हत्या के मामले में सजा काट रहे आरोपी पिंटू तिवारी द्वारा सीतामढ़ी मंडल कारा में जन्मदिन पर गत शनिवार शाम कथित रूप से केक काटने तथा दावत का आयोजन करने का फोटो और वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जेल मुख्यालय ने मामले की जांच की जिम्मेदारी मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल के अधीक्षक राजीव कुमार सिंह को सौंपी थी।सीतामढ़ी जेल अधीक्षक राजेश कुमार राय ने रविवार को बताया कि इस मामले को लेकर जेल महानिरीक्षक के आदेश पर तीन उच्च कक्षपाल श्यामनंदन प्रसाद, ब्रहमेश्वर पांडेय एवं धनेश्वर यादव तथा चार कक्षपाल गुंजन कुमार, रामाशीष राम, रंजन कुमार एवं मनोज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

रिद्धिमानसाहामामलेनेपकड़ातूलअबICAनेकहदीये​बड़ीबातMaharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र का सियासी संग्राम जारी, बैठक, बयानबाजी और रणनीतियां बनाने का चल रहा दौर******Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र की सियासी महाभारत जारी है। इसका केंद्र बिंदु मुंबई और गुवाहाटी हैं। एकनाथ शिंदे गुट के बागी विधायक गुवाहाटी में जमे हुए हैं। वहीं मुंबई में ​ठाकरे की शिवसेना बैठकें कर रही हैं। कल शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई, जिसमें कई निर्णय लिए गए। बैठक के बाद स्पष्ट कहा गया कि बाला साहेब और शिवसेना के नाम का इस्तेमाल कोई अन्य नहीं कर सकता है। वहीं एकनाथ शिंदे ने अपने बयान में महाविकास अघाड़ी को अजगर बताया और उसके चंगुल से शिवसेना को निकालने की बात कही। बयानों व आरोप—प्रत्यारोप की राजनीति भी लगातार जारी है। आज महाराष्ट्र की राजनीति में क्या होगा, यह जानने के लिए बने रहिए इंडिया टीवी डिजिटल के साथ।रिद्धिमानसाहामामलेनेपकड़ातूलअबICAनेकहदीये​बड़ीबातPresident Election 2022: कैसे होता है राष्ट्रपति पद का चुनाव? यहां जानिए पूरी प्रक्रिया******Highlightsराष्ट्रपति चुनाव को लेकर कर 18 जुलाई को वोटिंग होगी। वहीं 21 जुलाई को काउंटिंग होगी। वोटिंग राज्यों के विधानसभा और संसद भवन में होगी। सांसदों के लिए संसद भवन के प्रथम तल पर कमरा नं- 63 में वोटिंग के लिए बूथ बनाए गए हैं जिनमें से एक बूथ फिजिकल चैलेंज्ड के लिए है। इसके लिए सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। बता दें कि वोटिंग बैलेट पेपर से की जाएगी। सांसदों को बैलट पेपर पर राष्ट्रपति उम्मीदवार के नाम के आगे अपनी वरीयता दर्ज करना होगा। वोटिंग की गोपनीयता को बरकरार रखने के लिए बैलेट पेपर सीरियल नंबर की बजाए रैंडम तरीके से दिए जाएंगे। राष्ट्रपति चुनाव में 9 विधायक संसद भवन में करेंगे वोटिंग जबकि लगभग 42 सांसद विभिन्न राज्यों के विधानसभा में वोटिंग करेंगे।संसद में वोट करने वाले विधायकों की संख्याUP से 4 MLAअसम से 1 MLAहरियाणा से 1 MLAउड़ीसा से 1 MLAत्रिपुरा से 2 MLANDA उम्मीदवार के समर्थन ये पार्टियां शामिलभाजपा ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए द्रौपदी मुर्मू को अपना उम्मीदवार बनाया है। मुर्मू के समर्थन में जेडीयू, हम, लोजपा, अकाली दल, बसपा, तेदेपा, वाईएसआरसीपी, बीजद, शिवसेना और झामूमो हैं। महाराष्ट्र में सत्ता बदलने के बाद शिवसेना के सांसदों की जिद्द के आगे उद्धव ठाकरे को आखिर में झुकना पड़ा और उद्धव ने दौ्रपदी मुर्मू को अपना समर्थन देने का ऐलान कर दिया। झामूमो भी धर्म संकट में फंसी हुई थी कि वह देश की होने वाली पहली आदिवासी महिला को समर्थन दे या विपक्ष के साथ अपना गठबंधन धर्म निभाए। बाद में झामूमो के तरफ से भी यह बिल्कुल साफ हो गया कि पार्टी राष्ट्रपति के चुनाव में द्रौपदी मुर्मू को ही अपना समर्थन देगी। कुल मिलाकर चुनाव में NDA उम्मीदवार का पलड़ा भारी है।विपक्ष उम्मीदवार यशवंत सिन्हा की दावेदारी कितनी मजबूतविपक्ष की तरफ से राष्ट्रपति चुनाव में यशवंत सिन्हा को मैदान में उतारा गया है। लेकिन कुछ विपक्षी दल का साथ नहीं मिलने से उनकी स्थिति थोड़ी कमजोर दिखाई पड़ रही है। मुख्य रुप से उनके समर्थन में कांग्रेस, सपा, राजद, एनसीपी, टीएमसी, द्रमुक, टीआरएस, आप और वामदल है। यशवंत सिन्हा की दावेदारी को लेकर यह कहा जा सकता है कि उनकी जीत एक बहुत बड़ा उलटफेर साबित हो सकता है।कैसे होता है राष्ट्रपति का चुनावराष्ट्रपति चुनाव में जनता की सीधी भागीदारी नहीं होती है बल्कि जनता का प्रतिनिधित्व करने वाले यानी सांसद और विधायक वोटिंग करते हैं। इन सांसदों और विधायकों में भी जो मनोनित सांसद या विधायक हैं वे मतदान नहीं कर सकते, क्योंकि वे सीधे जनता द्वारा चुनकर सदन में नहीं आते हैं।