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Biden on Gun Control: गोलीबारी की घटनाओं से बाइडन बेचैन, बोले- 'बहुत हुआ, अब हथियारों पर लगाएंगे प्रतिबंध', जानिए और क्या कहा?
रिलीज़ की तारीख:2022-10-08 03:25:51
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गोलीबारीकीघटनाओंसेबाइडनबेचैनबोलेबहुतहुआअबहथियारोंपरलगाएंगेप्रतिबंधजानिएऔरक्याकहाT20 World Cup 2022 : जानिए कब होगा टीम इंडिया का ऐलान!******Highlightsअभी एशिया कप 2022 चल रहा है। एशिया की सभी टीमें इस कप को जीतने के लिए जीजान से लगी हुई हैं। एशिया कप को टी20 विश्व कप 2022 की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। इस साल अक्टूबर से लेकर नवंबर तक टी20 विश्व कप ऑस्ट्रेलिया में होना है। एशिया कप के बाद और टी20 विश्व कप से पहले टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका से भी सीरीज खेलनी है, लेकिन इससे पहले सभी की नजर टी20 विश्व कप 2022 के लिए टीम इंडिया के ऐलान पर है। विश्व कप के लिए टीम इंडिया का ऐलान कब किया जाएगा और वे कौन कौन से खिलाड़ी होंगे, जो इस बार विश्व कप 2022 में खेलते हुए नजर आएंगे।27 अगस्त से शुरू हुए एशिया कप का फाइनल मुकाबला 11 सितंबर को खेला जाएगा। टी20 विश्व कप भले अक्टूबर में खेला जाने वाला हो, लेकिन इसके लिए सभी टीमों का ऐलान सितंबर में ही कर दिया जाएगा। माना जा रहा है कि भारतीय टीम का ऐलान एशिया कप 2022 के फाइनल मुकाबले के तुरंत बाद किया जाएगा। कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय सेलेक्टर्स की एक मीटिंग 15 सितंबर को होनी है, जिसमें विश्व कप के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया जा सकता हैै। तब तक एशिया कप खत्म हो चुका होगा और जो भारतीय खिलाड़ी चोटिल होने के कारण एशिया कप से बाहर हैं, उनका भी अपडेट सामने आ जाएगा। इसके बाद 20 सितंबर से भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन टी20 मैचों की सीरीज होनी है। यानी ये संभावना है कि टी20 विश्व कप और ऑस्ट्रेलिया सीरीज के लिए एक साथ भारतीय टीम का ऐलान किया जा सकता है।एशिया कप 2022 के बाद टीम इंडिया को रेस्ट करने के लिए कुछ दिन का समय मिलेगा। 20 सितंबर से भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन टी20 मैचों की सीरीज खेली जाएगी। इसका पहला मैच 20 सितंबर को मोहाली में होगा, इसके बाद 23 सितंबर को नागपुर में दूसरा मैच होगा, तीसरा और आखिरी मैच 25 सितंबर को हैदराबाद में खेला जाना है। ये सीरीज खत्म होने के बाद दक्षिण अफ्रीकी टीम भारत दौरे पर आएगी, इसका पहला मैच 28 सितंबर को तिरुवनंतपुर में होगा, सीरीज का दूसरा मैच दो अक्टूबर को गुवाहटी में खेला जाएगा। इसके बाद तीसरा और आखिरी मैच चार अक्टूबर को इंदौर में होगा। इसके बाद तीन मैचों की वन डे सीरीज भी दक्षिण अफ्रीका से खेली जानी हैै। जिसके मैच लखनऊ, दिल्ली और रांची में खेले जाएंगे। हालांकि वन डे सीरीज में उन खिलाड़ियों को शामिल किया जा सकता है, जो टी20 विश्व कप वाली टीम में शामिल न हों।

गोलीबारीकीघटनाओंसेबाइडनबेचैनबोलेबहुतहुआअबहथियारोंपरलगाएंगेप्रतिबंधजानिएऔरक्याकहाUP Election 2022: मायावती ने दिया जीत का नया नारा, उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट की जारी******Highlights बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने आज अपनी पार्टी के लिए नया जीत का नारा दिया है। शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मायावती ने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों की सूची जारी की है। दूसरे चरण में होने वाले मतदान के लिए बहुजन समाज पार्टी ने 51 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है।बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा, हर पोलिंग बूथ को जिताना है, बसपा को सत्ता में लाना है का नारा दिया। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि बसपा कार्यकर्ता पार्टी को 2007 की तरह सत्ता में लाने में पूरी क्षमता से कार्य करेगा। साथ ही मायावती ने बसपा के राज्य मुख्यालय में सूची जारी करने के दौरान बसपा के सभी नेता तथा कार्यकतार्ओं से कोविड गाइडलाइन का पालन कर प्रचार करने की अपील भी की। बसपा प्रमुख ने दूसरे चरण की 55 में से 51 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। बचे हुए 4 उम्मीदवारों के नाम भी जल्द घोषित किए जाएंगे।बेहट से रईस मलिक और नकुड़ से साहिल खान, सहारनपुर से अजब सिंह, सहारनपुर नगर से मनीष अरोड़ा, गंगोह से नोमान मसूद, देवबंद से चौधरी राजेंद्र सिंह, रामपुर मनिहारन से रविंद्र कुमार, नगीना से ब्रजपाल सिंह, नजीबाबाद से शहनवाज आलम, बढ़ापुर से मोहम्मद गाजी, धामपुर से कमाल अहमद, नहटौर से प्रिया सिंह, बिजनौर से रूचिवीरा, चांदपुर से शकील हाशमी, नूरपुर से जियाऊद्दीन अंसारी, कांठ से अफाक अली खां, ठाकुरद्वारा से मुजाहिद अली, मुरादाबाद देहात से अकील चैधरी, मुरादाबाद नगर से इरशाद हुसैन सैफी, कुंदरकी हाजी चांदबाबू बिलारी से अनिल चौधरी, चंदौसी से रणविजय सिंह असमौली से रफातउल्ला, संभल से शकील अहमद कुरैशी, गुन्नौर से फिरोज, स्वार से शंकर लाल सैनी प्रत्याशी, चमरौवा से मुस्तफा हुसैन, बिलासपुर से राम अवतार कश्यप को उम्मींदवार बनाया है।रामपुर से सदाकत हुसैन, मिलक से सुरेंद्र सिंह नागर, धनौरा से हरपाल सिंह, नौगावां सादात सादाब खां, अमरोहा से नवैदा अयाज, हसनपुर से फिरेराम उर्फ फिरे गुर्जर, बिसौली जयपाल सिंह, सहसवान हाजी विट्टन मुर्सरत, बिल्सी ममता शाक्य, बदायूं से राजेश कुमार सिंह, शेखूपुर से मुस्लिम खां, दातागंज से रचित गुप्ता, बहेड़ी से आसेराम गंगवार, मीरगंज से भानू प्रताप सिंह का नाम है।