इलेक्टोरल कॉलेज के जरिए होता है राष्ट्रपति चुनावराष्ट्रपति का चुनाव इलेक्टोरल कॉलेज के जरिए होता है। इसमें लोकसभा और राज्यसभा कुल 776 सदस्य और विधानसभाओं के 4,809 सदस्य शामिल होते हैं। इन सभी के वोटों का मूल्य या वेटेज अलग-अलग होता है। लोकसभा और राज्यसभा के वोटों का वेटेज एक होता है जबकि विधानसभा के सदस्यों का अलग वेटेज होता है। दो राज्यों के विधायकों का वेटेज भी अलग-अलग होता है। इसे अनुपातिक प्रतिनिधित्व व्यवस्था कहते हैं।विधायकों के वोट का मूल्यविधायकों का मूल्य ( वेटेज ) राज्य की जनसंख्या के आधार पर तय होता है। राज्य की जनसंख्या को चुने हुए विधायक की संख्या से बांटा जाता है और फिर उसे एक हजार से भाग दिया जाता है। इसके बाद जो अंक मिलता है वह उस राज्य के एक विधायक के वोट का वेटेज होता है। एक हजार से भाग देने पर अगर शेष 500 से ज्यादा हो तो वेजेट में एक जोड़ दिया जाता है।सांसदों के वोट का मूल्यसांसदों के वोटों के वेटेज का अलग हिसाब है। सबसे पहले सभी राज्यों की विधानसभाओं निर्वाचित सदस्यों के वोटों का वेटेज जोड़ा जाता है। अब इस सामूहिक वेटेज को राज्यसभा और लोकसभा के निर्वाचित सदस्यों की कुल संख्या से भाग दिया जाता है। इस तरह जो नंबर मिलता है, वह एक सांसद के वोट का वेटेज होता है। अगर इस तरह भाग देने पर शेष 0.5 से ज्यादा बचता हो तो वेटेज में एक का इजाफा हो जाता है।वोटिंग के लिए खास पेनमतदान के दौरान बैलेट पेपर पर सभी उम्‍मीदवारों के नाम होते हैं और मतदाता को अपनी वरीयता को 1 या 2 अंक के रूप में उम्‍मीदवार के नाम के सामने लिखना होता है। यह नंबर लिखने के लिए के लिए चुनाव आयोग एक विशेष पेन उपलब्‍ध कराता है। यदि यह नंबर किसी अन्‍य पेन से लिख दिए जाएं तो वह वोट अमान्‍य हो जाता है।कुल वेटेज का आधा से ज्यादा वोट प्राप्त करना जरूरीराष्ट्रपति चुनाव से जुड़ी दिलचस्प बात यह है कि इस चुनाव में सबसे ज्यादा वोट प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को विजेता नहीं घोषित किया जाता है बल्कि विजेता वह होता है जो सांसदों और विधायकों के वोटों के कुल वेटेज का आधा से ज्यादा वोट प्राप्त कर लेता है। राष्ट्रपति चुनाव में पहले से ही यह तय होता है कि जीतने के लिए कितने वोटों की जरूरत होगी। इस बार राष्ट्रपति चुनाव के लिए जो इलेक्टोरल कॉलेज है, उसके सदस्यों के वोटों का कुल वेटेज 10,98,882 है। तो जीत के लिए उम्मीदवार को कुल 5,49,442 वोट हासिल करने होंगे । जो प्रत्याशी वेटेज हासिल कर लेता है वह राष्ट्रपति चुन लिया जाता है।

रिद्धिमान साहा मामले ने पकड़ा तूल, अब ICA ने कह दी ये​ बड़ी बात

रिद्धिमानसाहामामलेनेपकड़ातूलअबICAनेकहदीये​बड़ीबातदिल्ली: बच्ची से रेप के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में हिंसा, पथराव में 10 पुलिसकर्मी घायल****** के वसंत कुंज इलाके में एक बच्ची से कथित तौर पर के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी। प्रदर्शनकारियों ने कारों को नुकसान पहुंचाया और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने ‘हल्का बल प्रयोग’ किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पथराव में 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि उन्होंने 20 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। घायल पुलिसकर्मियों में 2 सहायक पुलिस आयुक्त शामिल हैं।पुलिस उपायुक्त (दक्षिण पश्चिम) देवेन्द्र आर्य ने बताया कि 11 वर्षीय बच्ची से कथित बलात्कार के विरोध में प्रदर्शन के इरादे से शुक्रवार रात रंगपुरी पहाड़ी इलाके की एक झुग्गी बस्ती से काफी तादाद में लोग जमा हुए थे। अधिकारी ने बताया कि पुलिस को वसंत कुंज इलाके में यातायात जाम की सूचना मिली थी, जिसके बाद वे घटनास्थल पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने होती शिविर कैम्प के पास छतरपुर महिपालपुर जाने के मार्ग में दोनों ओर रास्ता जाम किया था। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को बताया कि बलात्कार मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, यह जानने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया।अधिकारी ने बताया कि बार-बार चेतावनी दिए जाने के बाद भी भीड़ वहां से नहीं हटी। कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। डीसीपी ने बताया कि इस दौरान 2 सहायक पुलिस आयुक्त, 2 इंस्पेक्टर, एक सहायक सबइंस्पेक्टर, एक हेडकांस्टेबल और 4 कांस्टेबल सहित 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान 11 निजी कारों और एक पुलिस वाहन को नुकसान पहुंचा। इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।22 अगस्त को रंगपुरी पहाड़ी इलाके के एक जंगली क्षेत्र में शौच के लिए गई 11 वर्षीय बच्ची से कथित तौर पर बलात्कार की घटना सामने आई थी। घटना के संबंध में शुक्रवार को प्रकाश नामक 34 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।रिद्धिमानसाहामामलेनेपकड़ातूलअबICAनेकहदीये​बड़ीबातपीएम मोदी ने कोरोना के खिलाफ जारी जंग में सशस्त्र बलों की भूमिका की प्रशंसा की****** प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कोविड-19 के खिलाफ जारी जंग में सशस्त्र बलों की भूमिका की प्रशंसा की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा “फाइटिंग दि इनविजिबल एनेमी: एमओडी रिस्पॉन्स ऑन कोविड-19 सर्ज” शीर्षक से लिखे एक लेख का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा कि "‘जल’, ‘थल’ और ‘नभ’ हमारे सशस्त्र बलों ने कोविड-19 के खिलाफ जंग को मज़बूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।"सेना ने देशभर में नागरिक प्रशासन की मदद के समन्वय के लिए कोविड मैनेजमेंट सेल का गठन किया है। इसका प्रमुख महानिदेशक स्तर के एक अधिकारी को बनाया गया है। वे सीधे उप सेना प्रमुख को रिपोर्ट करेंगे।कोविड मैनेजमेंट सेल महामारी से निपटने के लिए नागरिक प्रशासन को सेना के स्टाफ व लॉजिस्टिक्स की मदद सुनिश्चित करेगी।बता दें कि, सेना के तीनों अंग कोरोना महामारी से निपटने के लिए अपने-अपने स्तर पर जुटे हैं। तीनों सेनाओं ने मेडिकल इमरजेंसी में कोविड से लड़ने के लिए कमान संभाल ली है। अपने अस्पतालों से लेकर डॉक्टर्स-पैरामेडिकल स्टॉफ को कोविड मरीजों की देखभाल के लिए लगाया ही गया है। तीनों सेनाएं ऑक्सीजन से लेकर दवाइयों व अन्य इक्वीपमेंट्स को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचा रही हैं और विदेशों से भी लाने में मदद कर रही हैं। बीतों दिनों इसे लेकर के साथ सीडीएस जनरल बिपिन रावत व अन्य शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने विस्तृत चर्चा की थी। (India Army) ने गुरुवार को ट्वीट कर बताया कि कोविड मैनेजमेंट सेल देश में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को लेकर अधिक बेहतर ढंग से रीयल टाइम मदद सुनिश्चित कर सकेगी। यह सुविधा दिल्ली समेत पूरे देश के लिए होगी। सेना मरीजों की टेस्टिंग, उन्हें सैन्य अस्पतालों में भर्ती कराने, मेडिकल उपकरणों के परिवहन आदि में मदद करेगी।नौसेना भी देश में ऑक्सीजन आपूर्ति, चिकित्सा उपकरणों आदि के परिवहन में जुटी हुई है। विभिन्न देशों से इनका परिहवन किया जा रहा है। आईएनएस कोच्चि व अन्य पोत समुद्र सेतु-2 मिशन के तहत फारस की खाड़ी से चिकित्सा सामान लेकर मुंबई पहुंच रहे हैं। आईएनएस कोच्चि कुवैत से और आईएनएन त्रिकांड दोहा से छह मई को 20 टन तरल ऑक्सीजन लेकर रवान हो चुके हैं। का भारी कार्य करने में सक्षम परिवहन विमान सी-17 ग्लोबमास्टर बृहस्पतिवार को बैंकॉक से कई क्रायो केंटनर लेकर स्वदेश पहुंचा। अधिकारियों ने बताया कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान देश भर के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से निपटने के समन्वित अभियान के तहत ये कंटेनर लाए गए। क्रायोजेनिक कंटेनर का इस्तेमाल तरल ऑक्सीजन के परिवहन में किया जाता है। राज्यों को ऑक्सीजन परिवहन में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए देश में ज्यादा से ज्यादा क्रायो केंटनर लाए जाने का प्रयास किया जा रहा है। वायु सेना ने ट्वीट कर बताया, ‘‘भारतीय वायुसेना का सी-17 ग्लोबमास्टर क्रायो कंटेनर लेने के लिए आज बैंकॉक पहुंचा। कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान गृह मंत्रालय के समन्वय में ऑक्सीजन परिवहन को सुधारने के लिए वायुसेना के विमानों ने कई उड़ानें भरी हैं।’’रिद्धिमानसाहामामलेनेपकड़ातूलअबICAनेकहदीये​बड़ीबातकर्नाटक सरकार की योजना: दान कीजिए 10 करोड़, आपके नाम से होगी कॉलोनी की पहचान******कर्नाटक इस समय भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है। इस भीषण आपदा के लिए धन की व्‍यवस्‍था करने के लिए राज्‍य की येदियुरप्‍पा सरकार ने एक खास योजना शुरू की है। राज्‍य सरकार ने कर्नाटक में बाढ़ ग्रस्त गांवों का नाम राहत कार्यों के लिए 10 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि देने वाले दानदाताओं के नाम पर रखने का एलान किया है। हालांकि सरकार की पेशकश को लेकर कुछ वर्गों की आलोचना के बाद मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कहा कि केवल नयी बस्तियों (लेआउट) का ही नाम बदला जाएगा।उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘स्पष्टीकरण : मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि 10 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि देने वाले दानदाताओं के नाम पर गांवों का नहीं बल्कि बस्तियों का नाम रखा जाएगा।’’ मुख्यमंत्री ने बाढ़ से मची तबाही के मद्देनजर बुधवार को उद्योगपतियों और कोरपोरेट के साथ बैठक में घोषणा की थी कि अगर कंपनियां 10 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि देती है तो उनके नाम पर गांवों के नाम रखे जाएंगे। उनकी इस घोषणा पर कुछ लोगों ने हैरानी जताई।हालांकि मुख्‍यमंत्री की इस योजना को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के नेतृत्व वाली जद(एस) ने गांवों के नाम बदलने के प्रस्तावित कदम को ‘‘तुगलक’’ फरमान बताया। इसके बाद सरकार ने अपने इस प्रस्‍ताव में खास संशोधन किए हैं।

रिद्धिमान साहा मामले ने पकड़ा तूल, अब ICA ने कह दी ये​ बड़ी बात

रिद्धिमानसाहामामलेनेपकड़ातूलअबICAनेकहदीये​बड़ीबातENG vs PAK : 19 साल के हैदर अली ने इंग्लैंड में मचाया धमाल, बने ऐसा करने वाले पहले पाकिस्तानी बल्लेबाज******इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर के मैदान में पाकिस्तान की तरफ से सीरीज के तीसरे और अंतिम टी20 मैच में 19 साल के बल्लेबाज हैदर अली ने डेब्यू टी20 मैच में इतिहास रच दिया। इस मैच को जहां पाकिस्तान ने 5 रन से अपने नाम किया वहीं टेस्ट सीरीज में हार के बाद टी20 सीरीज को 1-1 से बराबरी पर खत्म किया। जिसमें हैदर अली का काफी योगदान रहा। उन्होंने अपने पहले टी20 मैच में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 54 रनों की पारी खेली।इस तरह हैदर के बाद मोहम्मद हफीज के 86 रनों की पारी के चलते पाकिस्तान 190 रन का स्कोर खड़ा करने में कामयाब हो पाया। जिसमें उसे 5 रन से जीत हासिल हो पाई। ऐसे में अब पहला मैच खेलने वाले हैदर 54 रन की पारी के साथ पाकिस्तान की तरफ से डेब्यू टी20 मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 33 गेंदों में 5 चौके तो 2 छक्के मारे। इससे पहले ये रिकॉर्ड उमर अमीन के नाम था जिन्होंने पाकिस्तान के लिए टी20 क्रिकेट में डेब्यू करते हुए 47 रन मारे थे।एक समय पाकिस्तान के सिर्फ 32 रन दो विकेट गिर जाने के चलते क्रीज पर हैदर और हफीज बल्लेबाजी कर रहे थे। ऐसे में हफीज जो उनसे 20 साल बड़े हैं। क्रिकेट के मैदान में ये फर्क हैदर ने अपनी बल्लेबाजी से पता नहीं चलने दिया और उन्होंने शानदार बल्लेबाजी से सभी का दिल जीता। इस तरह हैदर की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए हफीज ने मैच के बाद स्काई स्पोर्ट्स से कहा, "वह दबाव में शानदार लग रहा था और उसे सिर्फ अपना खेल दिखाया। मैं हमेशा उसे प्रेरित कर रहा था कि तुम अच्छा खेल रहे हो। इसी तरह खेलते रहो।"इस तरह हैदर और हफीज के बीच मैच में 100 रनों की साझेदारी हुई। जिससे पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार 190 रनों का स्कोर बनाया। वहीं दूसरी बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड टीम को अंत में 2 गेंदों पर 12 रन चाहिए थे। तभी टॉम कुर्रेंन ने छक्का मार दिया। हलांकि हरिस रौफ ने अंतिम गेंद यॉर्कर डालते हुये मैच पाकिस्तान को 5 रनों से जिता दिया।रिद्धिमानसाहामामलेनेपकड़ातूलअबICAनेकहदीये​बड़ीबातसिसोदिया के घर छापेमारी के बाद पहली बार उपराज्यपाल से मिले केजरीवाल, कहा- माहौल अच्छा था******Highlightsदिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को लेफ्टिनेंट गवर्नर वीके सक्सेना से मुलाकात की। दोनों के बीच यह मुलाकात दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर पर हुई छापेमारी के बाद पहली बार हुई थी। बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और लेफ्टिनेंट गवर्नर के बीच हर शुक्रवार को मीटिंग होती है, लेकिन छापे के बाद केजरीवाल और एलजी के बीच इससे पहले कोई साप्ताहिक बैठक नहीं हुई थी। सिसोदिया के घर पर छापे के बाद से आम आदमी पार्टी लगातार एलजी पर हमलावर रही है।बैठक के बाद सीएम ने कहा कि बैठक ‘खुशनुमा माहौल’ में संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि दोनों ने मीटिंग में दिल्ली से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘उपराज्यपाल के साथ हमारी साप्ताहिक बैठक होती है। लेकिन पिछले कुछ हफ्तों से बैठक नहीं हुई क्योंकि मैं शहर से बाहर था। आज बैठक अनुकूल माहौल में संपन्न हुई और हम दोनों ने शहर के कई मुद्दों पर चर्चा की। मैंने उनसे अनुरोध किया है कि हम नगर निगम से जुड़े मुद्दों के लिए मिलकर काम करें।’