भोजीपुरा से योगेश पटेल, बिथरी चैनपुर से आशीष पटेल, बरेली कैंट अनील वाल्मीकि, आंवला लक्ष्मण प्रसाद लोधी उम्मींदवार बनाए गये हैं। कटरा से राजेश कश्यप, जलालाबाद से अनिरूद्ध यादव, तिलहर नवाब फैजान अली खां, पुवायां उदयवीर सिंह जाटव शाहजहांपुर से सर्वेश चंद्र धांधू मिश्रा को बसपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है।गोलीबारीकीघटनाओंसेबाइडनबेचैनबोलेबहुतहुआअबहथियारोंपरलगाएंगेप्रतिबंधजानिएऔरक्याकहाAsia Cup 2022, IND vs SL: टीम इंडिया के लिए 'करो या मरो' का मुकाबला, आसान नहीं होगी श्रीलंकाई चुनौती******Highlightsभारतीय टीम जब मंगलवार को एशिया कप 2022 में सुपर-4 का अपना दूसरा मुकाबला खेलने उतरेगी, तो उसके जहन में यहां हर हाल में जीत दर्ज करने का इरादा जरूर होगा। ‘करो या मरो’ के ‘सुपर फोर’ मुकाबले में भारत के सामने श्रीलंकाई चुनौती होगी। रोहित शर्मा को यहां अपने गेंदबाजों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की जरूरत होगी जबकि उन्हें ज्यादा प्रयोग से भी बचना होगा। चोटिल रविंद्र जडेजा, हर्षल पटेल और जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में भारत के पास गेंदबाजी विभाग में खिलाने के लिए ज्यादा विकल्प मौजूद नहीं हैं।रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ पांच गेंदबाजी विकल्प के साथ भारत खेला था और यह फैसला टीम के पक्ष में नहीं रहा। ऐसा इसलिए क्योंकि भुवनेश्वर कुमार का दिन अच्छा नहीं था। पाकिस्तान के खिलाफ शुरूआती मैच में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले भुवनेश्वर और हार्दिक पांड्या काफी मंहगे साबित हुए और ऐसा ही युजवेंद्र चहल के साथ भी हुआ जो टूर्नामेंट में अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं नजर आ रहे हैं। पांच गेंदबाजों की ‘थ्योरी’ में हार्दिक के चार ओवर काफी अहम हो जाते हैं। अक्षर पटेल को टीम में संतुलन प्रदान करने के लिए अंतिम एकादश में शामिल किया जा सकता है जिन्हें जडेजा की जगह मेन स्क्वॉड में जगह मिली है।आवेश खान पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले बुखार से पीड़ित थे, वह तीसरे विशेषज्ञ तेज गेंदबाज के तौर पर टीम में वापसी कर सकते हैं। वहीं अगर वह फिट नहीं होते हैं तो स्टैंडबाय में मौजूद दीपक चाहर की ओर टीम देख सकती है। हेड कोच राहुल द्रविड़ ने जोर दिया था कि भारत विश्व कप से पहले अपनी सर्वश्रेष्ठ अंतिम एकादश के साथ खेलने की कोशिश करेगा लेकिन रोहित शर्मा की अगुआई वाली टीम का प्रयोग करना जारी है। टीम में ‘ऋषभ पंत बनाम दिनेश कार्तिक’ बहस जारी है जिससे टीम प्रबंधन ने तमिलनाडु के विकेटकीपर बल्लेबाज की जगह दीपक हुड्डा को खिलाया। जबकि कार्तिक को हालांकि पहले दो मैचों में बमुश्किल से बल्लेबाजी का मौका मिला।इस समय जहां गेंदबाजी के विकल्फ टीम के पास काफी नहीं हैं, वहीं भारत को अपने मध्यक्रम के बारे में भी फैसला करने की जरूरत है। पाकिस्तान के खिलाफ मैच से सकारात्मक चीज यह रही कि शीर्ष क्रम ने शानदार प्रदर्शन किया। रोहित, केएल राहुल और विराट कोहली इन तीनों ने काफी आक्रामकता दिखाई और भारत को तेज शुरूआत मिली। कोहली के लगातार दूसरे अर्धशतक से टीम मैनेजमेंट और फैंस के लिए एक राहत भरी खबर आई। वह भले ही अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं हों लेकिन रविवार को उन्होंने संकेत दिया कि वह इस ओर बढ़ रहे हैं।श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में कोहली और दोनों सलामी बल्लेबाजों से पहली ही गेंद से तेज तर्रार बल्लेबाजी की उम्मीद होगी। बांग्लादेश और अफगानिस्तान के खिलाफ दो करीबी जीत दर्ज करने के बाद पहला मैच 8 विकेट से हारने वाली श्रीलंका की गाड़ी अब पटरी पर लौट आई है। तीसरे नंबर के बल्लेबाज चरित असालंका को छोड़कर श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने प्रभाव डाला है जिसमें बांग्लादेश के खिलाफ कप्तान दासुन शनाका और कुसल मेंडिस तथा अफगानिस्तान के खिलाफ धनुष्का गुनातिलका और भानुका राजपक्षे शामिल हैं।कोच क्रिस सिल्वरवुड की टीम अब राहत की सांस ले सकती है कि वह किसी भी हालात में जीत हासिल कर सकती है। इसलिए भारत को श्रीलंका से सतर्क रहना होगा क्योंकि एक और हार उसे फाइनल की दौड़ से बाहर कर सकती है। शनाका ने अफगानिस्तान के खिलाफ शानदार ओवर के बाद कहा था, ‘‘ड्रेसिंग रूम में यही जज्बा बना हुआ है। हमें लगता है कि हम बतौर टीम इस तरह के विकेट पर किसी भी लक्ष्य का पीछा कर सकते हैं। लक्ष्य का पीछा करते हुए हमें स्पष्ट पता होता कि विकेट किस तरह बर्ताव करेगा।’’: रोहित शर्मा (कप्तान), केएल राहुल, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), दीपक हुड्डा, हार्दिक पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, रवि बिश्नोई, युजवेंद्र चहल, अर्शदीप सिंह, दिनेश कार्तिक, आवेश खान, अक्षर पटेल और रविचंद्रन अश्विन।: दासुन शनाका (कप्तान), धनुष्का गुनातिलका, पाथुम निसांका, कुसल मेंडिस, चरित असलंका, भानुका राजपक्षे, आशेन बंडारा, धनंजय डि सिल्वा, वानिन्दु हसरंगा, महेश तीक्ष्णा , जेफ्रे वांडरसे, प्रवीण जयविक्रमा, चमिका करुणारत्ने, दिलशान पाथिराना, नुवानिंदु फर्नांडो और दिनेश चांदीमल।

Biden on Gun Control: गोलीबारी की घटनाओं से बाइडन बेचैन, बोले- 'बहुत हुआ, अब हथियारों पर लगाएंगे प्रतिबंध', जानिए और क्या कहा?

गोलीबारीकीघटनाओंसेबाइडनबेचैनबोलेबहुतहुआअबहथियारोंपरलगाएंगेप्रतिबंधजानिएऔरक्याकहाUttar Pradesh Tourism: गोरखपुर को योगी सरकार का तोहफा, यूपी के पहले स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट की होगी स्थापना******Highlightsउत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने रविवार को कहा की कि राज्‍य सरकार ने गोरखपुर में एक होटल प्रबंधन संस्‍थान की स्‍थापना करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने राज्य में ‘ईको टूरिज्म’ की असीम संभावनाओं को आकार देने के लिए ‘ईको टूरिज्म बोर्ड’ के गठन का भी निर्देश दिया है। मुख्‍यमंत्री ने पर्यटन विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाओं को देखते हुए राज्‍य सरकार ने गोरखपुर में छह एकड़ के विशाल परिसर में ‘स्टेट होटल प्रबंधन संस्थान’ की स्थापना का निर्णय लिया है। इसके लिए भूमि का चयन किया जा चुका है। उन्‍होंने संस्थान की स्थापना के सम्बन्ध में कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए।राज्य में ‘ईको टूरिज्म बोर्ड’ का गठन होगायोगी ने कहा कि ‘ईको टूरिज्म’ को गति देने के लिए पर्यटन, सिंचाई, वन, आयुष और ग्राम्य विकास जैसे विभागों को एकजुट होकर प्रयास करना होगा और इसके लिए राज्य में ‘ईको टूरिज्म बोर्ड’ का गठन किया जाना उचित होगा। उन्होंने बोर्ड में संबंधित विभागों के मंत्री, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, महानिदेशक/निदेशक के साथ-साथ विशेषज्ञों को भी स्थान दिए जाने की बात कही और कहा कि पर्यटन विभाग को इसका नोडल विभाग बनाया जाना चाहिए। उन्होंने बोर्ड में भारतीय वन सेवा के योग्य अधिकारी को भी स्थान देने और बोर्ड गठन की कार्यवाही यथाशीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया।चौरी-चौरा के इतिहास का चित्रण कर नई पीढ़ियों को परिचय करवाया जाएगायोगी ने कहा कि समन्वित प्रयासों से आज उत्तर प्रदेश ‘नेचर, कल्चर और एडवेंचर’ का संगम बन रहा है। एक आकलन के अनुसार, छुट्टियों पर आने वाले पर्यटकों में से 35 प्रतिशत पर्यटकों द्वारा ‘ईको-हॉलिडे’ बुक करने की संभावना अधिक होती है, जिससे ‘ग्लोबल ईको टूरिज्म’ को बढ़ावा मिलता है। रविवार को जारी एक सरकारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय स्वाधीनता आंदोलन को नवीन दिशा देने वाले चौरी-चौरा (गोरखपुर) जन आंदोलन की पुण्य भूमि के समग्र विकास के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। यहां शहीद हुए सेनानियों के चित्र/प्रतिमा की स्थापना की जाए। सभी 75 जिलों के ओडीओपी (एक जिला-एक उत्‍पाद) उत्पादों के स्थायी स्टॉल भी यहां स्थापित किये जायें। योगी ने कहा कि भित्ति चित्रों के माध्यम से इस क्षेत्र को और आकर्षक बनाया जाए। इन प्रयासों से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का सृजन भी होगा और नयी पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित भी हो सकेगी।नयी पीढ़ी को गौरवशाली परंपरा से परिचित कराने के लिए गौरव संग्रहालय की स्थापना की जाएगीगौरतलब है कि मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ गोरखपुर की प्रसिद्ध गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर हैं और गोरखपुर संसदीय क्षेत्र से पांच बार लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। हाल के विधानसभा चुनाव में योगी गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए हैं। योगी ने कहा कि रामायण तथा बौद्ध परिपथ के हृदय स्थल पर अवस्थित गोरखपुर का इतिहास गौरवशाली रहा है, यहां की विशिष्ट गौरवशाली परंपरा है। नयी पीढ़ी को इस गौरवशाली परंपरा से परिचित कराने के लिए यहां गौरव संग्रहालय की स्थापना यथाशीघ्र करायी जाए। उन्‍होंने नाथ पंथ, बौद्ध धर्म, जैन सम्प्रदाय की विविधताओं एवं परम्पराओं को यहां दर्शाये जाने पर जोर दिया।गोरखपुर के इतिहास को गौरव संग्रहालय में दिखाया जाएगामुख्यमंत्री ने कहा कि गौरव संग्रहालय में गोरखपुर का इतिहास, आजादी की लड़ाई में गोरखपुर का योगदान, गोरखपुर के विकास में नाथ पंथ की भूमिका, गोरखनाथ मंदिर का खिचड़ी मेला, गोरखपुर और आस-पास के क्षेत्र के प्रमुख त्योहार और उन्हें मनाने की विशिष्ट परंपरा, गोरखपुर का समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास, प्राचीन धरोहर, क्षेत्रीय कलाकृतियां आदि की जानकारी प्रदर्शनी और डिजिटल दोनों माध्यमों से दी जाए। गोरखपुर का गौरव दिखाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग किया जाए। योगी ने अमेठी जिले में बाबा गोरखनाथ की तपोस्थली और उनके अनन्य भक्त मलिक मोहम्मद जायसी की जन्मभूमि जायस का सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास किये जाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद प्रयागराज में गंगा नदी पर ओल्ड कर्जन ब्रिज को गंगा गैलरी/हेरिटेज पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। उन्‍होंने कहा कि 88,000 ऋषियों की तपोस्थली नैमिषारण्य (सीतापुर) के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। यह हमारे वैदिक मंथन का अहम केंद्र है।गोलीबारीकीघटनाओंसेबाइडनबेचैनबोलेबहुतहुआअबहथियारोंपरलगाएंगेप्रतिबंधजानिएऔरक्याकहाJasprit Bumrah: 'T20 वर्ल्ड कप में बुमराह पैरों की उंगलियां तोड़ेगा’, महामुकाबले से पहले डरा 'पाकिस्तान'******Highlights भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में जोरदार वापसी की। लगभग तीन महीने के बाद मैदान पर कमबैक करते हुए बुमराह ने अपनी गेंदबाजी से कंगारू बल्लेबाजों के साथ-साथ पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में भी दहशत पैदा कर दी। हालांकि नागपुर में हुए 8-8 ओवर के मैच में बुमराह ने 2 ओवर के निर्धारित कोटे में 23 रन दिए, लेकिन जिस तरह से उन्होंने कंगारू कप्तान ऐरन फिंच को पवेलियन भेजा वो उनके स्पेल का हाईलाइट था। बुमराह ने 31 रन पर खेल रहे फिंच को अपनी यॉर्कर जैसी फुलटॉस पर क्लीन बोल्ड कर दिया। ये इस मैच की सबसे खूबसूरत गेंद थी जिसके लिए सबने तालियां बजाई। यहां तक कि खुद फिंच भी खुद को इस गेंद की सराहना करने से रोक नहीं सके। इसके बाद बुमराह ने स्टीव स्मिथ के खिलाफ भी शानदार यॉर्कर डाले।बुमराह के इस प्रदर्शन ने पूर्व पाकिस्तानी स्पिनर दानिश कनेरिया को खासा प्रभावित किया। उन्होंने फिंच को आउट करने वाली डिलीवरी का खास तौर पर जिक्र किया। बैक इंजरी के बाद कमबैक कर रहे जसप्रीत बुमराह की तारीफ में कनेरिया ने अपने यूट्यूब चैनल पर खूब कसीदे पढ़े। उन्होंने कहा कि भारतीय तेज गेंदबाज जिस तरह से गेंदबाजी कर रहे हैं वे अगले महीने शुरू हो रहे टी20 वर्ल्ड कप में बल्लेबाजों के पैर की उंगलियां तोड़ सकते हैं।