केजरीवाल ने यह भी कहा कि बैठक के दौरान ‘कूड़े के पहाड़’ और शहर में स्वच्छता व्यवस्था को ठीक करने के मुद्दों पर भी चर्चा की गई। के घर पर छापेमारी के बाद उपराज्यपाल के साथ कई मुद्दों पर चल रही खींचतान के सवाल पर केजरीवाल ने कहा, ‘जो कुछ भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण था। मुझे उम्मीद है कि अब स्थिति में सुधार होगा। आज, हम दोनों के बीच बहुत अच्छा माहौल था।’ बता दें कि हाल ही में उपराज्यपाल ने केजरीवाल सरकार को MCD के 2 साल से लंबित 383 करोड़ रुपये जारी करने को कहा।सक्सेना ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शिक्षा एवं स्वास्थ्य मदों में नगर निगम का 383.74 करोड़ रुपये का बकाया जारी करने को कहा था। LG के दफ्तर ने सक्सेना द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गये पत्र को ट्विटर पर बुधवार को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले दो सालों से लंबित इस बकाया रकम को जारी करने का आग्रह किया है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि ‘अकारण’ पैसे रोकने से दिल्ली में प्राथमिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य की स्थिति पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। बता दें कि पैसे जारी करने का मुद्दा AAP और BJP के बीच टकराव का एक बड़ा कारण है।

रिद्धिमान साहा मामले ने पकड़ा तूल, अब ICA ने कह दी ये​ बड़ी बात

रिद्धिमानसाहामामलेनेपकड़ातूलअबICAनेकहदीये​बड़ीबातTelangana News: तेलंगाना में पहली से दसवीं कक्षा तक तेलुगू पढ़ना हुआ अनिवार्य, नहीं मानने पर होगी कार्रवाई******Highlightsतेलंगाना सरकार ने इस शैक्षणिक सत्र (2022-2023) की शुरुआत से पहली से दसवीं कक्षा तक केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), इंडियन सर्टिफिकेट आफ सेकंडरी एजुकेशन (आईसीएसई), आईबी और अन्य बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए तेलुगू को दूसरी भाषा के रूप में अनिवार्य कर दिया है। इस विषय में एक परिपत्र हाल ही में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी किया गया, जो राज्य सरकार के तेलंगाना (स्कूलों में अनिवार्य रूप से तेलुगू का शिक्षण) अधिनियम 2018 को चरणबद्ध तरीके से 2018-19 से लागू करने के हिस्से के रूप में आया है।अधिनियम के अनुसार, तेलुगू को कक्षा पहली से दसवीं तक अनिवार्य कर दिया गया था, चाहे स्कूल किसी भी बोर्ड से संबद्ध हों। परिपत्र के अनुसार, ‘‘सभी प्रबंधन और विभिन्न बोर्ड से संबद्ध स्कूलों (सीबीएसई, आईसीएसई, आईबी और अन्य बोर्ड) के लिए शैक्षणिक सत्र 2022-23 से पहली से दसवीं कक्षा तक अनिवार्य विषय के रूप में तेलुगू को लागू करने के नियमों का उल्लंघन तेलंगाना राज्य में गंभीरता से देखा जाएगा और तेलंगाना राज्य सरकार द्वारा दिए गए अधिनियम और दिशानिर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।’’विभाग ने तेलुगू की दो पाठ्यपुस्तकें तैयार की हैं। एक तेलुगू भाषी विद्यार्थियों के लिए और दूसरी उन बच्चों के लिए जिनकी मातृभाषा तेलुगू नहीं है। राज्य सरकार ने यह भी आगाह किया कि नियम का पालन न करने से उन स्कूलों को जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) पर गंभीर असर पड़ेगा।

रिद्धिमानसाहामामलेनेपकड़ातूलअबICAनेकहदीये​बड़ीबातजल्‍द मिलेगा होम और कार लोन पर ब्‍याज दर में कटौती का तोहफा, RBI गवर्नर इसी सप्‍ताह करेंगे बैंक प्रमुखों के साथ बैठक******shaktikanta dasभारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने सोमवार को कहा कि वह मुख्य रेपो दर में कटौती का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने के बारे में चर्चा करने के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक प्रमुखों से इस सप्ताह मुलाकात करेंगे। वित्त मंत्री अरुण जेटली के केंद्रीय बैंक के निदेशक मंडल को संबोधित करने के बाद दास ने संवाददाताओं से कहा कि मौद्रिक नीति निर्णय का लाभ कर्ज लेने वालों को मिलना महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कि ब्याज दरों में कटौती का लाभ ग्राहकों को देना काफी महत्वपूर्ण है। खासकर केंद्रीय बैंक की नीतिगत दर में घोषणा के बाद यह और महत्वपूर्ण है। मैं सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) के साथ 21 फरवरी को बैठक करूंगा। इस महीने की शुरुआत में रिजर्व बैंक ने प्रमुख नीतिगत रेपो दर को 0.25 प्रतिशत घटाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया। सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) पुनर्गठन योजना के बारे में दास ने कहा कि आरबीआई ने हाल ही में उन इकाइयों के लिए पैकेज की घोषणा की है, जिनके ऊपर 25 करोड़ रुपए तक का बकाया है।