दानिश कनेरिया ने कहा, “जसप्रीत बुमराह ट्रैक पर वापस लौट चुके हैं। विरोधी टीमों को सावधान रहना चाहिए क्योंकि वह शानदार लय में दिख रहे हैं। हालांकि उन्होंने वाइड के साथ शुरुआत की पर यह 140 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से निकली। इसके बाद उन्होंने ऐरन फिंच को आउट करने के लिए एक शानदार यॉर्कर फेंकी।”कनेरिया ने आगे कहा, “यहां तक कि फिंच भी डिलीवरी की सराहना करने से खुद को रोक नहीं सके। चोट के बाद वापसी करना कभी आसान नहीं होता है। उन्होंने दबाव में एक शानदार स्पेल फेंका। वह टी 20 वर्ल्ड कप में बल्लेबाजों के पैर की उंगलियों को तोड़ने जा रहे हैं।” ऑस्ट्रेलिया ने नागपुर में हुए इस मुकाबले में भारत के सामने 8 ओवर में 91 रन का लक्ष्य रखा था जिसे रोहित शर्मा की ताबड़तोड़ पारी के दम पर मेजबानों ने 6 विकेट से जीत दर्जकर सीरीज में 1-1 की बराबरी हासिल कर ली। अब बारी तीसरे और निर्णायक मैच की है जिसमें फिंच एंड कंपनी बुमराह के खिलाफ सावधान रहने की पूरी कोशिश करेगी। क्या पता विकेट की जगह पैरों की उंगलियां ही न टूट जाए!गोलीबारीकीघटनाओंसेबाइडनबेचैनबोलेबहुतहुआअबहथियारोंपरलगाएंगेप्रतिबंधजानिएऔरक्याकहाThe Kapil Sharma Show: चंदू ने छोड़ा कपिल शर्मा का साथ, बनेंगे दूसरे शो का हिस्सा?****** कॉमेडी शो 'द कपिल शर्मा शो' (The Kapil Sharma Show) एक बार फिर टीवी पर वापसी करने जा रहा है। लेकिन इस खुशखबरी के साथ एक ऐसी खबर भी है जिसे लोगों को थोड़ा निराश किया है।'द कपिल शर्मा शो' (The Kapil Sharma Show) में इस बार कई नए किरदार देखने को मिलने वाले हैं। वहीं शो के इस सीजन में कृष्णा अभिषेक नजर नहीं आने वाले हैं। अब इस लिस्ट में चंदू का किरदार निभाने वाले चंदन प्रभाकर (Chandan Prabhakar) भी शामिल हो गए हैं। बता दें 'द कपिल शर्मा शो'ने कंफर्म कर दिया है कि नए सीजन में चंदन प्रभाकर भी नजर नहीं आएंगे। चंदन और कपिल कई सालों से साथ में काम करते आ रहे हैं।एक इंटरव्यू में चंदन ने कहा- 'मैं 'द कपिल शर्मा शो'के इस सीजन का हिस्सा नहीं होने वाला हूं और इसके पीछे कोई खास वजह नहीं है। मैं बस ब्रेक लेना चाहता हूं'।बता दें इस शो में चंदन प्रभाकर अलग-अलग किरदार में लोगों का मन मन बहलाते थे। वह शो में हवलदार हरपाल सिंह, झंडा सिंह, राजू और चंदू चायवाला का किरदार निभाते थे। चंदन के शो छोड़ने के बाद फैंस काफी दुखी हैं। साथ ही लोगों का सोचना है कि पैसों के कारण या कपिल से लड़ाई के कारण चंदू शो का हिस्सा नहीं बन रहे हैं।इस बार कृष्णा अभिषेक और भारती सिंह (Bharti Singh) शो में नजर नहीं आने वाले हैं। अब भारती सिंह ने खुद इस बात का खुलासा किया है कि वह शो को क्यों छोड़ रही हैं। भारती ने अपने फैंस को खुश करने के लिए यह भी बता दिया है कि वह शो में कभी-कभी नजर आ सकती हैं। उन्होंने कहा, 'मैं अब एक मां भी हूं, इसलिए आप मुझे हर शो में देखने की आदत मत डालिए, लेकिन बीच-बीच में आप मुझे देखते रहेंगे।'

Biden on Gun Control: गोलीबारी की घटनाओं से बाइडन बेचैन, बोले- 'बहुत हुआ, अब हथियारों पर लगाएंगे प्रतिबंध', जानिए और क्या कहा?

गोलीबारीकीघटनाओंसेबाइडनबेचैनबोलेबहुतहुआअबहथियारोंपरलगाएंगेप्रतिबंधजानिएऔरक्याकहाUNSC membership: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार पर सभी सहमत, फिर भी क्यों नहीं हो पा रहा फैसला?******Highlightsवैसे तो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार पर लगभग सभी देश सहमत हैं, लेकिन सवल यह है कि इसके बावजूद अब तक इस पर कोई फैसला क्यों नहीं हो पा रहा है। संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के करीब आठ दशक बीत चुके हैं। लगभग सभी प्रमुख देश इस बात पर सहमत हैं कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का विस्तार किए जाने की आवश्यकता है और इसे अधिक समावेशी बनाया जाए। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि शक्तिशाली सुरक्षा परिषद का विस्तार कैसे होगा? इसके लिए यूएनएसी के सदस्य आगे क्यों नहीं बढ़ रहे हैंद्वितीय विश्व युद्ध के खत्म होने पर प्रमुख शक्तियों के रूप में उभरे पांच देशों का संयुक्त राष्ट्र और इसकी सबसे अहम संस्था यानी सुरक्षा परिषद पर प्रभुत्व है। करीब चार दशक से कई देशों की मांग है कि उन्हें भी सुरक्षा परिषद में शामिल किया जाए और यह 21वीं सदी के परिवर्तित विश्व का प्रदर्शन करे। इसके बावजूद परिषद अभी तक अपने मौजूद स्वरूप में ही कायम है। परिषद यूक्रेन पर रूस के हमले को लेकर कुछ नहीं कर पाई है, इस महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा में विश्व नेताओं ने इसे रेखांकित किया। राष्ट्रीय हितों और क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्विता के कारण, संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों ने सुरक्षा परिषद में विस्तार नहीं होने दिया जिसके पास अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने का दायित्व है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जब संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की गई थी तो उसके चार्टर के शुरुआती शब्द थे, “ आगे आने वाली पीढ़ियों को युद्ध के दंश से बचाना है।80 साल बाद भी नहीं हुआ सुधारसुधार की वकालत करने वालों ने कहा है कि परिषद में सुधार करके इसमें और सदस्यों को शामिल करना चाहिए। किंतु असहमति इस बात को लेकर है कि परिषद को फिर से गठित करने पर शक्तियों का आकार और संरचना कैसी होगी। इस वजह से संयुक्त राष्ट्र राजनयिकों की कई पीढ़ियां यह सवाल पूछती रही हैं कि क्या परिषद में कभी बदलाव हो पाएंगे भी या नहीं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने 2020 में कहा था, “ सात दशक से अधिक समय पहले शीर्ष पर आए राष्ट्रों ने अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में शक्ति संबंधों को बदलने के लिए जरूरी सुधारों पर विचार करने से इनकार कर दिया है।” उन्होंने कहा था, “ असमानता शीर्ष-वैश्विक संस्थानों में शुरू होती है। असमानता को दूर करने के लिए उनमें सुधार करने चाहिए। लेकिन यह अब तक नहीं हुआ है। सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य होते हैं। इनमें से 10 अस्थायी और पांच स्थायी सदस्य होते हैं। अस्थायी सदस्यों को दुनिया के सभी क्षेत्रों से दो-दो साल के कार्यकाल के लिए उनका चुनाव किया जाता है और इनके पास वीटो की शक्ति नहीं होती है।पांच देशों के पास है वीटो पॉवरयूएनएससी में वीटो की शक्ति से लैस पांच सदस्य अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस हैं। रूस ने कहा था कि यूक्रेन में जंग को लेकर सुरक्षा परिषद अगर कोई कार्रवाई करेगी तो वह वीटो का इस्तेमाल करेगा। सुरक्षा परिषद में पांच में से कोई सदस्य किसी प्रस्ताव पर वीटो का इस्तेमाल कर देता है तो परिषद उस प्रस्ताव को पारित नहीं कर सकती है। इस बात की झलक महासभा में विश्व नेताओं के बयानों में भी दिखी। सबसे ज्यादा अप्रसन्न अफ्रीका, लातिन अमेरिका और कैरिबियाई देशों की सरकारें दिखीं, क्योंकि उनके क्षेत्रों से कोई स्थायी सदस्य नहीं है। क्या यह बदलाव आ सकते हैं? अमेरिका राष्ट्रपति जो बाइडन का मानना है कि यह होना चाहिए। बाइडन ने पिछले सप्ताह महासभा में कहा, “ इस संस्था को और अधिक समावेशी बनने का समय आ गया है ताकि यह आज की दुनिया की जरूरतों के हिसाब से बेहतर प्रतिक्रिया दे सके।” उन्होंने स्थायी और अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया और अफ्रीका, लातिन अमेरिका तथा कैरिबियाई देशों के लिए स्थायी सदस्यता की पैरवी की। अभारत, जर्मनी, जापान और ब्राजील का दावा मजबूतमेरिका ने स्थायी सीट के लिए जर्मनी, जापान और भारत की दावेदारी का भी समर्थन किया। फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने कहा कि शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय सर्वसम्मति की जरूरत है। उन्होंने कहा, “ इसलिए मुझे उम्मीद है कि हम सुरक्षा परिषद में सुधार की प्रतिबद्धता ज़ाहिर कर सकते हैं ताकि इसमें और प्रतिनिधित्व हो, नए सदस्यों का स्वागत कर सकें तथा सामूहिक अपराधों में वीटो अधिकारों को समिति कर पूर्ण भूमिका निभाने के लिए सक्षम हों सकें।” रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने शनिवार को महासभा को संबोधित करते हुए अधिक लोकतांत्रिक परिषद की वकालत की जिसमें अफ्रीका, एशिया और लातिन अमेरिका का प्रतिनिधित्व हो और उसमें भारत तथा ब्राजील शामिल हों। बाद में संवाददाता सम्मेलन में, उन्होंने कहा कि जापान और जर्मनी जैसे "शत्रुतापूर्ण" पश्चिमी देशों को शामिल करने से परिषद में कुछ भी नया नहीं होगा। उनके मुताबिक, "वे सभी अमेरिका के आदेशों का पालन कर रहे हैं।" सुधार कैसे काम कर सकते हैं परिषद में सुधार करने की कोशिश 1979 में शुरू हुई थी।परिषद में 25 सदस्य रखे जाने की मांग2005 में विश्व नेताओं ने परिषद में अधिक व्यापक प्रतिनिधित्व, इसेप्रभावी और पारदर्शी बनाने का आह्वान किया था। उस साल महासभा ने परिषद में सदस्यता विस्तार के तीन प्रतिद्वंद्वी प्रस्तावों को स्थगित कर दिया था जो गहरे विभाजन को दर्शाता है और यह आज भी जारी है। जर्मनी, जापान, ब्राजील और भारत के प्रस्ताव में कहा गया था कि 25 सदस्यीय परिषद में उन्हें वीटो की शक्ति के बिना स्थायी सदस्यता दी जाए। दूसरे समूह जिसमें इटली और पाकिस्तान शामिल थे, ने कहा था कि 25 सदस्य परिषद में 10 नई अस्थायी सीटें हों। 55 सदस्यीय अफ्रीकी संघ चाहता है कि परिषद में 11 नई सीटें हों जिनमें से छह स्थायी हों और दो सीटें अफ्रीकी देशों को दी जाएं तथा उन्हें वीटो की शक्ति भी दी जाए और पांच अस्थायी सदस्य हों।गोलीबारीकीघटनाओंसेबाइडनबेचैनबोलेबहुतहुआअबहथियारोंपरलगाएंगेप्रतिबंधजानिएऔरक्याकहा'अंदरूनी तौर पर जर्जर हो चुकी है कांग्रेस', आनंद शर्मा के इस्तीफे पर बोले ज्योतिरादित्य सिंधिया******Highlights कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने हिमाचल प्रदेश की चुनाव संचालन समिति से इस्तीफा क्या दे दिया, अब राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज होने लगी है। आनंद शर्मा के इस्तीफे को लेकर केंद्रीय मंत्री ने इस विपक्षी दल के संगठन पर सोमवार को निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शर्मा का इस्तीफा बताता है कि कांग्रेस "अंदरूनी तौर पर जर्जर" हो चुकी है। शर्मा के इस्तीफे के बारे में प्रतिक्रिया मांगे जाने पर सिंधिया ने कहा, ‘‘मैं भाजपा का आम कार्यकर्ता हूं और कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर हम जितना भी कहें, वह कम होगा। यह (शर्मा का इस्तीफा) दर्शाता है कि कांग्रेस अंदरूनी तौर पर किस तरह जर्जर हो चुकी है।’’दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) द्वारा जंतर-मंतर पर बुलाई गई "महापंचायत" के सवाल का केंद्रीय मंत्री ने जवाब नहीं दिया और ‘‘बहुत धन्यवाद’’ कहते हुए संवाददाताओं से बातचीत तुरंत समाप्त कर दी। इस बीच, सिंधिया ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के इंदौर स्थित घर पहुंचकर उनसे और उनके परिवार से मुलाकात की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री के युवा बेटे महाआर्यमन भी उनके साथ थे।गौरतलब है कि सिंधिया और विजयवर्गीय मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भाजपा की सर्वोच्च नीति निर्धारक इकाई संसदीय बोर्ड से हटाए जाने के बाद पहली बार मिले थे और करीब 25 मिनट की इस भेंट के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। हालांकि, संवाददाताओं के सवाल पर सिंधिया ने इस भेंट को ‘‘पारिवारिक मुलाकात’’ करार दियावहीं, आपको बता दें कि शर्मा के इस्तीफे पर सियासी गलियारों में यह भी हलचल होने लगी है कि वे बीजेपी में आ सकते हैं। पिछले महीने आनंद शर्मा और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की मुलाकात भी हुई थी। तब भी यह लगा था कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा कहीं पार्टी तो नहीं बदल रहे हैं। हालांकि जेपी नड्डा ने इस बारे में कहा था कि इस बारे में कोई बातचीत नहीं हुई है। आनंद शर्मा ने भी साफ किया है कि वे बीजेपी जॉइन नहीं कर रहे हैं। वे कांग्रेस पार्टी के प्र​त्याशियों के लिए चुनाव प्रचार करते रहेंगे। हालांकि राजनीति में 'ना' का मतलब सिर्फ ना नहीं होता है। 'ना' कहने के भी कई मायने होते हैं।इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि आनंद शर्मा का कांग्रेस पार्टी की संचालन समिति पद से त्यागपत्र देना उनका निजी निर्णय है। मेरा उनसे एक मित्र के रूप में नाता रहा है। हम यूनिवर्सिटी में साथ में पढ़े हैं। जेपी नड्डा ने कहा कि हमने पार्टी जॉइन करने के बारे में कोई बात नहीं की। हम व्यक्तिगत रूप से एक दूसरे को जानते हैं। हमारे पास 'साझा संभावनाएं' हैं।

Biden on Gun Control: गोलीबारी की घटनाओं से बाइडन बेचैन, बोले- 'बहुत हुआ, अब हथियारों पर लगाएंगे प्रतिबंध', जानिए और क्या कहा?