उन्होंने कहा कि पुनर्गठन योजना के तहत सभी मामलों को शामिल किया जाएगा। इसीलिए पात्र एमएसएमई के लिए कर्ज पुनर्गठन का मामला अब बैंकों के पाले में है। निजी क्षेत्र के कुछ बैंकों के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर गवर्नर ने कहा कि प्रवर्तक हिस्सेदारी कम करने से जुड़ा कोटक महिंद्रा बैंक का मामला अदालत में लंबित है। उन्होंने कहा कि ऐसे में इस मामले में कुछ भी कहना ठीक नहीं होगा क्योंकि यह अदालत में विचाराधीन है। यस बैंक के संदर्भ में यह नियामक और बैंक के बीच का मुद्दा है। दास ने कहा कि मैं यह भी कहना चाहूंगा कि आरबीआई का प्रयास बैंक समेत सभी नियमन वाली इकाइयों के साथ रचनात्मक तरीके से काम करना है ताकि विभिन्न नियामकीय जरूरतों का अनुपालन हो सके। कर्ज उठाव के बारे में उन्होंने कहा कि इस में कुछ वृद्धि दिख रही है। दास ने कहा कि सकल रूप से वाणिज्यिक क्षेत्र को कर्ज प्रवाह में कुछ सुधार दिख रहा है लेकिन व्यापक स्तर पर नहीं है। विभिन्न क्षेत्रों में ऐसा नहीं है जैसा कि इसे होना चाहिए।रिद्धिमानसाहामामलेनेपकड़ातूलअबICAनेकहदीये​बड़ीबातRahul Gandhi News: मानसून सत्र से पहले विदेश चले गए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, जानें कब है वापसी******Highlightsकांग्रेस नेता राहुल गांधी मानसून सत्र से पहले विदेश चले गए हैं। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों ने ये जानकारी दी है। उनकी विदेश से वापसी 17 जुलाई (रविवार) को होगी। बता दें कि संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू होगा और ये 6 अगस्त को खत्म होगा। संसद के इसी सत्र में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चुनाव होगा। गौरतलब है कि राष्ट्रपति चुनाव 18 जुलाई और उपराष्ट्रपति चुनाव 6 अगस्त को होने वाला है।मिली जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी आज (मंगलवार) सुबह कतर एयरलाइन्स की फ्लाइट से विदेश गए हैं। हालांकि अभी इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई है कि वह किस देश गए हैं और ये यात्रा निजी है या आधिकारिक है। बता दें कि देश में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर जनता की नजर सभी राजनीतिक घटनाक्रमों पर लगी हुई है। एनडीए की ओर से द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बनाई गई हैं, वहीं विपक्ष की तरफ से यशवंत सिन्हा मैदान में हैं। उपराष्ट्रपति पद के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से अभी उम्मीदवारों का ऐलान नहीं हुआ है। चुनाव के नतीजे 21 जुलाई को घोषित होंगे।राहुल ने हालही में महंगाई को लेकर कसा था केंद्र सरकार पर तंजराहुल ने हालही में महंगाई और बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज में पेट्रोल और रसोई गैस की कीमतें बढ़ने के साथ ही गब्बर सिंह टैक्स की लूट एवं बेरोजगारी की सुनामी आ गई है।राहुल ने ट्वीट किया था, "प्रधानमंत्री ने कहा-133 करोड़ भारतीय हर बाधा से कह रहे हैं, दम है तो हमें रोको। BJP राज में एलपीजी सिलिंडर की कीमतें 157 प्रतिशत बढ़ी, रिकॉर्ड-तोड़ महंगा पेट्रोल, 'गब्बर सिंह टैक्स' की लूट और बेरोजगारी की सुनामी आई।" कांग्रेस नेता ने आगे लिखा, "असल में जनता प्रधानमंत्री से कह रही है-आपकी बनाई इन बाधाओं ने दम निकाल दिया है, अब रुक जाओ।"महंगाई और बेरोजगारी को लेकर राहुल करते रहते हैं हमलाराहुल अक्सर मंहगाई और बेरोजगारी को लेकर केंद्र पर हमला करते रहते हैं। पिछले दिनों भी राहुल ने मंहगाई और बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार से तीखा सवाल किया था। राहुल ने कहा था कि देश में आर्थिक मंदी साफ नजर आ रही है, लेकिन नीतिगत दिवालियेपन की शिकार सरकार को यह नहीं दिख रहा और इसे लेकर सरकार के पास कोई जवाब नहीं है।

रिद्धिमानसाहामामलेनेपकड़ातूलअबICAनेकहदीये​बड़ीबातप्रेग्नेंसी के दौरान भूल कर भी ना खाएं ये 5 फल, मां और बच्चे दोनों की सेहत को हो सकता है खतरा******हमेशा आपने लोगों से ये कहते सुना होगा कि फल खाना सेहत के लिए हमेशा अच्छा रहता है। कई फलों को ना खाने पर आपने अपने घर में बड़ों की डांट भी खाई होगी। लेकिन क्या आपको पता है प्रेग्नेंट महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ फलों का सेवन सख्ती से मना होता है। कहा जाता है कि कुछ फलों का सेवन ना केवल मां बल्कि उसके होने वाले बच्चे की सेहत के लिए खतरा भी बन सकता है। अगर आप किसी आप पड़ोस की महिला को जानती है जो प्रेग्नेंट है या फिर आप खुद गर्भवती हैं या फिर फैमिली प्लानिंग करने का सोच रही हैं तो ये जानकारी आपके लिए बहुत जरूरी है। जानिए प्रेग्नेंसी या फिर गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को भूलकर भी कौन से फल नहीं खाने चाहिए।