गोलीबारीकीघटनाओंसेबाइडनबेचैनबोलेबहुतहुआअबहथियारोंपरलगाएंगेप्रतिबंधजानिएऔरक्याकहायूपी में अगले 2 दिन स्कूल-कॉलेज समेत बंद रहेंगे सभी शिक्षण संस्थान, लखनऊ में बारिश से बुरा हाल****** यूपी में भारी बारिश के कारण 2 दिन स्कूल-कॉलेज बंद रखने का आदेश जारी किए गए हैं। उत्तर प्रदेश में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते सभी स्कूल-कॉलेज समेत शिक्षण संस्थानों को अगले 2 दिन यानी 17 और 18 सितंबर को बंद रखा जाएगा। सीएम योगी ने अगले 2 दिन (17 औऱ 18 सितंबर, 2021) को प्रदेश में स्कूल-कॉलेज सहित सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के निर्देश दिया है।लखनऊ समेत प्रदेश भर के कई जिलों में बीते बुधवार से लगातार हो रही बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कई जिलों में 100 मिलिमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश के साथ-साथ आयी तेज हवाओं ने भी लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभों के टूटने की खबरें आ रही हैं। सीएम योगी ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कई क्षेत्रों में अतिवृष्टि के दृष्टिगत सभी मंडलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों को पूरी तत्परता से राहत कार्य संचालित कने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण कर राहत कार्यों पर नजर रखें। सीएम योगी ने कहा कि प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचायी जाए। जल-जमाव की स्थिति में प्राथमिकता पर जल निकासी की व्यवस्था करायी जाए। संबंधित जनपदों के अधिकारियों को इस आपदा से हुए नुकसानका आकलन करने के निर्देश दिए गए हैंउत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में मानसून ने खासा जोर पकड़ लिया है और पिछले 24 घंटों में इन इलाकों में ज्यादातर स्थानों पर मूसलाधार बारिश हुई। राजधानी लखनऊ में 11 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। बारिश के कारण प्रदेश के विभिन्न जिलों में दीवार अथवा मकान गिरने की घटनाओं में मलबे में दबकर कम से कम 13 लोगों की मौत होने की सूचना है। जौनपुर में चार, फतेहपुर में तीन, बाराबंकी और प्रतापगढ़ में दो-दो तथा कुशीनगर और सुलतानपुर में एक-एक व्यक्ति की मौत होने की सूचना है।यूपी में एक दिन में ही पांच गुना ज्यादा बरसात हो गई है। यूपी में भारी बारिश ने 40 से ज्यादा जिलों की सूरत बिगाड़ दी है। राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके हजरतगंत समेत राजभवन के गेट पर पानी भरा हुआ है। सीएम हाउस से 100 मीटर दूर सड़कें नदियां बन गई हैं। यूपी की योगी सरकार में मंत्री जय कुमार सिंह जैकी के घर पर भी पानी भर गया है। पॉश इलाके हजरतगंज के जॉपलिंग रोड पर भी पानी भर गया है। सीएम आवास से 100 मीटर दूर सड़कों पर पानी भरा हुआ है। विधानसभा गेट, राजभवन गेट पर पानी भरा हुआ है। कई मंत्रियों के सरकारी घरों में बारिश का पानी घुस गया है। एयरपोर्ट के रन-वे तक तक पानी में डूब गया है। लखनऊ-फैजाबाद हाईवे पर पानी जमा हो गया है। प्रशासन ने लोगों को घर में रहने की सलाह दी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात के असर के कारण UP में भारी बारिश हो रही है। बारिश का अनुमान तो था लेकिन इतनी भारी होगी इसका अनुमान नहीं लगाया गया था। उत्तर प्रदेश में 24 घंटे के अंदर औसत अनुमान से 5 गुना ज्यादा बारिश हुई है। पूरे राज्य में 33.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई, जो औसत अनुमान 7.6 मिमी से करीब 5 गुना ज्यादा है। लखनऊ में 100 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है।यूपी की राजधानी लखनऊ में हो लगातार रही मूसलाधार बारिश के चलते जिलाधिकारी ने निर्देश जारी किए हैं, जिसमें कहा गया है कि ज्यादा जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। भीड़भाड़ वाले और ट्रैफिक जाम वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। खुले सीवर व बिजली के तार खंभों से बचकर रहें। साथ ही किसी भी तरह की समस्या जलभराव पेड़ गिरने पर नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर 6389300137/6389300138/6389300139 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जिलाधिकारी कार्यालय से चेतावनी जारी कर लोगों से एहतियात बरतने और घरों में रहने की अपील की गयी है। वहीं बारिश के चलते सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। अमौसी हवाई अड्डे से कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। बारिश के चलते सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपना बाराबंकी दौरा टाल दिया है।

गोलीबारीकीघटनाओंसेबाइडनबेचैनबोलेबहुतहुआअबहथियारोंपरलगाएंगेप्रतिबंधजानिएऔरक्याकहाFIFA U-17 World Cup: घाना ने किया क्वार्टर फाइनल में प्रवेश****** घाना की अंडर-17 टीम ने बुधवार को फीफा अंडर-17 विश्व कप टूर्नामेंट के अंतिम-16 दौर के मैच में नाइजर को मात देकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। बुधवार को डी.वाई. पाटील स्टेडियम में खेले गए इस मैच में घाना ने नाइजर को 2-0 से मात दी।घाना के लिए हालांकि, इस मैच में जीत हासिल करना आसान नहीं रहा। नाइजर अपने अच्छे डिफेंस के दम पर कड़ी प्रतिद्वंद्विता दे रहा था। कप्तान एरिक अयीह ने पहले हाफ में मिले अतिरिक्त समय (49वें मिनट) में गोल कर घाना को बढ़त दी। इसके बाद भी दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखा गया। खेल की समाप्ति के अंतिम मिनट में रिचर्ड डांसो (90वें मिनट) ने गोल कर घाना को नाइजर पर 2-0 से जीत दिलाई।पदार्पण कर रही नाइजर की टीम मई में अफ्रीकी अंडर-17 टूर्नामेंट में पेनल्टी में घाना से 5-6 से हार गयी थी। हालांकि हारने वाली टीम के नायक रहे गोलकीपर खालिद लावाली, जिन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से कई शाट का बचाव किया जो जरा सी भी चूक से गोल में तब्दील हो सकते थे।नाइजर के गोलकीपर के अलावा उनके डिफेंस ने दो बार की चैम्पियन टीम को लगभग पहले हाफ तक गोल से दूर ही रखा लेकिन इंजुरी टाइम में उन्होंने पेनल्टी गंवा दी। एईया ने स्पाट किक को गोल में तब्दील किया जबकि लावाली इसे रोकने के लिये दूसरी दिशा में गिर गये। घाना के कप्तान ने अपनी तेजी और गेंद पर नियंत्रण से लगातार हमले किये। हालांकि घाना की टीम दूसरे हाफ में भी लगातार शाट के बावजूद गोल नहीं कर सकी, पर स्थानापन्न रिचार्ड दानसो को टोकु की जगह उतारे जाने के बाद तुंरत ही 90वें मिनट में गोल कर दिया।घाना का सामना अब क्वार्टर फाइनल में माली की टीम से होगा।गोलीबारीकीघटनाओंसेबाइडनबेचैनबोलेबहुतहुआअबहथियारोंपरलगाएंगेप्रतिबंधजानिएऔरक्याकहाT20 World Cup 2022 : जानिए कब होगा टीम इंडिया का ऐलान!******Highlightsअभी एशिया कप 2022 चल रहा है। एशिया की सभी टीमें इस कप को जीतने के लिए जीजान से लगी हुई हैं। एशिया कप को टी20 विश्व कप 2022 की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। इस साल अक्टूबर से लेकर नवंबर तक टी20 विश्व कप ऑस्ट्रेलिया में होना है। एशिया कप के बाद और टी20 विश्व कप से पहले टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका से भी सीरीज खेलनी है, लेकिन इससे पहले सभी की नजर टी20 विश्व कप 2022 के लिए टीम इंडिया के ऐलान पर है। विश्व कप के लिए टीम इंडिया का ऐलान कब किया जाएगा और वे कौन कौन से खिलाड़ी होंगे, जो इस बार विश्व कप 2022 में खेलते हुए नजर आएंगे।27 अगस्त से शुरू हुए एशिया कप का फाइनल मुकाबला 11 सितंबर को खेला जाएगा। टी20 विश्व कप भले अक्टूबर में खेला जाने वाला हो, लेकिन इसके लिए सभी टीमों का ऐलान सितंबर में ही कर दिया जाएगा। माना जा रहा है कि भारतीय टीम का ऐलान एशिया कप 2022 के फाइनल मुकाबले के तुरंत बाद किया जाएगा। कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय सेलेक्टर्स की एक मीटिंग 15 सितंबर को होनी है, जिसमें विश्व कप के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया जा सकता हैै। तब तक एशिया कप खत्म हो चुका होगा और जो भारतीय खिलाड़ी चोटिल होने के कारण एशिया कप से बाहर हैं, उनका भी अपडेट सामने आ जाएगा। इसके बाद 20 सितंबर से भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन टी20 मैचों की सीरीज होनी है। यानी ये संभावना है कि टी20 विश्व कप और ऑस्ट्रेलिया सीरीज के लिए एक साथ भारतीय टीम का ऐलान किया जा सकता है।एशिया कप 2022 के बाद टीम इंडिया को रेस्ट करने के लिए कुछ दिन का समय मिलेगा। 20 सितंबर से भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन टी20 मैचों की सीरीज खेली जाएगी। इसका पहला मैच 20 सितंबर को मोहाली में होगा, इसके बाद 23 सितंबर को नागपुर में दूसरा मैच होगा, तीसरा और आखिरी मैच 25 सितंबर को हैदराबाद में खेला जाना है। ये सीरीज खत्म होने के बाद दक्षिण अफ्रीकी टीम भारत दौरे पर आएगी, इसका पहला मैच 28 सितंबर को तिरुवनंतपुर में होगा, सीरीज का दूसरा मैच दो अक्टूबर को गुवाहटी में खेला जाएगा। इसके बाद तीसरा और आखिरी मैच चार अक्टूबर को इंदौर में होगा। इसके बाद तीन मैचों की वन डे सीरीज भी दक्षिण अफ्रीका से खेली जानी हैै। जिसके मैच लखनऊ, दिल्ली और रांची में खेले जाएंगे। हालांकि वन डे सीरीज में उन खिलाड़ियों को शामिल किया जा सकता है, जो टी20 विश्व कप वाली टीम में शामिल न हों।

गोलीबारीकीघटनाओंसेबाइडनबेचैनबोलेबहुतहुआअबहथियारोंपरलगाएंगेप्रतिबंधजानिएऔरक्याकहाTCS और Infosys ने निवेशकों को कराया सबसे अधिक नुकसान, Reliance-SBI के Investors की हुई चांदी******और Infosys ने बीते हफ्ते अपने निवेशकों को झटका दिया। वहीं, रिलायंस और एसबीआई के निवेशकों की अच्छी कमाई हुई। दरअसल, सेंसेक्स की शीर्ष 10 में से सात कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह सामूहिक रूप से 1,54,477.38 करोड़ रुपये की गिरावट आई। सबसे अधिक नुकसान में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और इन्फोसिस रहीं। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 812.28 अंक या 1.36 प्रतिशत नीचे आया। सप्ताह के दौरान सिर्फ रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी हुई। समीक्षाधीन सप्ताह में टीसीएस का बाजार पूंजीकरण सबसे अधिक 59,862.08 करोड़ रुपये टूटकर 11,78,818.29 करोड़ रुपये रह गया। इन्फोसिस का बाजार मूल्यांकन 31,789.31 करोड़ रुपये के नुकसान से 6,40,351.57 करोड़ रुपये पर आ गया।एचडीएफसी बैंक की बाजार हैसियत 16,090.67 करोड़ रुपये घटकर 8,13,952.05 करोड़ रुपये रह गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर का बाजार मूल्यांकन 14,814.18 करोड़ रुपये घटकर 6,04,079.91 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह बजाज फाइनेंस की बाजार हैसियत 14,430.4 करोड़ रुपये घटकर 4,27,605.59 करोड़ रुपये तथा एचडीएफसी की 13,031.62 करोड़ रुपये के नुकसान के साथ 4,34,644.36 करोड़ रुपये पर आ गई। जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का बाजार मूल्यांकन 4,459.12 करोड़ रुपये घटकर 4,29,309.22 करोड़ रुपये रह गया। इस रुख के उलट रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 3,500.56 करोड़ रुपये के उछाल के साथ 17,71,645.33 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एसबीआई का बाजार मूल्यांकन 3,034.37 करोड़ रुपये बढ़कर 4,67,471.16 करोड़ रुपये तथा आईसीआईसीआई बैंक का 523.02 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 6,06,330.11 करोड़ रुपये रहा।शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। उसके बाद क्रमश: टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एसबीआई, एचडीएफसी, एलआईसी और बजाज फाइनेंस का स्थान रहा।बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 812.28 अंक या 1.36 प्रतिशत के नुकसान में रहा। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में 199.55 अंक या 1.12 प्रतिशत की गिरावट आई।गोलीबारीकीघटनाओंसेबाइडनबेचैनबोलेबहुतहुआअबहथियारोंपरलगाएंगेप्रतिबंधजानिएऔरक्याकहाBJP Attack On Nitish Kumar: बेगूसराय कांड पर बिहार बीजेपी अध्यक्ष ने नीतीश कुमार पर कसा तंज, 'नई सरकार में कमजोर हो गए हैं मुख्यमंत्री'******Highlights बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद कानून व्यवस्था पूरी तरह से डामाडोल हो गई है। प्रदेश में लगातार आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसके बाद विपक्ष लगातार नीतीश कुमार के ऊपर निशाना साध रहा है। इसी क्रम में बिहार बीजेपी अध्यक्ष डॉक्टर संजय जायसवाल ने इंडिया टीवी से खास बातचीत में बताया कि नीतीश कुमार पूरी तरह से कमजोर हो गए हैं।उन्होंने कहा कि 2015 में नीतीश कुमार ने जब आरजेडी के साथ गठबंधन किया था तो उस समय नीतीश कुमार मजबूत स्थिति में थे। उस समय मुख्यमंत्री की अच्छी पकड़ सरकार में थी, लेकिन वर्तमान सरकार में मुख्यमंत्री की पकड़ ढीली हो गई है। अब लोकल स्तर पर असामाजिक तत्व सक्रियहो रहे हैं।डॉक्टर जायसवाल ने सीएम पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि 2005 से पहले के सभी अपराधी वर्तमान सरकार बनने के बाद एक्टिव मोड में आ गए हैं। चूंकि सीएम की पकड़ कमजोर हो गई है, इसलिए क्राइम पर कंट्रोल नहीं है और अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं।बिहार की राजनीति पूरी तरह से जातिवाद पर टिकी हुई थी, जिसे तोड़कर भाजपा ने सबका साथ सबका विकास के दम पर सरकार बनाई थी। वहीं बिहार में जातीय समीकरण की बात करें तो अगड़ी जाति महज 20% है, जिनमें सबसे अधिक राजपूत है, इसके बाद ब्राह्मण और भूमिहारों की संख्या है। 30% यादव और मुस्लिम हैं। ऐसा कहा जाता है कि इन जातियों की सहानुभूति की वजह से लालू यादव ने कई वर्षों तक बिहार में राज किया। लालू प्रसाद कई बार खुले मंचों पर भी जाति आधारित टिप्पणी किया करते थे। अगर बात करें जदयू की तो नीतीश कुमार को कुर्मी जाति का समर्थन हासिल है।