आपने कई लोगों से सुना होगा कि प्रेग्नेंसी के दौरान पपीताको बिल्कुल ना खाएं। ऐसा इसलिए क्योंकि पपीते की वजह से शरीर का तापमान बढ़ सकता है जो गर्भवती महिला की सेहत के लिए ठीक नहीं है। इसके अलावा पपीते में लैटेक्स अधिक मात्रा में होता है जिस कारण मिसकैरेज होने का खतरा भी रहता है। इसलिए हो सके तो ना तो पका और ना ही कच्चा पपीता खाएं।प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को अपनी सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए। एक गलती भी मां और बच्चे दोनों की सेहत को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। इस बात का ध्यान रखें कि गर्भवती महिलाएं अनानास का बिल्कुल भी सेवन ना करें। ऐसा इसलिए क्योंकि अनानास में प्रचुर मात्रा में ब्रोमलिन होता है। ये एंजाइम गर्भाशय ग्रीवा को मुलायम कर देता है। जिससे गर्भाशय में संकुचन पैदा हो सकता है। जिसके कारण महिला को प्रसव पीड़ा जल्दी शुरू हो सकती है। इसके अलावा अनानास का अधिक सेवन डिहाइड्रेशन और लूज मोशन का कारण भी बन सकता है।आपको ये जानकर हैरानी होगी कि प्रेग्नेंसी में अंगूर का सेवन भी नहीं करना चाहिए। वैसे तो अंगूर पौष्टिक फलों की लिस्ट में आता है लेकिन प्रेग्नेंसी में इस फल का सेवन करने से मना किया जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि अंगूर में रेसवेराट्रोल नाम का तत्व होता है। ये तत्व जहरीला होता है और गर्भवती महिला की सेहत के लिए ठीक नहीं होता है। प्रेग्नेंसी में महिलाओं का पाचन तंत्र थोड़ा कमजोर हो जाता है जिसकी वजह से अंगूर को पचाने में दिक्कत भी हो सकती है।केला तो वैसे ज्यादातर लोगों को पसंद होता है लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान इस फल से दूरी बनाना ही सेहत के लिए अच्छा है। कई महिलाओं को केला खाने से एलर्जी हो सकती है। केले में लैटेक्स नाम का तत्व होता है। ये शरीर में एलर्जी कर सकता है साथ ही शरीर के तापमान को भी बढ़ा सकता है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान इसके सेवन से बचना चाहिए।प्रेग्नेंसी में तरबूज भी नहीं खाना चाहिए। तरबूज का अधिक सेवन शुगर लेवल को बढ़ा सकता है जिससे महिला और बच्चे दोनों की सेहत पर खराब असर पड़ सकता है। इसलिए इसे खाने से बचना ही ठीक है।रिद्धिमानसाहामामलेनेपकड़ातूलअबICAनेकहदीये​बड़ीबातIPL 2022 : दिनेश कार्तिक के फैन हुए आरसीबी के कप्तान फाफ डुप्लेसी, तारीफ में कह दी यह बात******Highlightsकोलकाता नाइट राइडर्स को कम स्कोर वाले मैच में तीन विकेट से हराने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के कप्तान फाफ डु प्लेसी ने कहा कि आखिरी ओवरों में दिनेश कार्तिक का अनुभव उनकी टीम के काम आया। आरसीबी को जीत के लिये 129 रन के लक्ष्य के जवाब में आखिरी ओवर में सात रन चाहिये थे। कार्तिक ने पहली दो गेंद पर छक्का और चौका जड़कर टीम को जीत तक पहुंचाया।डु प्लेसी ने कहा ,‘‘ यह अच्छी जीत थी। छोटे स्कोर का पीछा करते समय सकारात्मक सोच के साथ उतरना चाहिये और इतने आखिर तक मैच नहीं जाना चाहिये था लेकिन उनके गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया।’’उन्होंने कहा ,‘‘ इस विकेट पर आज काफी सीम और उछाल थी। दो तीन दिन पहले यहां 200 बनाम 200 था लेकिन आज 120 बनाम 120। हमें बेहतर ढंग से जीतना चाहिये था लेकिन जीत तो फिर जीत है।’’उन्होंने कहा ,‘‘ आखिर में डीके (कार्तिक) का अनुभव काम आया। वह आखिरी पांच ओवर में इतना शांतचित्त था जैसे महेंद्र सिंह धेानी रहते हैं।’’

रिद्धिमानसाहामामलेनेपकड़ातूलअबICAनेकहदीये​बड़ीबातजलियांवाला बाग नरसंहार के हुए 100 साल: बॉलीवुड ने इन फिल्मों के जरिए दी इस नरसंहार को श्रृद्धांजलि****** देश की आजादी के इतिहास में 13 अप्रैल का दिन एक दुखद घटना के साथ दर्ज है। वो साल था 1919 और तारीख थी 13 अप्रैल, जब में एक शांतिपूर्ण सभा के लिए जमा हुए हजारों भारतीयों पर अंग्रेज हुक्मरान ने अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं। पंजाब राज्य के अमृतसर जिले में ऐतिहासिक स्वर्ण मंदिर के नजदीक जलियांवाला बाग नाम के इस बगीचे में अंग्रेजों की गोलीबारी से घबराई बहुत सी औरतें अपने बच्चों को लेकर जान बचाने के लिए कुएं में कूद गईं। निकास का रास्ता संकरा होने के कारण बहुत से लोग भगदड़ में कुचले गए और हजारों लोग गोलियों की चपेट में आए।डायर की करतूत से भले ही इंग्लैंड आज शर्मिंदा है लेकिन भारतीयों के मन में उसके लिए नफरत आज भी जिंदा है। इस नफरत की जुबां बन गई। इसीकारण इस दर्दनाक घटना को लेकर कई फिल्में बनी है। जो कि हमारे जहन में उन दिन की घटना का सीन बिल्कुल सामने रख देती है।