अब आरजेडी और जदयू के मिल जाने से दोनों जातिगत राजनीति करने में जुट गए हैं, जिसका जीता-जागता उदाहरण जातीय जनगणना है, जहां दोनों पार्टियां इस मुद्दे पर साथ है। वर्तमान की सरकार को लगता है कि अब फिर से जाति आधारित राजनीति करते हैं तो लंबे अरसे तक सरकार में बने रहेंगे। वहीं बेगूसराय घटना में घायलों की जाति बताने पर डॉक्टर जायसवाल ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार जातिगत राजनीति कर रही है, जबकि भाजपा सरकार सबका साथ सबका विकास में विश्वास रखती है। बिहार बीजेपी अध्यक्ष ने आगे बताया कि जिस प्रकार पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने जातिगत राजनीति के आधार पर 15 साल बिहार में राज किया, ठीक उसी फॉर्मूले पर नीतीश सरकार चल पड़ी है।दरअसल, बिहार के बेगूसराय जिले में मंगलवार की देर शाम कुछ बदमाशों ने पूरे शहर में दहशत फैला दी थी। इन बदमाशों ने शहर के सड़कों पर एक के बाद एक कई जगहों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई, जिनमें 11 लोगों को गोली लगी। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना के 2 दिन बाद बेगूसराय पुलिस ने गोलीकांड का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमित, युवराज, केशव, उर्फ नागा और अर्जुन के तौर पर हुई है। इनमें से एक आरोपी नागा फरार होने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने झाझा रेलवे स्टेशन से उसे दबोच लिया।

गोलीबारीकीघटनाओंसेबाइडनबेचैनबोलेबहुतहुआअबहथियारोंपरलगाएंगेप्रतिबंधजानिएऔरक्याकहाSawan Shivratri 2022: सालों बाद बन रहा सावन शिवरात्रि का दुर्लभ संयोग, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त******Highlightsसावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। सावन में किसी भी दिन भगवान शिव की पूजा अर्चना कर उन्हें खुश किया जा सकता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने की चतुर्दशी को शिवरात्रि का व्रत होता है। इस साल सावन महीने में शिवरात्रि 26 जुलाई के दिन यानी कि कल पड़ रहा है। साथ ही सावन शिवरती मंगलवार को होने की वजह से उस दिन मंगला गौरी व्रत भी पड़ रहा है, जिस वजह से एक शुभ संयोग बन रहा है। चलिए आपको बताते हैं कि सावन शिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा कैसे की जाती है।भगवान शिव के साथ माता पार्वती को खुश करने के लिए कल आपके पास बहुत ही सुनहरा अवसर है। 26 जुलाई यानी कि कल भगवान शिव और माता पार्वती की एक साथ पूजा कर सकते हैं। दरअसल, इस साल सावन महीने में सावन शिवरात्रि और मंगला-गौरी व्रत एक ही दिन यानी कल पड़ रहा है। मंगला-गौरी व्रत सावन महीने के सभी मंगलवार को रखा जाता है। मंगला गौरी का व्रत सुहागिन महिलाएं रखती हैं। ऐसा संयोग सालों बाद बना है। भगवान शिव के साथ माता पार्वती को प्रसन्न करने के लिए मंगला-गौरी व्रत रखा जाता है।सावन शिवरात्रि की पूजा के लिए सबसे सही मुहूर्त शाम 06:30 बजे से 07:30 बजे तक रहेगा। साथ ही इस महीने की शिवरात्रि कल शाम 06:45 से शुरू होकर 27 जुलाई की रात 09:10 बजे तक रहेगी, इसलिए भगवान शिव का जलाभिषेक 26 और 27 जुलाई दोनों दिन किया जा सकता है। हिन्दू धर्म के अनुसार शिवरात्रि के दिन चारों प्रहर की पूजा करने से पुरुषार्थ, धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष मिलता है।भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उनकी विधिवत पूजा करनी चाहिए। सावन शिवरात्रि के दिन सुबह स्नान कर साफ-सुथरे कपड़े पहनें । कल मंगला गौरी व्रत भी है इसलिए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। साथ ही शिवलिंग में जलाभिषेक करने के बाद उसपर दूध, दही, शहद, चीनी चढ़ाएं । उसके बाद अब भगवान शिव को पुष्प, माला, बेलपत्र, धतूरा, शमी, आक का फूल अर्पित करें। माता पार्वती पर भी फूल चढ़ाएं। भगवान शिव और माता पार्वती को मिठाई का भोग लगाएं। इसके बाद धूप-दीप जलाकर आरती कर लें। अब भगवान शिव के तांडव स्त्रोत का पाठ करें। ऐसा करने से भगवान शिव अपने भक्तों पर बेहद प्रसन्न होते हैं और उन्हें मनचाहा आशीर्वाद देते हैं।गोलीबारीकीघटनाओंसेबाइडनबेचैनबोलेबहुतहुआअबहथियारोंपरलगाएंगेप्रतिबंधजानिएऔरक्याकहाOnline Games Ban: ऑनलाइन गेम्स 15 देशों में बैन, हमारे देश में भी रोक के लिए बने कानून, जानिए और क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?****** उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक ऐसा मामला सामने आया, जिससे सनसनी फैल गई। एक 16 साल के लड़के ने अपनी मां की सिर्फ इस वजह से हत्या कर दी कि जां ने उसे पबजी खेलने से रोका। ऑनलाइन गेम्स की लत इस कदर बच्चों में बढ़ गई है कि इसके आदी होने पर वे असामान्य व्यवहार करते हैं। लखनऊ में मां की हत्या इसी बात का उदारण है। जानिए कितने खतरनाक हैं ऑनलाइन गेम्स, कहां लगाए हैं प्रतिबंध और इसका क्या पड़ता है असर। हम यह विशेषज्ञों से भी जानेंगे कि बच्चों के मस्तिष्क पर ऑनलाइन गेम्स की लत का ऐसा क्या बुरा प्रभाव पड़ता है कि वे मरने मारने पर उतारू हो जाते हैं।भारत में कोई सख्त नियम नहींदुनिया के कई देश ऐसे गेम्स की लत से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर हैं। ब्राजील में बहुत ज्यादा हिंसा वाले गेम बंद किए। ऑस्ट्रेलिया में भी हिंसक, आपत्तिजनक व विवादित कंटेंट वाले ऑनलाइन गेम्स की अनुमति नहीं है। वहीं भारत में अभी तक इसे लेकर कोई सख्त नियम नहीं हैं। हालांकि भारत पबजी जैसे कई चाइनीज ऑनलाइन गेम्स पर दो साल पहले ही पाबंदी लगा चुका है, लेकिन अब भी ये गेम उपलब्ध हो रहे हैं।दुनिया के इन देशों में ऑनलाइन गेम्स प्रतिबंधितजबकि चीन, वेनेजुएला, ब्राजील जापान जैसे 15 देश ऑनलाइन गेम्स पर प्रतिबंध लगा चुके हैं। बैन का आधार आपत्तिजनक और हिंसक कंटेंट को बताया गया है। वेनेजुएला वर्ष 2009 में ही वीडियो गेम्स बनाने, बेचने और इस्तेमाल करने पर रोक लगा चुका है। इसी तरह सिंगापुर, सऊदी अरब, जर्मनी, ब्रिटेन, मलेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, यूएई, ईरान और पाकिस्तान भी कई पाबंदियां लगा चुके हैं। चीन में 18 साल से कम उम्र वालों को सुबह 8 से रात 9 बजे के बीच शुक्रवार, शनिवार, रविवार और सार्वजनिक छुट्‌टी के दिन अधिकतम 3 घंटे तक ही ऑनलाइन गेम खेलने की अनुमति दी जाती है।कहां आ रही है समस्या? 4 अहम बातों से समझिएसीनियर आईटी एंड साइबर एक्सपर्ट समीर शर्मा स्पष्ट इंडिया टीवी डिजिटल से चर्चा में स्पष्ट रूप से कहते हैं कि हमारे देश में कोई स्पष्ट पॉलिसी नहीं है जो ऑनलाइन गेम्स पर कंट्रोल कर पाए और उसे सेंसर करे।...तो फिर क्या करे सरकार? 2 बातों से जानिएकंडक्ट डिसॉर्डर की वजह से हिंसक हो जाते हैं बच्चे, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट?ऐसे बच्चों को कैसे कंट्रोल किया जाए?इन बातों का रखें ध्यानऐसे बच्चों को चाहित कि वे स्वयं का अवलोकन करें। इसके लिए माता-पिता भी उन्हें हेल्प करें।बच्चे बड़ों का ही अनुसरण करते हैं। इसलिए पेरेंट्स बच्चों के सामने अभद्रता व हिंसा न करें।कई बार बलि चढ़ाने जैसे दृश्य बच्चों के सामने हो जाते हैं। या फिर जानवरों को बुरी तरह पीटा जाता है। इसलिए बड़ों को चाहिए कि वे जानवरों के प्रति हिंसा बच्चों के सामने न करें। नहीं तो वे भी अनुसरण करेंगे।

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