कई निर्देशकों ने इस नरसंहार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इसपर फिल्में बनाई है। जिस पर इस मनहूस दिन के बारें में फिल्माया गया है।साल 1977 में बनी यह बॉलीवुड फिल्म पूरी जलियावाला बाग कांड में बनी हुई है। इस फिल्म में विनोद खन्ना, गुलजार, शबाना आजमी, बलराज साहनी जैसे स्टार्स है। यह फिल्म उधम सिंह की बायोपिक का एक भाग है। जहां बलराज साबनी ने उधम सिंह का किरदार निभाया था। ये फिल्म इंटनेट पर साल 2016 में आईं थी।Richard Attenborough’s की फिल्म गांधी साल 1982 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में जनरल डायर का किरदार Edward Fox ने निभाया था। फिल्म मॉन्टैग कमीशन द्वारा नरसंहार और उसके बाद की जांच के सटीक विवरण के बारें में दिखाती है।इस फिल्म के निर्देशक राजकुमार संतोषी है। 'द लिजेंट ऑफ भगत सिंह' में भगत सिंह का किरदार अजय देवगन ने निभाया था। ये फिल्म भगत सिंह की लाइफ में बनी हुई है। जो कि जलिया वाला बाग का एक गवाह थे जिन्होंने आगे चलकर ब्रिटिश सरकार को भारत से भगाकर 'आजाद भारत' बनाने की कोशिश की थी। इस फिल्म का गाना 'रंग दे बसंती चोला' काफी फेमस है।)साल 2006 में बनी इस फिल्म में आखिर खान नजर आएं थे। इस फिल्म का निर्देशन ओमप्रकाश मेहरा ने किया था। इस फिल्म में आमिर खान के अलावा सरमन जोशी, सिद्धार्थ नारायण, कुणाल कपूर और अतुल कुलकर्णी थी। जो कि स्वतंत्रता सेनानी आजाद, भगत सिंह, राजगुरु, अशफाक अब्दुल्ला खान और राम प्रसाद बिस्मिल का किरदार निभाया था। फिल्म के एक हिस्से में जलियांवाला बाग नरसंहार को काले और सफेद अनुक्रम में दिखाया गया है। जिसका असर स्वतंत्रता सेनानियों पर पड़ा था।इस फिल्म में अनुष्का शर्मा, दलजीत दोसांझ, सुरज शर्मा जैसे स्टार्स से किरदरा निभाया है। इसमें अनुष्का शर्मा एक भूत का किरदार निभा रही हैं। यह फिल्म जलियांवाला बाग नरसंहार से संबंधित है। अनुष्का का मुख्य किरदार है। जिसमें वह 'शशि' नाम से है। इस फिल्म में शशि की आत्मा को शांति नहीं मिल सकती क्योंकि उसके प्रेमी ने नरसंहार में अमृतसर में अपना जीवन खो दिया और अपनी शादी के लिए अपने गांव लौटने में असमर्थ हुआ।रिद्धिमानसाहामामलेनेपकड़ातूलअबICAनेकहदीये​बड़ीबातPunjabi Song 2021 PHONE: इंदर दोसांझ का नया पंजाबी गाना 'फोन' हो रहा है वायरल******पंजाबी गायक इंदर दोसांझ ने हाल में अपना एक नया गाना 'फोन' लॉन्च किया है जो लोगो को बेहद पसंद आ रहा है। इंदर दोसांझ ने बताया कि हाल ही रिलीज हुआ 'फोन' गाना लोगों को काफी पसंद आया, इससे पहले भी वो 6 से 7 गाने आ चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि उनके दो गानों की शूटिंग पहले ही पूरी हो चुकी है और इसके अतिरिक्त भी वे कई अन्य गानों पर काम कर रहे हैं जो बेहद बेहतरीन है और जनता को खूब पसंद आएंगे।अपने बारे में बताते हुए इंदर दोसांझ बताते है कि 2015 में उनका पहला गाना आया था लेकिन वे सिंगिंग उससे भी पहले से कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने स्कूल टाइम से ही सिंगिंग की शुरुआत कर दी थी और तभी से उनके म्यूजिक करियर की भी शुरुआत हो गई थी।इंदर दोसांझ बताते है उनसे पहले उनके परिवार में कोई भी सिंगर नहीं रहा है इसकी शुरुआत उन्होंने खुद की है। लेकिन म्यूजिक की दुनिया के उनके इस सफर में उनके पिता ने शुरु से ही उन्हें काफी सपोर्ट किया था और आज उन्ही की बदौलत वे इस मुकाम पर है और उन्हे इस तरह तरक्की की राह पर बढ़ता देख उनके पिता को आज बेहद गर्व होता है।इंदर दोसांझ का कहना है कि यू तो वे म्यूजिक इंडस्ट्री में किसी एक सिंगर को अपना आइडल नहीं मानते लेकिन वे सभी से प्रेरणा जरूर लेते है ताकि वे खुद को और बेहतर बना सके। वहीं उनका कहना ये भी है कि यदि उन्हें भविष्य में कभी मौका मिलता है तो वे हनी सिंह के साथ काम करना जरूर पसंद करेगे।इंदर दोसांज ने वर्तमान में चल चल रही महामारी के बारे में बात करते हुए बताया कि एक सिंगर की कमाई का मुख्य जरिया उनके लाइव शो होते हैं जिन पर फिलहाल प्रतिबंध लगा हुआ है तो इस महामारी का उन पर और अन्य सिंगर के लाइव शो पर भी खासा असर पड़ा है लेकिन वे आशा करते है कि सब कुछ जल्द ही पहले जैसा हो जाएगा।इंदर दोसांझ ने अपने फैंस और चाहने वालो को संदेश देते हुए कहा कि ये समय सभी के लिए मुश्किल है लेकिन ऐसे में जब हम सभी अपने घर पर है तो हमें इस परिस्थिति की नकारात्मक चीजों को नजरअंदाज करते हुए केवल सकारात्मक चीजें पर ध्यान देना चाहिए इस समय हमें ज्यादा से ज्यादा अपनी फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करना चाहिए।

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